Cyber Security: अब बुजुर्गों को आसानी से नहीं फंसा पाएंगे साइबर ठग, जानिए कैसे काम करेगा डुअल OTP सिस्टम

Edited by Aniket Kumar
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बुजुर्गों के लिए डुअल ओटीपी सिस्टम, फोटो-एआई

Cyber Security: डिजिटल अरेस्ट और साइबर ठगी से बुजुर्गों को बचाने के लिए डुअल ओटीपी सिस्टम महत्वपूर्ण सुरक्षा कवच बन सकता है. दो स्तर के सत्यापन से साइबर अपराधियों के लिए बैंक खातों से रकम निकालना पहले की तुलना में अधिक कठिन हो जाएगा. पढे़ं पूरी खबर…

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Cyber Security: देशभर में बढ़ते साइबर अपराध और खासकर बुजुर्गों को निशाना बनाकर किए जा रहे डिजिटल अरेस्ट जैसे मामलों के बीच सीनियर सिटीजन के लिए एक नई सुरक्षा व्यवस्था चर्चा में है. साइबर सुरक्षा को मजबूत बनाने के उद्देश्य से बैंकिंग लेन-देन में ‘डुअल ओटीपी सिस्टम’ को बढ़ावा दिया जा रहा है, जिससे बुजुर्ग खाताधारकों को अतिरिक्त सुरक्षा मिल सकेगी. गृह मंत्रालय की ओर से भी समय-समय पर ऐसे साइबर फ्रॉड से सतर्क रहने की सलाह दी जाती रही है.

अक्सर खुद को अधिकारी बता डराते हैं ठग

साइबर अपराधी अक्सर खुद को पुलिस, सीबीआई, ईडी या किसी सरकारी एजेंसी का अधिकारी बताकर बुजुर्गों को डराते हैं. कई मामलों में लोग घबराकर ओटीपी, बैंकिंग जानकारी या रकम अपराधियों के बताए खाते में ट्रांसफर कर देते हैं. ऐसे में डुअल ओटीपी सिस्टम सुरक्षा की एक अतिरिक्त परत के रूप में काम कर सकता है.

क्या है डुअल OTP सिस्टम?

इस व्यवस्था के तहत बैंकिंग ट्रांजैक्शन के दौरान सिर्फ एक नहीं बल्कि दो स्तर पर सत्यापन किया जाता है.

  • पहला ओटीपी खाताधारक के रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर पर भेजा जाता है.
  • दूसरा ओटीपी उस भरोसेमंद परिवार सदस्य या नॉमिनी के मोबाइल नंबर पर भेजा जाता है, जिसे बैंक रिकॉर्ड में दर्ज किया गया हो.

ट्रांजैक्शन पूरा करने के लिए दोनों ओटीपी का सत्यापन जरूरी होता है. यदि किसी एक ओटीपी की पुष्टि नहीं होती है तो लेन-देन पूरा नहीं हो पाता.

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डिजिटल अरेस्ट जैसे फ्रॉड में कैसे करेगा मदद?

साइबर अपराधी अक्सर फोन पर दबाव बनाकर बुजुर्गों से ओटीपी हासिल कर लेते हैं. लेकिन यदि ट्रांजैक्शन के लिए दूसरे ओटीपी की भी जरूरत होगी, तो परिवार के सदस्य की जानकारी के बिना रकम निकालना या ट्रांसफर करना मुश्किल हो जाएगा.

इससे संदिग्ध लेन-देन की स्थिति में परिवार को अलर्ट मिलने का समय भी मिलेगा और वे समय रहते हस्तक्षेप कर सकेंगे.

बड़े लेन-देन पर मिलेगी अतिरिक्त निगरानी

विशेषज्ञों का मानना है कि दोहरी सत्यापन प्रक्रिया बड़े और संदिग्ध ट्रांजैक्शन पर सुरक्षा कवच का काम कर सकती है. इससे परिवार के सदस्य खाते में होने वाली गतिविधियों पर नजर रख सकेंगे और किसी भी असामान्य गतिविधि की जानकारी तुरंत प्राप्त कर सकेंगे.

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मुजफ्फरपुर में सामने आ चुके हैं कई मामले

हाल के महीनों में मुजफ्फरपुर में डिजिटल अरेस्ट के कई बड़े मामले सामने आए हैं. आमगोला निवासी एक रिटायर्ड बैंक मैनेजर से 67 लाख रुपये, भगवानपुर निवासी 70 वर्षीय बुजुर्ग से 18.25 लाख रुपये और एक सेवानिवृत्त बिजलीकर्मी से 17 लाख रुपये की साइबर ठगी की घटनाएं सामने आ चुकी हैं. इन मामलों ने बुजुर्गों की साइबर सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ा दी है.

क्या करें सीनियर सिटीजन?

विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि किसी भी अनजान कॉल पर ओटीपी, बैंक डिटेल या व्यक्तिगत जानकारी साझा न करें. यदि बैंक ऐसी अतिरिक्त सुरक्षा सेवाएं उपलब्ध कराता है, तो उसे सक्रिय कराने पर विचार करें. किसी भी संदिग्ध कॉल की सूचना तुरंत 1930 साइबर हेल्पलाइन या नजदीकी साइबर थाना को दें.

मुजफ्फरपुर से चंदन सिंह की रिपोर्ट

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अनिकेत एक पत्रकार और हिंदी कंटेंट राइटर हैं, जिन्हें डिजिटल मीडिया, पॉलिटिकल रिपोर्टिंग, हाइपरलोकल और ऑडियंस-फर्स्ट कंटेंट क्रिएशन का चार सालों से अधिक का एक्सपीरियंस है. उन्होंने बिहार की जमीनी राजनीति, ग्रामीण समाज, प्रशासनिक व्यवस्था, कृषि, शिक्षा, रोजगार, चुनाव, सामाजिक मुद्दों और जनसरोकार से जुड़ी खबरों पर लगातार काम किया है. वर्तमान में वे प्रभात खबर डिजिटल में कंटेंट राइटर एवं सब एडिटर के रूप में कार्यरत हैं, जहां वे बिहार स्पेशल समाचार, एक्सप्लेनर स्टोरी, ब्रेकिंग न्यूज और ग्राउंड रिपोर्ट तैयार करते हैं. मीडिया और पत्रकारिता के क्षेत्र में उनकी पहचान ऐसे पत्रकार के रूप में बन रही है जो सिर्फ खबर नहीं लिखते, बल्कि उसके पीछे छिपे सामाजिक, राजनीतिक और मानवीय पहलुओं को भी पाठकों के सामने सरल भाषा में रखने का प्रयास करते हैं. उनकी लेखन शैली बोलचाल की हिंदी, तथ्यात्मक प्रस्तुति और डिजिटल पाठकों की जरूरतों के अनुरूप मानी जाती है. वे विशेष रूप से उन विषयों पर काम करते हैं जिनका सीधा प्रभाव आम लोगों के जीवन पर पड़ता है. प्रभात खबर में वर्तमान भूमिका अक्टूबर 2024 से प्रभात खबर की डिजिटल टीम का हिस्सा बनने के बाद अनिकेत बिहार की राजनीति, प्रशासन, सरकारी योजनाओं, मौसम, कृषि, रोजगार, पंचायत, शिक्षा और स्थानीय घटनाओं से जुड़ी खबरों को डिजिटल प्लेटफॉर्म के लिए तैयार कर रहे हैं. साथ ही मुजफ्फरपुर यूनिट में डिजिटल आउटपुट टीम को लीड कर रहे हैं. बिहार विधानसभा चुनाव में विशेष जिम्मेदारी अनिकेत के करियर का सबसे महत्वपूर्ण अध्याय प्रभात खबर का विशेष चुनावी अभियान "इलेक्शन एक्सप्रेस" रहा है. इस प्रतिष्ठित प्रोजेक्ट के तहत उन्हें फील्ड रिपोर्टर के रूप में चुना गया, जहां उन्होंने बिहार विधानसभा चुनाव के दौरान लगभग 50 विधानसभा क्षेत्रों में जाकर जमीनी रिपोर्टिंग की. इस दौरान उन्होंने गांवों, कस्बों और शहरों में मतदाताओं से सीधे संवाद किया. महिलाओं, युवाओं, पहली बार मतदान करने वाले मतदाताओं, वरिष्ठ नागरिकों और समाज के वंचित वर्गों की राय को सामने लाने का काम किया. उन्होंने चौपालों, जनसंवाद कार्यक्रमों और सड़क किनारे होने वाली राजनीतिक बहसों का संचालन किया और चुनावी मुद्दों, स्थानीय समस्याओं और जनभावनाओं पर आधारित अनेक विशेष रिपोर्ट तैयार कीं. इस प्रोजेक्ट ने उन्हें पॉलिटिकल रिपोर्टिंग, ग्राउंड जर्नलिज्म, जनसंवाद, डेटा आधारित विश्लेषण और तेजी से बदलते चुनावी माहौल को समझने का एक्सपीरियंस दिया. राजस्थान पत्रिका में चुनावी पत्रकारिता का अनुभव प्रभात खबर से पहले अनिकेत राजस्थान पत्रिका के डिजिटल वीडियो विभाग से जुड़े रहे. यहां उन्होंने उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव के दौरान कवरेज में सक्रिय भूमिका निभाई. उनकी जिम्मेदारियों में वीडियो स्क्रिप्टिंग, फील्ड कोऑर्डिनेशन, रिसर्च और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के लिए कंटेंट तैयार करना शामिल था. चुनावी माहौल में काम करने के दौरान उन्होंने मतदाताओं के मुद्दों, राजनीतिक रुझानों और स्थानीय जनभावनाओं को समझते हुए वीडियो और डिजिटल स्टोरीटेलिंग के माध्यम से उन्हें व्यापक दर्शकों तक पहुंचाया. न्यूजट्रैक में डिजिटल न्यूज ऑपरेशन अनिकेत ने न्यूजट्रैक में कंटेंट राइटर और सब एडिटर के रूप में भी कार्य किया. यहां उन्होंने ब्रेकिंग न्यूज, राजनीति, ट्रेंडिंग विषयों और नेशनल हैपनिंग पर तेज गति से काम किया. उनकी भूमिका में डिजिटल न्यूज लेखन, कंटेंट एडिटिंग, SEO ऑप्टिमाइजेशन और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के लिए समाचारों को तैयार करना शामिल था. अनिकेत की विशेषज्ञता कई महत्वपूर्ण क्षेत्रों में है: -राजनीतिक रिपोर्टिंग और चुनाव कवरेज - हाइपरलोकल और जिला स्तरीय पत्रकारिता - SEO आधारित डिजिटल न्यूज लेखन - Google Discover कंटेंट स्ट्रैटेजी - एक्सप्लेनर आर्टिकल - सोशल मीडिया कंटेंट ऑप्टिमाइजेशन - ग्राउंड रिपोर्टिंग - वीडियो स्क्रिप्टिंग और डिजिटल स्टोरीटेलिंग - AI टूल्स और डिजिटल कंटेंट वर्कफ्लो - यूट्यूब ऑप्टिमाइजेशन शिक्षा और उपलब्धियां अनिकेत ने University of Allahabad से मीडिया स्टडीज में स्नातक की शिक्षा प्राप्त की है. पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया के क्षेत्र में अपने कौशल को मजबूत करने के लिए उन्होंने Instagram Marketing और WordPress SEO से जुड़े प्रोफेशनल सर्टिफिकेशन भी हासिल किए हैं. डिजिटल पत्रकारिता के प्रति उनकी प्रतिबद्धता और प्रदर्शन के लिए उन्हें विभिन्न संस्थानों में "स्टार ऑफ द मंथ" और "टारगेट अचीवर" जैसे अवॉर्ड भी प्राप्त हुए हैं. आज अनिकेत कुमार का फोकस ऐसी पत्रकारिता पर है जो जमीनी हकीकत और डिजिटल तकनीक के बीच संतुलन बनाकर पाठकों तक विश्वसनीय, उपयोगी और प्रभावशाली जानकारी पहुंचाए. बिहार की राजनीति, समाज और विकास से जुड़े विषयों पर उनकी लगातार नजर रहती है, और वे डिजिटल युग की जरूरतों के हिसाब से हिंदी पत्रकारिता को नए आयाम देने की दिशा में सक्रिय हैं.

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