शहरवासी हैं परेशान कौन हटाएगा ये जाम
शहरवासी हैं परेशान कौन हटाएगा ये जाम दरभंगा. जाम की स्थिति दिन प्रतिदिन शहरवासियों के लिए नासूर बनती जा रही है. शहर के विभिन्न भिड़-भाड़ वाले इलाकों जैसे- दरभंगा टावर, नाका 5, नाका 6, हसन चौक, कादिराबाद स्टैंड रोड़, बाघ मोड़ आदि कई ऐसे स्थान हैं जहां प्रतिदिन जाम में शहरवासी झुलसाने वाली गर्मी, चिलचिलाती […]
शहरवासी हैं परेशान कौन हटाएगा ये जाम दरभंगा. जाम की स्थिति दिन प्रतिदिन शहरवासियों के लिए नासूर बनती जा रही है. शहर के विभिन्न भिड़-भाड़ वाले इलाकों जैसे- दरभंगा टावर, नाका 5, नाका 6, हसन चौक, कादिराबाद स्टैंड रोड़, बाघ मोड़ आदि कई ऐसे स्थान हैं जहां प्रतिदिन जाम में शहरवासी झुलसाने वाली गर्मी, चिलचिलाती धूप, धूल खाने को विवश हैं. इस क्रम पर अगर स्थिरता से सोचा जाए तो कई कारण सामने आ खड़ा होगा./इप्रशासन को उठाने होंगे व्यापक कदम/इइस जाम से निजाद पाने क ी राह में प्रशासन को व्यापक कदम उठाने कि कहीं न कहीं जरुरत है.हाल हि मे प्रशासन द्वारा अतिक्र मन अभियान चलाया जा रहा है.कई स्थान को खाली कराया गया,चुनाव के मद्देनजर इस शहरको साफ रखने कि एक पहल कार्गर साबित हुई.मगर इस से निजाद नहीं दिला सकी शहरवासियों को.प्रशसान का रुख बदलते हि सड़कों पर फुटपाथि दुकानदार दुकानओं को लगाना चालू कर दिया करते है.ठेलेे वालो ,रिक्शावालो का भि यहि हाल रहता है.लोगो को अतिक्रमण से भय तो है पर कुछ हि पल तक कायम रहता है ये भय,फलस्वरुप फिर वही द्रिश्य देखने को मिलता है चौक चौराहों पर./इशहर के सड़कों का चौडि़करण लाजमी/इशहर के सड़कों पर नजर ड़ाले तो चौडि़करण होना लाजमी हैं .मानलिजिए हमारे सड़क कि चौड़ाई 20 फिट है,जिसमें से 2-3 फिट नालों मे तफदिल हो जाता है,तो बचा 17 फिट,अब इस मे से 5 फिट गाडि़यों के पार्कि ंग मे चला जाता है,कुल बचा 12 फिट इसी मे ठेलेवाले,रिक्शेवाले तथा जानावरो को भि जगह चाहिए ठहराव के जिए .इन सभी के इस्तेमाल के बाद लगभग बचेे 8 से 10 फिट जो राहगिरों के आवागमन के खातिर है, अगर इस में चार पहिया वाहन आ जाए तो हो गया बेड़ा-गड़क ,गाडि़यों के चढने उतरने के क्रम से भि उत्पन होती है जाम कि स्थिति.दुकानों के सामने बोर्ड़ कि भी जगह चाहिए.इन सब तथ्व पर नजर रखते हुए क्या हम जाम के जाल से बच पायेगें./इक्या है हमारें उत्तरदायित्व/इसब से महत्वपूर्ण है हमारा इस शहर को लेकर क्या उत्तरदायितव है,हमारे जागरुगता से हि मिलेगी इन कठिनाईयों से निजाद.सड़क के नियमों का पालन हमें करना चाहिए,हाल ये हे कि लोग सड़क पर चलते वक्त नियमों क ो ताख पर रख देते है,खुद के बढने कि होड में अपनी उलटी साईड़ मे भी जाने से बाज नही आतें.सड़कों पर खड़े होकर इस कदर बातें करते दिखते है मानों करोड़ो का माम्ला हो.बच्चों को चाहरदिवारी के बजाए सड़कों पर खेेलते देखा जा सकता है.गाडि़यों को इस तरह खड़े कर के बातों में मस्गुल होते है कि उन के कानों तक गाडि़यों के र्होन की भि आवाज सुनाई नही देती.कानों में इअर फोन लागाए चलनेे मे मस्त है यहां के नोजवान और फिर गाडि़यों कि हलकी सी ठोकर से मरने-मारने को ऊतारु हो जाते है. आस पास कि साफ -सफाई के जिमेंवारी हमारी है,खुदभी साफ रहते है और घरों को भी साफ रखतें है मगर अपने आस -पास कि गंदगी पर ध्यान रखना हमारी हि जिम्मेवारी है.कुड़ों को कुड़ेदान में हि फेकें नही तो वही कचड़ा नालों मे जा कर उसके जाम का सब्ब बन जाता है,नाले के भरते हि होगा सड़कों पर जलजमाव कि समस्या और होगी आवागमन बाधित,नोपारकिंग का बोर्ड़ लगा होने के कारण भि हम गाडि़यों को पार्क करते है ,इस से होगी जाम कि स्थिति उत्पन.एक छोटी सी समझदारी लम्बे कठिनाईयो से निजाद दिला सकती है./इनगर निगम को करनी होगी मरम्मत/इनालों और सड़कों को देखने से यह तार्त्पय हातो है कि सालों से इन कि मरम्मत हुई हि नही है,शहरवासियों को इस से खासा दिक्कतों का सामना करना पड़ता है.जलनिकासी नही होने के कारण आऐ दिन जलजमाव कि समस्यों से जूजते है राहगिर.नालों कि नियमित तौर पर सफाई व देख रेख नही होने के कारण,नालों का पानी सड़कों पर आ जमता है इस से सड़कों को नुकसान तो है हि,जाम कि स्थिति भि उत्पन होती है,यातायात धिमा होता है.पैदल चल रहे राहगिरों को सड़कों पर चलना दोभर हो जाता है.इन गंदगी के वजह से बिमारियों का भि डर लगा रहता है.नाखों पर रुमाल रख कर चलने को विवश है हम.सड़कों के उपर नालों पर स्लेबों के बीच में दरारों के दरमियान अक्सर मोटरसाइकिल,रिक्शा,टेम्पो के पहियों के फ ंसने के कारण घटना घटती हो जाती है, ये नगर निगम से छूपा नही है .समय रहते अगर नही व्यापक कदम नही उठाए गऐ तो ये धटना किसी के मृत्यु का कारण भि बन सकता है.पार्किंग कि व्यवस्था पर भि ऊठाने होंगे नगर निगम को.
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