साहब से नहीं मिलने देते सिपाही

Published at :10 Apr 2015 8:34 AM (IST)
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साहब से नहीं मिलने देते सिपाही

पुलिस के काम से संतुष्ट नहीं हैं फरियादी बेतिया : घड़ी में गुरुवार की दोपहर के ठीक 12 बजे थे. धूप सीधे एसपी दफ्तर तक पहुंच रही थी. बरामदे में फरियादियों की खासी भीड़ जमा थी. भीड़ के बीच बलथर थाने के भवरा गांव का अंबिका प्रसाद भी झोला लेकर खड़ा था. अंबिका अपनी नजरें […]

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पुलिस के काम से संतुष्ट नहीं हैं फरियादी
बेतिया : घड़ी में गुरुवार की दोपहर के ठीक 12 बजे थे. धूप सीधे एसपी दफ्तर तक पहुंच रही थी. बरामदे में फरियादियों की खासी भीड़ जमा थी. भीड़ के बीच बलथर थाने के भवरा गांव का अंबिका प्रसाद भी झोला लेकर खड़ा था. अंबिका अपनी नजरें एसपी कार्यालय के सामने तैनात सिपाहियों से चुरा रहा था.
शायद उसके मन में भय था कि कहीं सिपाही उसे देख न लें. आधा घंटा इस लुकाछिपी में बीत गया. अंबिका की बारी अब आने ही वाली थी कि एक सिपाही की नजर उस पर पड़ गयी. हाथ से आवेदन छीन सिपाही ने कड़ी लताड़ लगाई, दूसरा रास्ता दिखाते हुए कहा कि वहां जाओ. लेकिन, अंबिका वहां जाने की बजाय सीधे बाहर निकल गया. उसके चेहरे पर बेचैनी के संग ही अजीब मुस्कान थी. हंसते हुए बाहर आया और कहा कि अब बेकार है यहां आना. कभी नहीं आऊंगा.
हकीकत भी यह है. अंबिका गुरुवार को चौथी बार एसपी से मिलने आया था. लेकिन तैनात सिपाहियों ने उसे इस बार भी एसपी से मिलने नहीं दिया और बगल के कार्यालय में बैठे संबंधित थाने के इंस्पेक्टर के पास भेजा. अंबिका अकेले नहीं हैं. जिन्हें सिपाही ने एसपी से मिलने नहीं दिया. बल्कि दर्जनों फरियादियों को मिलने से रोका गया.
फैक्ट फाइल
इन्हें भी नहीं मिल रहा न्याय, लगा रहे दौड़
केस एक : बैरिया थाने के लौकरिया की मीना देवी गुरुवार को चौथी बार एसपी के जनता दरबार आयी थी. मीना की फरियाद है कि उसके विरोधी केस उठाने को लेकर धमकी दे रहे हैं. शिकायत के बाद भी सुनवाई नहीं हो रही है.
केस दो : चनपटिया थाना के पुरैना चौबे की सरिता भी चौथी बार जनता दरबार में आयी थी. सुनीता अपने पति के हत्यारों पर कार्रवाई को लेकर गुहार लगा रही है. लेकिन सुनवाई नहीं हो रही है.
केस तीन : लौरिया थाना के मठिया के शंकर मांझी भूमि विवाद में न्याय चाहते हैं. विरोधी इसकी खातिर शंकर के ऊपर जानलेवा हमला भी कर चुके थे. दो बार आने के बाद भी इनके मामले में कार्रवाई नहीं हुई है.
थानाध्यक्षों से है सेटिंग का खेल
जनता दरबार में तैनात सिपाही फरियादी को एसपी तक पहुंचने से यूं ही नहीं रोकते हैं. विश्वस्त पुलिस सूत्रों के मुताबिक, कुछ थानाध्यक्षों से सिपाहियों की सेटिंग है. लिहाजा उस थाने का आवेदन फरियादी के हाथ में देखते ही सिपाही उसे एसपी तक नहीं पहुंचने देते. खास कर ऐसे आवेदन जिसमें संबंधित थाने की शिकायत लिखी हो.
जनता मुझसे कभी भी मिल सकती है: एसपी
यदि ऐसा मामला है तो यह गंभीर है. इसके खिलाफ जांच करायी जायेगी. दोषी सिपाही, इंस्पेक्टर के विरुद्ध कार्रवाई होगी. जनता मुझसे किसी भी कार्य दिवस पर आकर मिल सकती है.
सौरभ कुमार शाह, एसपी बेतिया
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