अपराध का मुख्य वजह है नशा

Published at :21 Dec 2015 10:25 PM (IST)
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अपराध का मुख्य वजह है नशा

अपराध का मुख्य वजह है नशाबाल सुधार गृह में चलाया गया नशामुक्ति अभियान फोटोसंख्या- 19परिचय- बाल सुधार गृह में कार्यक्रम में मौजूद डीएसपी दिलनवाज अहमद, बाल संरक्षक इकाई के सहायक निदेशक प्रशांत कुमार व अन्य दरभंगा. अपराध का एक मुख्य कारण नशा है. इसके दलदल में फंसकर कई युवा तथा किशोर अपराध कर बैठते हैं. […]

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अपराध का मुख्य वजह है नशाबाल सुधार गृह में चलाया गया नशामुक्ति अभियान फोटोसंख्या- 19परिचय- बाल सुधार गृह में कार्यक्रम में मौजूद डीएसपी दिलनवाज अहमद, बाल संरक्षक इकाई के सहायक निदेशक प्रशांत कुमार व अन्य दरभंगा. अपराध का एक मुख्य कारण नशा है. इसके दलदल में फंसकर कई युवा तथा किशोर अपराध कर बैठते हैं. इससे बचाव व जागरूक बनाने को लेकर एएसपी सह सदर डीएसपी दिलनवाज अहमद की ओर से एक अभियान चलाया जा रहा है. इसी क्रम में सोमवार को बाल सुधार गृह तथ बाल गृह के बच्चों के बीच अपराध तथा नशामुक्ति को ले कार्यक्रम का आयोजन किया. परिसर में आयोजित कार्यक्रम में शहर के कई बुद्धिजीवियों ने अपने अनुभव के आधार पर बच्चों को कई महत्वपूर्ण जानकारी देते हुए इसे दूर रहने की सलाह दिया. मौके पर श्री अहमद ने अपने अनुभव के आधार पर उपस्थित बच्चों को बताया कि उन्होंने देखा है कि कैसे बच्चे नशापान के चक्कर में फंसकर अपराध कर बैठते हैं. एक बार इस दलदल में फंसने के बाद सिवा पछताने के अलावा कुछ नहीं रह जाता. .आज भी इसके शिकार कई लोग अपना स्वास्थ्य, सुखचैन सभी कुछ खो चुके हैं. जरूरत है इससे सबक लेकर इन चीजों से दूर रहने की. प्रो बीपी सिन्हा ने शिक्षा पर विशेष जोर देते हुए कहा कि खेल तथा काउंसेलिंग के जरिये इससे बचा जा सकता है. कार्यक्रम के दौरान उपस्थित चिकित्सकों की ओर से बच्चो की जांच की गयी. इस दौरान जिला बाल संरक्षण इकाई के सहायक निदेशक प्रशांत कुमार मिश्रा, डॉ संजय कुमार, डॉ पुनीत कुमार, लहेरियासराय थानाध्यक्ष जयप्रकाश सिंह, विवि थाना प्रभारी अमरेंद्र कुमार ठाकुर आदि ने विचार व्यक्त किये. बाल सुधार गृह अधीक्षक अजय कुमार तथा बाल गृह अधीक्षक दीपक सिंह ने कार्यक्रम को सफल बनाने मेंं महत्वपूर्ण भूमिका निभाया. /इबाल सुधार गृह में 55 तथा बालगृह में रह रहे 27 किशोर /इबाल सुधार गृह मेंं दरभंगा, मधुबनी तथा समस्तीपुर जिले के विधि विवादित 55 किशोर रह रहे हैं. वहीं बालगृह मंे भूले-भटके 27 किशोर रह रहे हैं.

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