रुपये के िलए कतार में शहर

Updated at : 24 Nov 2016 4:48 AM (IST)
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रुपये के िलए कतार में शहर

नोटबंदी. छोटे नोटों की कमी से परेशानी, एटीएम की आंखमिचौनी जारी मोतिहारी/चकिया : नोट बंदी के 15 वें दिन शहर के सभी बैंकों में लोगों की लंबी कतार देखी गयी, जो शाम तक बना हुआ था. सभी अपने-अपने खाते से पैसा निकालने के लिए बेचैन दिखे. सरकार ने अधिकतम एक खाते से दो हजार रुपये […]

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नोटबंदी. छोटे नोटों की कमी से परेशानी, एटीएम की आंखमिचौनी जारी

मोतिहारी/चकिया : नोट बंदी के 15 वें दिन शहर के सभी बैंकों में लोगों की लंबी कतार देखी गयी, जो शाम तक बना हुआ था. सभी अपने-अपने खाते से पैसा निकालने के लिए बेचैन दिखे. सरकार ने अधिकतम एक खाते से दो हजार रुपये एक सप्ताह में निकालने की बात कही है. लेकिन बैंक वाले एक खाते से केवल दो से पांच हजार की निकासी कर रहे है. इसके पीछे ब्रांच मैनेजर द्वारा नकदी की कमी होना बताया जा रहा है.
2 हजार के नोटों में हो रहा भुगतान : शहर के लगभग सभी बैंक दो हजार के नोट से भुगतान कर रहे है. जिसका मुख्य कारण शहर के ब्रांचों में पांच सौ का नोट नहीं आना बताया जा रहा है. इसके अलावे बैंकों में छोटे नोट जमा कराने से लोग परहेज कर रहे है.
आंख मिचौनी कर रही एटीएम : शहर की सभी एटीएम आंख मिचौनी का खेल किये है. जिसका मुख्य कारण छान-बीन करने पर पत्ता चला कि 500 व दो हजार के नए एवं पुराने नोट के साइज में अंतर होने के कारण एटीएम अभी इनकी निकासी करने में असमर्थ है. जिसके कारण एटीएम मुख्यत: 50, 100 रुपये के नोट की निकासी कर रहा है. जिस कारण नकदी तुरंत समाप्त हो जा रहा है, और पुन: इसे लोड करने में तीन से चार घंटे का समय लग रहा है. एटीएम में कैश समाप्त होते ही लोग दौड़-दौड़ बैंकों की शाखाओं की कतार में लग जा रहे है.
व्यवसाय है प्रभावित : नोट बंदी के कारण शहर के व्यवसायियों का व्यवसाय भी प्रभावित हुआ है. जिसका मुख्य कारण शहर के लोगों के पास नकदी का अभाव है. वहीं कारोबारी इससे काफी प्रभावित है, जिसके के कारण उनके लिए अब रोजी-रोटी भी समस्या बनती जा रही है.
लग्न पर पड़ा असर : जिन घरों में शादी है उसके वर एवं वधू पक्ष वाले नोटबंदी से खासे प्रभावित है. क्यों कि इसको लेकर लोगों ने जो पैसा जमा किया था वह पैसा बदलने के लिए लोग अपने-अपने खाते में जमा कर दिये है अब बैंक उन्हें सरकारी नियम के अनुसार एक खाते से 2.5 लाख रुपये देने में आनाकानी कर रहे है. जिसका मुख्य कारण बैंकों की नकदी का नहीं बताया जाता है. सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार शहर के मुख्य तीनों बैंकों में 25 से 50 लाख रुपये की नकदी की अभाव है अगर एक बैंक में शादी वाले लोग पहुंच जाते हैं तो उस दिन की इनकी नकदी ही समाप्त हो जायेगी. और हजारों लोग कतार में खड़े रह जाते हैं. जिससे हंगामे का भय बैंक वाले को हमेशा सताता रहता है.
इलाज कराना भी हुआ मुश्किल : नोट बंदी के कारण गंभीर रूप से दुर्घटनाओं के शिकार एवं गंभीर रोगों से आक्रांत होने वाले लोगों के स्वजन भी काफी परेशान दिख रहे है. जिसका मुख्य कारण इनका टैक्स के भय से शहर का निजी नरसिंग होम चेक से पेमेंट नहीं ले रहे है. ऐसे रोगियों को वे हिल-हज्जत से बचने के लिए तत्काल अपने यहां से बड़े शहरों में रेफर कर दे रहे है.
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