स्कूली छात्रों का बोझ कम होगा, इन बच्चों को अब सप्ताह में मिलेगा सिर्फ एक घंटे का होमवर्क

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नेशनल करिकुलम फ्रेमवर्क के तहत होमवर्क का लोड बच्चों पर से कम करने के लिए शेड्यूल तैयार किया गया है. इसके तहत अब नए सत्र में सप्ताह में एक घंटे तक का ही होमवर्क दिया जायेगा. ताकि बच्चों को होमवर्क के लोड से निजात मिले व पढ़ाई में रुचि बढ़े.

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पटना. स्कूली बच्चों को होमवर्क के लोड से निजात दिलाने व पढ़ाई में रुचि बढ़ाने के उद्देश्य से नये सत्र से सप्ताह में एक घंटे तक का ही होमवर्क दिया जायेगा. इसके साथ ही जूनियर वर्ग के बच्चों को एक्टिविटी के जरिये सिलेबस पढ़ाने की शुरुआत की जायेगी. नेशनल करिकुलम फ्रेमवर्क के तहत होमवर्क का लोड बच्चों पर से कम करने के लिए शेड्यूल तैयार किया गया है.

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कॉन्सेप्ट बेस्ड लर्निंग पर फोकस

बच्चों को अब कॉन्सेप्ट बेस्ड लर्निंग पर फोकस कराते हुए उन्हें विभिन्न एक्टिविटी के जरिये क्लास में भी शिक्षक पढ़ायेंगे. इसके लिए शहर के विभिन्न स्कूलों में शिक्षकों को ट्रेनिंग भी दी जा चुकी है. इसके साथ ही हर तीन महीने पर शिक्षकों को नयी शिक्षा नीति के तहत पढ़ाने की ट्रेनिंग दी जायेगी. बच्चों को गणित, विज्ञान, भाषा समेत अन्य विषयों के बारे में इंटरेक्टिव एक्टिविटी के जरिये पढ़ाया जायेगा.

शिक्षकों को दी जा रही ट्रेनिंग

संत कैरेंस हाइ स्कूल की प्राचार्य सीमा सिंह ने बताया कि नेशनल करिकुलम फ्रेमवर्क के अनुसार बच्चों को पढ़ाने के लिए शिक्षकों को ट्रेनिंग दी जा रही है. हमारी कोशिश यही रहेगी कि बच्चों से क्लास में ही बेहतर ढंग से पढ़ाया जाये ताकि उनपर होमवर्क का लोड कम हो सके.

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इंटरेक्टिव एक्टिविटी के जरिये पढ़ाने पर होगा जोर

वहीं बेली रोड स्थित केंद्रीय विद्यालय के प्राचार्य पीके सिंह ने बताया कि बच्चों के कॉन्सेप्ट बेस्ड पढ़ाई के लिए शिक्षकों को ट्रेनिंग दी गयी है. बच्चों पर से होमवर्क का लोड कम करने के साथ ही क्लास में इंटरेक्टिव एक्टिविटी के जरिये उन्हें शिक्षक पढ़ाने पर जोर देंगे. इसके साथ ही एनइपी तहत भी बच्चों के किताबों में जो बदलाव किया गया उससे भी बच्चे की रुचि पढ़ाई में बढ़ेगी. उन्होंने बताया कि नेशनल फ्रेमवर्क में बच्चों को इस तरह पढ़ाने के लिए शेड्युल तैयार किया गया है कि उन्हें टॉपिक को रटने नहीं बल्कि समझाने पर जोर दिया गया है.

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