हर साल सात करोड़ की अतिरिक्त वसूली
Published by :Prabhat Khabar Digital Desk
Published at :08 Apr 2015 8:06 AM (IST)
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बीयर व विदेशी शराब पर एमआरपी से अधिक रेट वसूल रहे दुकानदार बेतिया : हर के कमलनाथ नगर निवासी विक्रम शाह के घर सोमवार की शाम कुछ रिश्तेदार आये थे. हमान नवाजी की खातिर विक्रम शहर के एक शराब की दुकान पर गये. बीयर की तीन बोतलें खरीदी. 104 रुपये प्रति बोतल की एमआरपी देख […]
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बीयर व विदेशी शराब पर एमआरपी से अधिक रेट वसूल रहे दुकानदार
बेतिया : हर के कमलनाथ नगर निवासी विक्रम शाह के घर सोमवार की शाम कुछ रिश्तेदार आये थे. हमान नवाजी की खातिर विक्रम शहर के एक शराब की दुकान पर गये. बीयर की तीन बोतलें खरीदी. 104 रुपये प्रति बोतल की एमआरपी देख दुकानदार को 312 रुपये थमाया. इसे देख दुकानदार ने 48 रुपये की और मांग की. पूछने पर बताया कि एमआरपी से लेना है तो कहीं और जाओ. प्रति बोतल 120 रुपये के हिसाब से 360 रुपये लगेंगे. लेना है तो लो नहीं तो जाओ.
विक्रम ने शराब लौटा दी और दूसरे दुकान पर गये. वहां भी यही रेट मांगा गया. थक हार कर विक्रम एमआरपी से अधिक रेट देकर बीयर लेकर आये. मेहमान नवाजी जो करनी थी. विक्रम अकेले नहीं है जो शराब के नाम पर ठगे गये हैं. बल्कि सैकड़ों पढ़े-लिखे और प्रतिष्ठित लोग भी बीयर व विदेशी मदिरा की खरीद में लूट रहे हैं. सामाजिक प्रतिष्ठा की खातिर कोई इस पर आवाज नहीं उठाता. नतीजा एमआरपी से अधिक दाम पर शराब की बिक्री की लूट का यह कारवां बदस्तूर जारी है. अधिकारी इसलिए कार्रवाई नहीं करते, क्योंकि इस 52 लाख की लूट में उनका भी हिस्सा तय है.
52 लाख की लूट कैसे?
जिले में रोजाना बीयर (650 एमएल) की 4615 बोतल और विदेशी मदिरा की (750 एमएल, खंभा) 3555 बोतल बिक्री होती है. बीयर की एक बोतल पर दुकानदार 20-25 रुपये अतिरिक्त लेता है. इस लिहाज से बीयर पर एक दिन में एक लाख 15 हजार 375 रुपये अधिक लिये गये. विदेशी मदिरा पर भी एमआरपी से 15 रुपये अधिक वसूल कर रोजाना 53 हजार 325 रुपये ज्यादा लिये जाते हैं. लिहाजा एक माह में बीयर पर 34 लाख 61 हजार 525 और विदेशी मदिरा में 15 लाख 99 हजार 7350 रुपये की लूट होती है. तो इन दोनों को जोड़कर हो गये ना 52 लाख रुपये.
क्या-क्या हो सकती है कार्रवाई
उपभोक्ता फोरम में करें शिकायत. एमआरपी से अधिक दाम लेना उपभोक्ता के अधिकारों का हनन है. यदि कोई दुकानदार ऐसा करता है तो उपभोक्ता फोरम में इसका वाद दाखिल किया जा सकता है. क्षतिपूर्ति दिलायी जायेगी.
धर्मेन्द्र चौबे, अधिवक्ता उपभोक्ता फोरम
बाट-माप कानून के तहत हो सकती है जेल
एमआरपी से अधिक रेट वसलूना बाट-माप कानून के दायरे में आता है. शिकायत पर ऐसे दुकानदार के खिलाफ उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम के तहत कार्रवाई होगी. दुकान भी सील हो सकती है. दोषी को छह माह से 3 साल तक की कैद हो सकती है.
गिरिजानंद, उपभोक्ता मामले के जानकार
इनकी सुनिए
तय रेट लिस्ट से अधिक दाम वसूलना गलत है. इसके खिलाफ छापेमारी कर लगाम लगाया जायेगा.
प्रियरंजन, उत्पाद अधीक्षक, बेतिया
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