26.1 C
Ranchi

BREAKING NEWS

Advertisement

गांव की आबादी 1200 से अधिक फिर भी नहीं कोई स्कूल, फरियादी की समस्या पर सीएम नीतीश कुमार ने दिया निर्देश

बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार सोमवार को लंबे समय के बाद मुख्यमंत्री सचिवालय परिसर में आयोजित जनता दरबार कार्यक्रम में शामिल हुए. इस दौरान मुख्यमंत्री ने राज्य के विभिन्न जिलों से आए 47 लोगों की समस्याएं सुनीं और उनके समाधान के लिए संबंधित विभाग के अधिकारियों को उचित कार्रवाई करने का निर्देश दिया.

बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार सोमवार को लंबे समय के बाद मुख्यमंत्री सचिवालय परिसर में आयोजित जनता दरबार कार्यक्रम में शामिल हुए. इस कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने प्रदेश के विभिन्न जिलों से फरियादियों की समस्याएं सुनीं और उनका त्वरित निदान किया. इस कार्यक्रम में सामान्य प्रशासन विभाग, स्वास्थ्य विभाग, शिक्षा विभाग, समाज कल्याण विभाग, पिछड़ा एवं अति पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग, वित्त विभाग, अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति कल्याण विभाग, अल्पसंख्यक कल्याण विभाग, विज्ञान एवं प्रावैधिकी विभाग, सूचना प्रावैधिकी विभाग, कला, संस्कृति एवं युवा विभाग, श्रम संसाधन विभाग एवं आपदा प्रबंधन विभाग से संबंधित शिकायतें सुनी. इस दौरान मुख्यमंत्री ने राज्य के विभिन्न जिलों से पहुंचे 47 लोगों की समस्याओं को सुना और संबंधित विभागों के अधिकारियों को समाधान के लिए समुचित कार्रवाई के निर्देश दिए.

गांव की आबादी 12 सौ से अधिक फिर भी नहीं है प्राथमिक स्कूल

गया जिले से आए मदन सिंह ने मुख्यमंत्री से गुहार लगाते हुए कहा कि मेरे गांव बड़की परसिया की आबादी 1200 से अधिक है, वहां कोई प्राथमिक विद्यालय नहीं है, इसलिए मेरे गांव में एक विद्यालय का निर्माण कराया जाये. मुख्यमंत्री ने शिक्षा विभाग को उचित कार्रवाई करने का निर्देश दिया.

स्कूल में जलजमाव की समस्या लेकर पहुंचा फरियादी

कैमूर जिले के मोहनिया प्रखंड के एक ग्रामीण ने मुख्यमंत्री से शिकायत करते हुए कहा कि अर्रा गांव के राजकीय उत्क्रमित मध्य विद्यालय परिसर में स्थानीय निवासियों द्वारा गंदा पानी बहा दिया जाता है, जिससे विद्यालय में जलजमाव की स्थिति उत्पन्न हो जाती है और शिक्षण कार्य बाधित हो जाता है. बच्चों और शिक्षकों को काफी असुविधा होती है. मुख्यमंत्री ने शिक्षा विभाग को उचित कार्रवाई करने का निर्देश दिया.

बालिका प्रोत्साहन योजना का नहीं मिला लाभ

मुजफ्फरपुर जिले से आई देवयानी भारती ने मुख्यमंत्री से गुहार लगाते हुए कहा कि मैं वर्ष 2019 में स्नातक उत्तीर्ण कर चुकी हूं लेकिन अब तक मुझे मुख्यमंत्री बालिका (स्नातक) प्रोत्साहन योजना का लाभ नहीं मिला है. मुख्यमंत्री ने शिक्षा विभाग को उचित कार्य करने का निर्देश दिया.

स्कूल की जमीन पर कब्जे की शिकायत ले पहुंचा फरियादी

बक्सर जिले के ब्रह्मपुर से आये उदय कुमार उज्जैन ने मुख्यमंत्री से सरकारी स्कूल परिसर की जमीन पर असामाजिक तत्वों द्वारा कब्जा किये जाने की शिकायत की. मुख्यमंत्री ने संबंधित विभाग को उचित कार्रवाई करने का निर्देश दिया.

सहायता राशि नहीं मिली : फरियादी

जहानाबाद जिले के मखदुमपुर से आयीं मंजू देवी ने मुख्यमंत्री से गुहार लगाते हुए कहा कि उनके ससुर की मौत कोरोना से हो गयी थी लेकिन अब तक सहायता राशि नहीं मिली है.मुख्यमंत्री ने आपदा प्रबंधन विभाग को उचित कार्रवाई करने का निर्देश दिया.

कटावरोधी कार्य कराने की मांग

मधेपुरा जिले से आये पिंटू कुमार ने मुख्यमंत्री से गुहार लगाते हुए कहा कि ग्वालपाड़ा प्रखंड के सुखासन पंचायत में बरसात के दिनों में सुरसा नदी में पानी का बहाव बढ़ने से भीषण कटाव की स्थिति उत्पन्न हो जाती है. कृपया ग्रामीणों की सुरक्षा हेतु कटावरोधी कार्य करायें. मुख्यमंत्री ने संबंधित विभाग को उचित कार्रवाई करने का निर्देश दिया.

ट्राइसाइकिल के लिए पहुंचा दिव्यांग

समस्तीपुर जिले से आये कलमुद्दीन ने मुख्यमंत्री से गुहार लगाते हुए कहा कि मैं दिव्यांग हूं, मुझे बैटरी चालित ट्राइसाइकिल उपलब्ध करायी जाये, ताकि मुझे आवागमन में सुविधा हो. मुख्यमंत्री ने समाज कल्याण विभाग को उचित कार्रवाई करने का निर्देश दिया.

लंबे अर्से बड़ लोगों से मिले सीएम

बता दें कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने लंबे अर्से बाद जनता दरबार लगाया है. तबीयत नासाज होने और डॉक्टरों की सलाह पर सीएम आराम कर रहे थे. इसी वजह से जनता दरबार के कार्यक्रम को रद्द किया गया था. सीएम ने आखिरी जनता दरबार 16 अक्टूबर को लगाया था, जिसके बाद आज सोमवार को मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने एक बार फिर से जनता दरबार लगाया है.

Also Read: बिहार में अब बिजली बिल से कमाई, स्मार्ट प्रीपेड मीटर में एडवांस पैसा रखने पर मिलेगा ब्याज, जानिए कब होगा लागू

अनुकंपा के आधार पर नियुक्ति में हो रही देरी: फरियादी

मुख्यमंत्री के जनता दरबार कार्यक्रम में मुंगेर जिले से आए अभिषेक कौशिक ने मुख्यमंत्री से गुहार लगाते हुए कहा कि उनके पिता शिक्षा विभाग में कार्यरत थे और उनकी मृत्यु हो गयी. अनुकंपा के आधार पर की जाने वाली नियुक्ति में देरी हो रही है, जिससे परिवार की आर्थिक स्थिति दयनीय होती जा रही है, कृपया इसका समाधान निकालें. जिसके बाद मुख्यमंत्री ने शिक्षा विभाग को उचित कार्रवाई करने का निर्देश दिया.

ये रहे मौजूद

जनता के दरबार में मुख्यमंत्री कार्यक्रम में वित्त, वाणिज्य कर एवं संसदीय कार्य मंत्री विजय कुमार चौधरी, समाज कल्याण मंत्री मदन सहनी, विज्ञान एवं प्रावैधिकी मंत्री सुमित कुमार सिंह, कला, संस्कृति एवं युवा विभाग के मंत्री जितेन्द्र कुमार राय, अल्पसंख्यक कल्याण मंत्री मो० जमा खान, श्रम संसाधन मंत्री सुरेन्द्र राम, सूचना प्रावैधिकी मंत्री मो० इसराईल मंसूरी, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव दीपक कुमार, मुख्य सचिव आमिर सुबहानी, पुलिस महानिदेशक आरएस भट्टी, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव डॉ० एस सिद्धार्थ, संबंधित विभागों के अपर मुख्य सचिव / प्रधान सचिव / सचिव, मुख्यमंत्री के सचिव अनुपम कुमार, मुख्यमंत्री के विशेष कार्य पदाधिकारी गोपाल सिंह, पटना के जिलाधिकारी चंद्रशेखर सिंह तथा वरीय पुलिस अधीक्षक राजीव मिश्रा उपस्थित थे.

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Advertisement

अन्य खबरें