सिकटा : सीमावर्ती क्षेत्र की सड़कें अब अतिक्रमणकारियों के कब्जे के कारण संकीर्ण हो चली हैं. स्थानीय जनप्रतिनिधियों की वोट बैंक और अधिकारियों के लालफीताशाही के कारण स्थिति विकट बन गयी है. बाजार समेत सीमाई रास्तों की सड़कें अतिक्रमण के कारण सिकुड़कर अब दुपहिया वाहनों के चलने लायक नहीं रही.
आम लोग जब जनप्रतिनिधियों से इस मुद्दे पर बातचीत करते हैं तो वे अपना पल्ले झाड़ लेते हैं. उन्हें डर रहता है कि कहीं उनका वोट बैंक न खिसक जाय. इधर जनप्रतिनिधियों के खौफ से कोई भी पदाधिकारी इस अतिक्रमण का मामला सुनते चुप्पी साध लेता है. पदाधिकारी कहते हैं कि हमसे यह नहीं होगा. अतिक्रमण हटाने के लिए कई बार नोटिस भेजी गयी है और पुलिस बल तथा मजिस्ट्रेट की तैनाती के लिए पत्र लिखे गये हैं.

