AC का टेम्परेचर 16°C से नीचे और 30°C से ऊपर क्यों नहीं जाता? आज जान लें वजह

Published by : Ankit Anand Updated At : 13 Apr 2026 2:57 PM

विज्ञापन

AC के रिमोट में दिख रहा 16 डिग्री सेल्सियस टेम्परेचर (Photo: AI Generated)

AC का टेम्परेचर एक तय दायरे में ही काम करता है ताकि मशीन सेफ और असरदार रहे. बहुत कम टेम्परेचर पर अंदर की नमी जमकर सिस्टम को ब्लॉक कर सकती है, जबकि ज्यादा सेटिंग पर ठंडक का असर खत्म हो जाता है. इसी वजह से AC की सीमा तय होती है. आइए इसे डिटेल में समझते हैं.

विज्ञापन

गर्मी आते ही AC और कूलर ही हमारी सबसे बड़ी राहत बनते हैं. लेकिन जब बाहर का टेम्परेचर 45-50°C तक पहुंच जाता है, तो कई बार AC भी पूरी तरह ठंडक नहीं दे पाता. ऐसे में घर पहुंचते ही सबसे पहला डायलॉग होता है- ‘AC थोड़ा और ठंडा करो’. लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि AC को 16°C से कम या 30°C से ज्यादा सेट ही क्यों नहीं कर सकते? दिलचस्प बात ये है कि ये लिमिट सिर्फ आपके AC में नहीं, बल्कि दुनियाभर के सभी AC में होती है. आइए जानते हैं इसके पीछे की वजह.

AC का टेम्परेचर 16°C से नीचे क्यों नहीं कर सकते?

दरअसल, हर AC के अंदर एक खास हिस्सा होता है जिसे इवापोरेटर (Evaporator) कहते हैं. यही वो जगह है जहां ठंडक बनती है. इसमें एक कूलेंट गैस घूमती रहती है, जो गर्म हवा को ठंडा करके आपके कमरे को ठंडा बना देती है. अब अगर AC का टेम्परेचर 16°C से नीचे कर दिया जाए, तो अंदर का इवापोरेटर बहुत ज्यादा ठंडा होकर जमने लगेगा है और उस पर बर्फ बनने लगेगा है. ऐसे में ठंडक देने के बजाय AC खुद ही फ्रीज होने लगेगा और सही से काम करना बंद कर सकता है.

असल में AC के अंदर मौजूद इवैपोरेटर में रेफ्रिजरेंट का प्रेशर काफी कम रहता है, जिसकी वजह से हवा में मौजूद नमी तेजी से ठंडी होकर जमने लगती है. अगर आप टेम्परेचर बहुत ज्यादा कम सेट कर देते हैं, तो यही नमी धीरे-धीरे बर्फ बनकर इवैपोरेटर पर जमा होने लगती है और उसे ब्लॉक कर सकती है.

ऐसा होने पर AC की कूलिंग पर असर पड़ता है. इसी समस्या से बचाने के लिए कंपनियां AC में 16°C से कम टेम्परेचर सेट करने का ऑप्शन ही नहीं देतीं, ताकि सिस्टम सेफ और सही तरीके से काम करता रहे.

AC का टेम्परेचर 30°C से ऊपर क्यों नहीं कर सकते?

जब बाहर का टेम्परेचर करीब 30°C तक रहता है, तो मौसम काफी हद तक आरामदायक माना जाता है. लेकिन जैसे ही पारा इससे ऊपर जाता है, गर्मी साफ महसूस होने लगती है. इसी तरह अगर आप AC को 30°C से ज्यादा पर सेट कर देते हैं, तो उसका कोई खास फायदा नहीं होता.

दरअसल, ऐसी स्थिति में AC ठंडी हवा देने की बजाय हल्की गर्म या नॉर्मल हवा जैसा महसूस कराने लगता है. आखिरकार, एयर कंडीशनर का काम कमरे को ठंडा करना है, गर्म करना नहीं.

यह भी पढ़ें: AC खरीदते समय सिर्फ टन पर मत अटकिए, ये 1 फैक्टर बदल देगा आपका फैसला

विज्ञापन
Ankit Anand

लेखक के बारे में

By Ankit Anand

अंकित आनंद, डिजिटल पत्रकारिता के क्षेत्र में एक उभरते हुए कंटेंट राइटर हैं. वर्तमान में वे प्रभात खबर डिजिटल में जूनियर कंटेंट राइटर के रूप में काम कर रहे हैं. उन्हें पत्रकारिता में 2 साल से अधिक का अनुभव है और इस दौरान उन्होंने टेक्नोलॉजी और ऑटोमोबाइल से जुड़ी खबरों पर अपनी मजबूत पकड़ बनाई है. अंकित मुख्य रूप से स्मार्टफोन लॉन्च, टेलीकॉम अपडेट्स, टिप्स एंड ट्रिक्स, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) से जुड़ी खबरें, गैजेट्स रिव्यू और कंज्यूमर इलेक्ट्रॉनिक्स जैसे विषयों पर काम करते हैं. इसके साथ ही वह ऑटोमोबाइल सेक्टर से जुड़ी जरूरी और ट्रेंडिंग खबरों को भी कवर करते हैं. वह कार और बाइक से जुड़ी हर खबर को सिर्फ एक एंगल से नहीं, बल्कि टेक्निकल, यूजर एक्सपीरियंस और मार्केट ट्रेंड्स जैसे हर पहलू से समझकर पेश करते हैं. उनकी लेखन शैली सरल, स्पष्ट और यूजर्स-फर्स्ट अप्रोच पर बेस्ड है, जिसमें Gen Z की पसंद और उनकी डिजिटल समझ को भी ध्यान में रखा जाता है. बिहार में जन्मे अंकित आनंद की शुरुआती शिक्षा सीबीएसई स्कूल से हुई है. इसके बाद 2024 में गुरु गोबिंद सिंह इंद्रप्रस्थ यूनिवर्सिटी (GGSIPU) के कस्तूरी राम कॉलेज ऑफ हायर एजुकेशन से जर्नलिज्म एंड मास कम्युनिकेशन में ग्रेजुएशन डिग्री हासिल की. अपनी पढ़ाई के दौरान ही उन्होंने मीडिया और डिजिटल स्टोरीटेलिंग की बारीकियों को समझा और धीरे-धीरे टेक और ऑटो जर्नलिज्म की ओर अपना फोकस बढ़ाया. शिक्षा पूरी करने के बाद अंकित ने Zee News में करीब 1 साल तक काम किया, जहां उन्होंने टीवी न्यूज प्रोडक्शन, आउटपुट डेस्क वर्क, कंटेंट रिसर्च और न्यूज राइटिंग की बारीकियों को करीब से समझा. इस अनुभव ने उन्हें तेजी से बदलते न्यूज रूम माहौल में काम करने की क्षमता और खबरों को सरल तरीके से प्रस्तुत करने की कला सिखाई. अंकित का मानना है कि टेक्नोलॉजी और ऑटोमोबाइल से जुड़ी खबरें सिर्फ जानकारी नहीं देतीं, बल्कि लोगों की रोजमर्रा की लाइफस्टाइल और फैसलों को भी असर डालती हैं. इसी सोच के साथ वह SEO-ऑप्टिमाइज्ड, रिसर्च-बेस्ड और सरल भाषा में कंटेंट तैयार करते हैं, ताकि पाठकों को सही और उपयोगी जानकारी आसानी से मिल सके.

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola