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टूट गइले भट्ठी-फूट गइले बोतल, बंद भइले दारु के दुकनिया हो...महिलाओं की इस गीत को सुनकर गदगद हुए नीतीश कुमार

Updated at : 22 Jan 2023 12:35 PM (IST)
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टूट गइले भट्ठी-फूट गइले बोतल, बंद भइले दारु के दुकनिया हो...महिलाओं की इस गीत को सुनकर गदगद हुए नीतीश कुमार

समाधान यात्रा के तहत बीते शनिवार को मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने बोधगया प्रखंड स्थित इलरा गांव में नीरा प्रोसेसिंग यूनिट का जायजा लिया. इस दौरान महिलाओं ने सीएम को घेरकर स्वागत गान गाया. जिसे सुनकर सीएम खुब खुश नजर आए.

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पटना/गया: समाधान यात्रा के तहत बीते शनिवार को मुख्यमंत्री नीतीश कुमार गया पहुंचे. इस दौरान सीएम ने बोधगया प्रखंड स्थित इलरा गांव में नीरा प्रोसेसिंग यूनिट का जायजा लिया. उसके मुख्यमंत्री ने नीरा उत्पादन से जुड़ी जीविका दीदियों से बातचीत की और उनका उत्साह बढ़ाया. मौके जीविका दीदियों ने शराबबंदी पर लिखा एक लोक गीत गाकर सुनाया. जिसे सुनकर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार खूब खिलखिलाकर हंसे. सीएम ताली बजाकर महिलाओं का उत्साह भी बढ़ाते नजर आए.

‘बंद भइले दारु दुकनिया हो…’

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नीरा प्रोसेसिंग यूनिट पहुंचते ही स्वागत गान के रूप में महिलाओं ने खुद से लिखा हुआ लोकगीत गाया. जिसके बोल ‘टूट गइले भट्ठी-टू गइले बोतल…बंद भइले दारू के दुकनवा हो…बंद भइले घर के झगड़वा हो था. महिलाओं के द्वारा इस लोक गीत को सुनकर सीएम कुछ क्षण के लिए वहीं ठहरे. लोक गीत को सुनकर सीएम गदगद नजर आए. उन्होंने जीविका दीदी को बधाई देते हुए कहा कि आपलोग पूरे बिहार में शानदार काम कर रहीं हैं. आपलोग जितना बढ़िया काम करिएगा, सरकार आप लोगों की उतनी ही मदद करेगी.

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नीरा की ताऱीफ की

मौके पर पत्रकारों से बातचीत करते हुए सीएम नीतीश ने कहा कि जीविका दीदी नारी उत्पादक के रूप में काफी बेहतर तरीके से काम कर रही हैं. इससे जुड़े लोगं की आमदनी बढ़ रही है. नीरा के रस से खास तरीके की मिठाई भी तैयार की जा रही है. सरकार नीरा उत्पादकों को एक लाख रुपये तक मदद करने को तैयार हैं. सीएम ने कहा कि सूर्योदय से पहले जो नीरा उतारा जाता है, वह काफी मीठा होता है. इसके सेवन से स्वास्थ्य लाभ भी होता है. उन्होंने कहा कि बिहार में वर्ष 2019 में नीरा का उत्पादन शुरू कराया गया. सीएम ने बोधगया प्रखंड के इलरा में नीरा उत्पादक समूह की ओर से लगायी गयी नीरा उत्पादन चक्र की जीवंत प्रदर्शनी को भी देखा.

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पहाड़ी इलाकों में पानी की रक्षा के लिए होगा काम

वहीं, नक्सलग्रस्त इलाकों में शुमार बांकेबाजार के बेला गांव में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने सरकारी योजनाओं की समीक्षा की. इस दौरान सीएम ने कहा कि उनका मकसद है कि जितने भी पहाड़ी इलाके हैं, वहां पानी की रक्षा करने के लिए काम किया जाये. साथ ही डैम बना कर पानी स्टोर किया जाये, ताकि लोग सालों भर सिंचाई करें, यह जल जीवन हरियाली का ही यह एक पार्ट है.

इस दौरान सीएम ने कहा कि इस इलाके के विकास के लिए और क्या कुछ किया जा सकता है, इसका भी जायजा लिया जा रहा है. क्या कुछ बाकी रह गया है, एक-एक व्यक्ति से बात कर और इन्हें क्या महसूस हो रहा है, पूछा जा रहा है. इस इलाके में शुरू से ही आते रहे हैं एवं इस क्षेत्र के विकास की चिंता हमेशा रहती है. इस दौरान समीक्षा बैठक भी की. इसमें गया जिले के सांसद, विधायक, विधान पार्षद व विभिन्न विभागों के अपर मुख्य सचिव, प्रधान सचिव व सचिव शामिल हुए.

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Saurav kumar

लेखक के बारे में

By Saurav kumar

Saurav kumar is a contributor at Prabhat Khabar.

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