अधिकारी कैंप कर चला रहे हैं कटाव रोधी काम

Published at :24 Jul 2017 3:59 AM (IST)
विज्ञापन
अधिकारी कैंप कर चला रहे हैं कटाव रोधी काम

राहत. गंडक नदी के कटाव में आयी कमी बगहा : गंडक नदी से नगर के मिर्जाटोला में हो रहा कटाव रविवार को कम हो गया है. जल संसाधन विभाग एवं बाढ़ संघर्षात्मक टीम के सदस्यों का प्रयास रंग ला रहा है. विगत आठ दिनों से जल संसाधन विभाग एवं बाढ़ संघर्षात्मक टीम के सदस्य दिन […]

विज्ञापन

राहत. गंडक नदी के कटाव में आयी कमी

बगहा : गंडक नदी से नगर के मिर्जाटोला में हो रहा कटाव रविवार को कम हो गया है. जल संसाधन विभाग एवं बाढ़ संघर्षात्मक टीम के सदस्यों का प्रयास रंग ला रहा है. विगत आठ दिनों से जल संसाधन विभाग एवं बाढ़ संघर्षात्मक टीम के सदस्य दिन रात एक किए हुए हैं.
शनिवार को जल संसाधन विभाग के प्रधान सचिव अनिल कुमार सिंह के निरीक्षण के बाद कटाव रोधी कार्य में तेजी आयी है. अभियंता,मजदूरों एवं ठेकेदारों की टीम तीन शिफ्टों में 24 घंटे कार्य कर रही है. गंडक नदी में जलस्तर कम होने के बाद से नगर के मिर्जाटोला एवं रामधाम मुहल्ला में लगभग 585 फीट की लंबाई में नदी का दबाव बना हुआ था. नदी की धारा मिर्जाटोला की ओर घुम जाने के कारण वहां कटाव तेज हो गया था तथा पूरे मुहल्ले पर खतरा उत्पन्न हो गया था.
कटाव रोकने में हाथी पांव से मिली सफलता : अभियंताओं की टीम ने कटाव रोकने के लिए हजारों बोरी सैंड बैग पानी में डाला लेकिन उसका कोई फायदा नहीं हुआ. फिर तार की जाली और नायलन की जाली का प्रयोग किया गया. लेकिन ये प्रयास भी कटाव रोकने में नाकाफी साबित हुआ. अंत में जिला पदाधिकारी के आने के बाद कटाव रोकने के लिए हाथी पांव का प्रयोग किया गया.
बता दें कि हाथी पांव में बांस के लंबे लंबे टुकड़ों को जाली से बांध कर पिलर का शेप दिया जाता है फिर उसमें सैंड बैग डालकर उसे नदी के किनारे लगाया जाता है.लंबा एवे भारी होने के कारण नदी की तेज धारा उसे बहा नहीं पाती है. हालांकि कटाव स्थल पर नदी की गहराई ज्यादा होने के कारण एक हीं जगह पर कई कई हाथी पांव लगाने पड़ रहे हैं. अब तक 135 हाथी पांव लगाया जा चुका है और भी हाथी पांव तैयार किए जा रहे हैं.
नहीं रुकेगा कटारोधी कार्य : जल संसाधन विभाग के मुख्य अभियंता दिनेश चौधरी ने बताया कि कटाव रोधी कार्य जारी है और जारी रहेगा. विभाग की ओर से भी सैंड बैग भरने के लिए मजदूरों की व्यवस्था की गयी है. ठेकेदारों को भी कहा गया है कि उन्हें दूर से सैंड भर कर लाने में जो परेशानी हो रही है. उसे भी दूर किया जायेगा. जो अतिरिक्त भाड़ा लगेगा वह विभाग की ओर से देने पर विचार किया जा रहा है.
काम करने में ठेकेदारों ने खड़े किए हाथ
धीरे धीरे कटावरोधी कार्य से ठेकेदारों ने अपना हाथ खड़ा करना शुरू कर दिया है. ठेकेदारों का कहना है कि पहले जो सैंड बैग तैयार कर के रखा गया था. वह आस पास तैयार किया गया था. अब रेत या बालू के लिए काफी दूर जाना पड़ रहा है जिससे भाड़े में काफी खर्च आ रहा है. वहीं हाथी पांव के लिए बांस की उपलब्धता भी समस्या बनती जा रही है.बाजार में बांस 150 से 200 रुपये में मिल रहा है. जब कि विभागीय स्तर पर बांस का मूल्य मात्र 65 रुपया निर्धारित किया गया है. यही कारण है कि संवेदक धीरे धीरे कटाव रोधी कार्य से अपना हाथ पीछे खींच रहे हैं.
विज्ञापन
Prabhat Khabar Digital Desk

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar Digital Desk

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन