सूख रहे धान, किसानोे ं का फट रहा कलेजा

Updated:
विज्ञापन

सूख रहे धान, किसानोे ं का फट रहा कलेजाफोटो संख्या: बाद में बता दी जायेगी परिचय:सदर. दरभंगा. कुशी अमावस्या चौठी चांद’ अब की रोपत धान किसान. घाघ की इस उक्ति को ध्यान में रखकर किसान हथिया नक्षत्र में वर्षा होने को लेकर उम्मीद से भरे थे. लेकिन एक सप्ताह इस नक्षत्र के बीतने के बाद […]

विज्ञापन

सूख रहे धान, किसानोे ं का फट रहा कलेजाफोटो संख्या: बाद में बता दी जायेगी परिचय:सदर. दरभंगा. कुशी अमावस्या चौठी चांद’ अब की रोपत धान किसान. घाघ की इस उक्ति को ध्यान में रखकर किसान हथिया नक्षत्र में वर्षा होने को लेकर उम्मीद से भरे थे. लेकिन एक सप्ताह इस नक्षत्र के बीतने के बाद भी एक बूंद वर्षा नहीं हुई. मौसम की इस बेहाली के कारण किसानों के अगहनी (धान) तो खेत में ही सूख रहे हैं. नमी की कमी के कारण रबी फसल की भी उम्मीद नहीं दिखती. किसानों पर इस प्राकृतिक आपदा पर अबतक किसी राजनीतिक दल ने उपाय की कौन कहे सांत्वना के दो बोल भी कहना मुनासिब नहीं समझ रहे. कई बुजुर्गों का मानना है कि किसानों के मुद‍्दे को दर किनार रखने के लिए ही राजनेता अनाप-शनाप मुद‍्दे उठा रहेे हैं. प्रखंड के अदलपुर पंचायत के किसानों को अपनी ही फसल उगाने के लिए पटवन की भारी समस्या है. कुछ के पास निजी बोरिंग है. इससे वे अपने खेत में लगे फसल की सिंचाई कर लेतेे हैं. यहां एक सरकारी स्टेट बोरिंग है भी तो वे कई सालों से बंद पड़ा है. स्थानीय किसान कई सालों से तेलहन गांव के निकट जीवछ में पुल के करीब 400 फीट कि दूरी पर स्लुइसगेट (फाटक) लगाये जाने की मांग करते आ रहे हैैं. इसके बन जाने से करीब पांच हजार एकड़ की जमीन में फसल की अच्छी पैदावार होगी. इससे करीब अगल-बगल के आधे दर्जन पंचायत को भी लाभ मिलेगा.मंगलवार को अदलपुर पंचायत में लगे चुनावी चौपाल में यह बातें सामने आयीं. इसमें शामिल किसान खरीफ फसल को बर्बाद होने और आगे रबी की फसल नहीं उपजाने की चर्चा कर रहे थे. अदलपुर के किसान राजाराम पासवान अपनी दो बीघा जमीन में धान की फसल लगाये हैं. इसमें अब तक 10-15 हजार रुपये तक वे खर्च कर चुके हैं. लेकिन अब वे पूंजी लगाने में असमर्थ हैं. स्थानीय लालबाबू पासवान शरीर से विकलांग है. इसके बाद भी वे अपने ढाई एकड़ जमीन में महाजन से कर्ज लेकर धान की खेती की है. लालबाबू का कहना है कि बारिश नही होनेे से धान का बाली नही निकल रहा है. उपज नही होने से परिवार को भूखे रहना होगा. महाजन का कर्ज नही देने पर अब आगे कर्ज देने से मना कर देगें. महिला किसान भुलिदा देवी, राघा देवी, मधुरी सदा, सुखदेव सदा,अमिता देवी, राजकु मार पासवान,आदि का कहना है कि अगर जीवछ नदी में फाटक की व्यवस्था होती व स्टेट बोरिंग चालू रहता तो यह दिन नही देखना पड़ता. सभी ने मिलकर इसे चुनावी मुददा बनाने की सोच रखा है.

विज्ञापन
Prabhat Khabar Digital Desk

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar Digital Desk

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन