सर्रा गांव की घटना
एक मवेशी की मौत
जिंदा जलायी जा रही महिला को सास-ससुर ने बचाया
मोतिहारी : हरसिद्धि थाना क्षेत्र के रानीछपरा गांव में दहेज के लिए जिंदा जलायी जा रही एक विवाहिता को उसके सास व ससुर ने बचा लिया. उन्होंने पतोहू के मायकेवालों को खबर कर दी. कहा कि जल्दी आइये. मेरा बेटा आपकी बहन को मारने पर तुला है. घटना की सूचना मिलते ही गुड़िया खातून का भाई आलम अंसारी रानीछपरा गांव पहुंचा. उसने बहन को बचाने का प्रयास किया, तो उसके साथ भी गुड़िया के पति मुन्ना अंसारी व देवर झुन्ना अंसारी ने मारपीट की. इसके बाद दो मासूम बच्चों के साथ गुड़िया को धक्का देकर घर से निकाल दिया. घायल गुड़िया व उसके भाई आलम का इलाज सदर अस्पताल में चल रहा है. घटना को लेकर गुड़िया ने महिला थाना में पति व देवर के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करायी है.
उसने पुलिस को बताया है कि उसकी शादी 2011 में मुन्ना अंसारी के साथ हुई थी. उसके चाचा मौलादीन अंसारी ने शादी तय किया. हैसियत के अनुसार दान-दहेज दिया. शादी के दो महीने बाद ही दहेज में बाइक की मांग को लेकर उसका पति व देवर उसे प्रताड़ित करने लगे. बाइक नहीं मिली, तो मारपीट कर घर से निकाल दिया. इसको लेकर पंचायती भी हुई.
जिंदा जलायी जा
पंचों के फैसले पर गुड़िया को मुन्ना अपने साथ ले गया. इस दौरान उसने एक पुत्र मासूम व पुत्री मुस्कान को जन्म दिया. बच्चों के जन्म के बाद फिर उसका पति व देवर दहेज में बाइक के लिए दबाव देने लगे. इनकार करने पर छह जनवरी की शाम उसके शरीर पर केरोसिन छिड़क कर जिंदा जलाने का प्रयास किया. ऐन वक्त पर उसके सास व ससुर ने मायकेवालों को खबर कर उसकी जान बचा ली. महिला थानाध्यक्ष नीरू कुमारी ने बताया कि प्राथमिकी दर्ज कर मामले की छानबीन की जा रही है.
हरसिद्धि के रानीछपरा गांव की घटना
दहेज के लिए पति व देवर ने शरीर पर डाल दिया था केरोसिन
बहन को बचाने पहुंचे भाई के साथ भी दोनों ने की मारपीट
सदर अस्पताल में दोनों का चल रहा इलाज
पीड़िता ने महिला थाने में पति व देवर के खिलाफ दर्ज करायी प्राथमिकी
