आजादी मिलते ही बदला पुलिस प्रशासन का सुर

Updated at : 13 Aug 2019 1:40 AM (IST)
विज्ञापन
आजादी मिलते ही बदला पुलिस प्रशासन का सुर

दरभंगा :बहादुरपुर प्रखंड के अंदामा गांव निवासी स्व. राम अशीष सिंह की 90 वर्षीया पत्नी गुलाब देवी ने पराधीन भारत व स्वतंत्र भारत के कई बनते-बिगड़ते चित्र देखा है. समस्तीपुर जिले के कल्याणपुर प्रखंड के खरसर गांव में वासुदेव नारायण सिंह के घर जन्म लेनेवाली गुलाब देवी की शादी आजादी के दीवाने राम अशीष सिंह […]

विज्ञापन

दरभंगा :बहादुरपुर प्रखंड के अंदामा गांव निवासी स्व. राम अशीष सिंह की 90 वर्षीया पत्नी गुलाब देवी ने पराधीन भारत व स्वतंत्र भारत के कई बनते-बिगड़ते चित्र देखा है. समस्तीपुर जिले के कल्याणपुर प्रखंड के खरसर गांव में वासुदेव नारायण सिंह के घर जन्म लेनेवाली गुलाब देवी की शादी आजादी के दीवाने राम अशीष सिंह से हुई थी. स्वतंत्रता मिलने की खुशी को बयां करते हुए उनकी आंखें भर जाती हैं. कहती हैं कि जिस आजादी के लिए पति ने लड़ाई लड़ी, वह जब मिली तो खुशी का ठिकाना नहीं था.

बतायी कि स्वतंत्रता आंदोलन की लड़ाई में कई बार पति-पत्नी जेल जा चुके थे. पुलिस की लाठियां खाई. कस्तूरबा गांधी के विचार से प्रभावित होकर स्वतंत्रता आंदोलन में कूद पड़ी. आजादी के लिए 15 अगस्त की तारीख मुकम्मल होने के बाद 14 अगस्त की रात 11 बजे संसद की कार्यवाही शुरु हुई. इसकी जानकारी रेडियो से मिली. विस्तृत जानकारी दो दिनों बाद समाचार पत्र के माध्यम से मिली थी. 14 अगस्त एक ऐसी रात थी, जब देश सोया तो था, गुलाम भारत में पर नींद खुली आजादी की नई सुबह के साथ.
अगले दिन यानी 15 अगस्त को सुबह हुई, तो देश अंग्रेजी हुकूमत के चंगुल से आजाद हो चुका था. लोगों की आंखों में न तो नींद थी और न कोई आलस. देश को अंग्रेजी हुकूमत से आजादी मिलने की खुशी से लोग उड़े-उड़े फिर रहे थे. सबकी आंखों में आने वाले भारत का सुनहला सपना तैर रहा था. पूरे इलाके में जश्न का माहौल था. सरकारी संस्थानों एवं थाना आदि में जहां पहले अंग्रेजों का झंडा नजर आता था, तिरंगा लहराने लगा था.
तिरंगे को देखकर आजादी के दीवानों की आंखें नम हो रही थी. पुलिस प्रशासन का सुर बदल गया था. वे आजादी के दीवानों के सुर से सुर मिला कर बोल रहे थे. एक पीड़ा उनके चेहरे पर साफ नजर आयी कि अंग्रेजों ने जो सरकारी कार्य में बाधा पहुंचाने व लूटपाट करने आदि को लेकर मुकदमा कर रखा था, आजाद भारत में भी करीब 10 वर्ष तक उसका सामना करना पड़ा था.
विज्ञापन
Prabhat Khabar Digital Desk

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar Digital Desk

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन