डीएमसीएच में जल संकट, मरीजों को नहीं िमल रहा पीने का पानी
Published by :Prabhat Khabar Digital Desk
Published at :24 May 2018 5:05 AM (IST)
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गायनिक विभाग के सभी चापाकल खराब बोतल बंद पानी पीने के लिए मरीज व परिजन मजबूर दरभंगा : गरमी दस्तक देते ही डीएमसीएच में पेयजल संकट शुरू हो गया है. चापाकल फेल होने लगा है. इस कारण इलाजरत मरीज व उनके परिजनों की परेशानी बढ़ गयी है. पेयजल के लिए पूरे अस्पताल का चक्कर लगाना […]
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गायनिक विभाग के सभी चापाकल खराब
बोतल बंद पानी पीने के लिए मरीज व परिजन मजबूर
दरभंगा : गरमी दस्तक देते ही डीएमसीएच में पेयजल संकट शुरू हो गया है. चापाकल फेल होने लगा है. इस कारण इलाजरत मरीज व उनके परिजनों की परेशानी बढ़ गयी है. पेयजल के लिए पूरे अस्पताल का चक्कर लगाना पड़ रहा है. मौसम के मिजाज को देखते हुए आनेवाले समय में इस समस्या के विकराल होने के पूरे आसार नजर आ रहे हैं. इस दिशा में अस्पताल प्रशासन की ओर से अभी तक धरातल पर परिणामदायी पहल नजर नहीं आ रही है. यह समस्या कोई नई नहीं है.
प्राय: प्रत्येक साल गरमी आते ही यह समस्या शुरू हो जाती है. मालूम हो कि यहां उत्तर बिहार के अधिकांश जिलों के अतिरिक्त पड़ोसी देश नेपाल से भी बड़ी संख्या में लोग उपचार के लिए पहुंचते हैं. प्रत्येक दिन औसतन दो हजार मरीजों की भीड़ सिर्फ आउटडोर में जुटती है. इसके अलावा इमरजेंसी, गायनिक आदि विभाग में भी बड़ी संख्या में मरीज पहुंचते हैं.
पांच चापाकल फेल: डीएमसीएच के प्राय: प्रत्येक विभाग में पेयजल का संकट है. यह समस्या इमरजेंसी, सर्जरी, आॅर्थो, गायनिक एवं आंख विभाग में ज्यादा देखने को मिल रही है. बता दें कि इन विभागों में कुल 14 चापाकल हैं. इसमें केवल नौ चापाकल से ही पानी निकल रहा है. बांकी बचे चापाकल भी गर्मी बढ़ने के साथ ही जवाब देने लगे हैं. उन चापाकल के भी हलक सूखने लगे हैं. इस कारण मरीज के परिजनों को पेयजल के लिए अन्य विभागों का चक्कर लगाना पड़ता है, लेकिन वहां भी यही दृश्य देखने को मिलता है. मजबूरी में बोतल का पानी बाहर से खरीद कर अपनी प्यास बुझाते हैं.
सभी चापाकल वर्षों पुराने: पीएचइडी विभाग द्वारा लगाये गये सभी चापाकल वर्षों पुराने हो चुके हैं. पानी के लेयर काफी नीचे चले जाने के कारण यह समस्या हो रही है. इस कारण गरमी आते ही चापाकल सूखने लगते हैं. काफी प्रयास के बावजूद उससे पानी नहीं निकल पाता. चालू अवस्था के नौ चापाकलों में चार ऐसे हैं जिनसे काफी कम मात्रा में पानी निकलता है.
अतिरिक्त चापाकल लगाये अस्पताल प्रशासन
इससे परेशान मनीगाछी के लोकन ठाकुर कहते हैं कि इतने बड़े अस्पताल में पेयजल संकट होना दूर्भाग्यपूर्ण है. सरकार हर घर जल का नल कार्यक्रम चला रही है, वहीं यहां पेय जल के लिए लोगों को भटकना पड़ रहा है. वहीं करीब एक सप्ताह से आर्थो विभाग में अपने एडमिट भाई के साथ रह रहे बेनीपुर महिनाम के लड्डु पासवान बताते हैं कि सबसे विकट समस्या रात में होती है. पानी के लिये नीचे उतरना पड़ता है. महिलाओं को अधिक परेशानी होती है. डीएमसीएच प्रशासन को इस समस्या को शीघ्र दूर करना चाहिये. पेयजल के लिये और भी चापाकल गाड़ना चाहिये.
अधिकारी बोले
विभागों के चापाकल खराब होने की सूचना अभी तक नहीं मिली है. सूचना मिलने के बाद ठीक कराने के लिए पीडब्ल्यूडी विभाग को पत्र लिखा जाएगा.
डॉ बालेश्वर सागर, प्रभारी अधीक्षक डीएमसीएच
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