गंडक का जल स्तर बढ़ा दियारा के 800 घर डूबे

Published at :28 Jul 2016 12:59 AM (IST)
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गंडक का जल स्तर बढ़ा दियारा के 800 घर डूबे

नेपाल ने छोड़ा 3.14 लाख क्यूसेक पानी बाढ़ के भय से िपपरासी िसतुिहया गांव में अपना सामान िनकाल पलायन करते लोग. बगहा : नेपाल की ओर से गंडक में मंगलवार की रात तीन लाख 14 हजार क्यूसेक पानी छोड़ा गया. हालांकि, 5.50 लाख क्यूसेक पानी छोड़े जाने की संभावना थी. अनुमान से कम पानी आने […]

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नेपाल ने छोड़ा 3.14 लाख क्यूसेक पानी

बाढ़ के भय से िपपरासी िसतुिहया गांव में अपना सामान िनकाल पलायन करते लोग.

बगहा : नेपाल की ओर से गंडक में मंगलवार की रात तीन लाख 14 हजार क्यूसेक पानी छोड़ा गया. हालांकि, 5.50 लाख क्यूसेक पानी छोड़े जाने की संभावना थी. अनुमान से कम पानी आने के बावजूद गंडक में जल स्तर बढ़ने से दियारा के आठ सौ घर पानी में डूब गये हैं. लोग नाव पर सामान लाद कर ऊंची जगहों की तलाश में पलायन कर रहे हैं. कुछ लोग उत्तर प्रदेश में बसे अपने रिश्तेदारों के यहां शरण ले रहे हैं. गंडक का पानी बगहा शहर के निचले हिस्सों तक पहुंच कर खतरे की घंटी बजा रहा है.

गंडक नदी के किनारे बसे लोग बाढ़ के भय से रात भर जागतेे रहे. गंडक पार के चारों प्रखंड पिपरासी, मधुबनी, ठकराहां व भितहां में स्थिति भयावह है. ठकराहां के श्रीनगर पंचायत का संपर्क प्रखंड व जिला मुख्यालय से कट गया है. अधिकांश लोग पलायन कर चुके हैं. जो बचे हैं वह भी पलायन की तैयारी में हैं.

यह स्थिति तब है जब नेपाल से अनुमान से काफी कम पानी आया. यदि पानी पूरा आया होता तो तबाही मच सकती थी.

अधिकारी भी रात भर जागते रहे

नेपाल से पानी छोड़े जाने से ग्रामीणों के साथ प्रशासन के अधिकार भी रात भर जागते रहे. बाढ़ की आशंका को लेकर ग्रामीणों की पहले ही नींद उड़ गयी है. कई स्थानों पर बाढ़ का पानी घुसने से ग्रामीण ऊंचे स्थानों पर पलायन करने लगे हैं. इधर, बुधवार को अधिकारियों ने नाव से बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का दौरा कर स्थिति का जायजा लिया.

अनुमान से कम

आया पानी नहीं तो मच जाती तबाही

5.50 लाख क्यूसेक पानी छोड़ना था नेपाल को

बगहा शहर के निचले स्तर तक पहुंचा बाढ़ का पानी

नावों में सामान लादकर पलायन कर रहे लोग

ठकराहां व भितहां में स्थिति भयावह, श्रीनगर पंचायत का मुख्यालय से कटा संपर्क

गंडक का जलस्तर कम हुआ है, जो राहत की बात है. सब कुछ नेपाल में होने वाली बारिश पर निर्भर करता है. वैसे खतरा अभी भी बना हुआ है. 3.14 लाख क्यूसेक पानी भी कम नहीं होता है. प्रशासन की ओर से बाढ़ से निबटने के लिए पूरी तैयारी की गयी है.

धर्मेंद्र कुमार, एसडीएम

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