पुत्र के आने की राह देखते पथरा गयीं काजी दंपती की आंखें
Published by :Prabhat Khabar Digital Desk
Published at :15 Jun 2015 8:36 AM (IST)
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बगहा : वाल्मीकिनगर थाने के दरदरी गांव के रामनारायण काजी व उनकी धर्म पत्नी मीना देवी की आंखें अपने पुत्र चंदेश्वर काजी के आने की राह देखते पथरा गयी हैं. आर्थिक रूप से बेहद गरीब परिवार का एक मात्र कमाऊ पुत्र दो वर्ष से गायब है. लेकिन कोई यह बताने को तैयार नहीं है कि […]
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बगहा : वाल्मीकिनगर थाने के दरदरी गांव के रामनारायण काजी व उनकी धर्म पत्नी मीना देवी की आंखें अपने पुत्र चंदेश्वर काजी के आने की राह देखते पथरा गयी हैं. आर्थिक रूप से बेहद गरीब परिवार का एक मात्र कमाऊ पुत्र दो वर्ष से गायब है.
लेकिन कोई यह बताने को तैयार नहीं है कि वह जिंदा भी है या मर गया. हालांकि उसके परिवार वाले अब यह मान बैठे हैं कि उनके पुत्र चंदेश्वर की हत्या हो गयी है.
वह जिंदा होता तो अब तक घर जरूर लौट आता. पर, मामला चूंकि पुलिस थाने में दर्ज है, इस लिए जब तक पुलिस उसे मृत घोषित नहीं कर देती, तब तक तो उसके परिजन आस लगाए हुए हैं कि पुलिस मेरे बेटे को खोज कर लायेगी. दरअसल , यह कहानी बगहा पुलिस फायरिंग से जुड़ी है. यह वहीं चंदेश्वर है जिसको लेकर पुलिस फायरिंग की घटना घटी थी. पुलिस फायरिंग के मामले की न्यायिक जांच चल रही है. पर, चंदेश्वर के परिजनों को न्याय दिलाने की कोई कार्रवाई धरातल पर नहीं दिख रही है. इसको लेकर उसके परिजन बेहद हताश व निराश हैं.
बेच दिया साउंड सिस्टम
चंदेश्वर की मां मीना देवी ने बताया कि ये साउंड सिस्टम को जब मैं देखती थी तो कलेजा धधक उठता था. वह मेरे पुत्र की यादों से जुड़ा था. आर्थिक रूप से कमजोर परिवार के भरण एवं चंदेश्वर के गायब होने व उसकी खोज खबर लेने के लिए सरकारी
अधिकारियों के दफ्तर का चक्कर लगाने के कारण मेरे पति भी मजदूरी करने नहीं जा पा रहे थे. इस वजह से कर्ज बढ़ गया और बेटे की याद को भी बेचना पड़ा. 25 वर्षीय चंदेश्वर 10 वीं कक्षा पास था. गरीबी के कारण वह आगे पढ़ाई नहीं कर सका. उसने एक साउंड सिस्टम खरीदा और शादी – विवाह एवं धार्मिक आयोजनों में लेकर जाता था. साउंड सिस्टम के सट्टा से मिली राशि से परिवार की आजीविका चलती थी.
बेटे की छूट गयी पढ़ाई
दो वर्ष से गायब पुत्र चंदेश्वर के पिता रामनारायण काजी ने बताया कि बड़े पुत्र के रहस्यमय ढंग से गायब होने के बाद मैं पूरी तरह से टूट गया हूं. अब किसी के यहां मजदूरी करने के काबिल भी नहीं हूं. इस लिए छोटे पुत्र पप्पू लाल काजी (15 वर्ष), जो 9वीं कक्षा में पढ़ रहा था. वह आगे पढ़ाई करना चाहता था. लेकिन मजबूरी में उसकी पढ़ाई छोड़वानी पड़ी. अभी वह जीविकोपाजर्न के लिए पंजाब गया है. पंजाब में मजदूरी करता है और पैसा भेजता है, जिससे मेरे परिवार का खर्च चलता है.
दो वर्ष पहले की कहानी
सात जून 2013 की सुबह दरदरी गांव के चंदेश्वर काजी अपना साउंड सिस्टम लेकर देवताहा गांव में गया था. वहां रामचंद्र खतईत के घर भागवत अष्टयाम का आयोजन हुआ था.
साउंड सिस्टम का सट्टा वहां 15 जून तक के लिए था. एक सप्ताह के दौरान देवताहा गांव में बाजा बजाता था और शाम को घर भी आ जाता था. 15 जून 13 की शाम में रामचंद्र खतईत के घर चल रहे भागवत अष्टयाम की पूर्णाहूति हुई. वह शाम तक देवताहा गांव में ही था. घर वालों को पता था कि चंदेश्वर 15 जून की शाम में साउंड सिस्टम लेकर घर आ जायेगा. लेकिन, देर रात तक नहीं लौटा. चंदेश्वर के पिता ने बताया कि जब वह घर नहीं लौटा तो मैं उसको खोजने के लिए देवताहा गांव में गया. वहां पता चला कि 11 बजे रात में वह चला गया.
हालांकि इस मामले में चंदेश्वर के पिता रामनरायण काजी के आवेदन पर नौरंगिया थाने में कांड संख्या 23/13 दर्ज है. प्राथमिकी 22 जून को दर्ज की गयी है. प्राथमिकी दर्ज कराने के लिए चंदेश्वर के पिता को कभी वाल्मीकिनगर तो कभी नौरंगिया थाने का चक्कर लगाना पड़ा था. जब लोग उद्वेलित हुए तो प्राथमिकी दर्ज हुई थी.
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