पैसेंजर ट्रेन उड़ाने की साजिश में नेपाली माओवादी

Updated at : 03 Oct 2016 2:21 AM (IST)
विज्ञापन
पैसेंजर ट्रेन उड़ाने की साजिश में नेपाली माओवादी

मोतिहारी : घोड़ासहन में सवारी ट्रेन को उड़ाने के लिए नेपाल से आइइडी (कुकर बम) लाया गया था. सुरक्षा एजेंसियों की जांच में इस बात का खुलासा हुआ है. यह भी पता चला है कि घटना के पीछे नक्सलियों की साजिश थी. जिले के दर्जन से घोड़ासहन में ट्रेन अधिक हार्डकोर नक्सली जमानत पर छूटे […]

विज्ञापन

मोतिहारी : घोड़ासहन में सवारी ट्रेन को उड़ाने के लिए नेपाल से आइइडी (कुकर बम) लाया गया था. सुरक्षा एजेंसियों की जांच में इस बात का खुलासा हुआ है. यह भी पता चला है कि घटना के पीछे नक्सलियों की साजिश थी. जिले के दर्जन से

घोड़ासहन में ट्रेन
अधिक हार्डकोर नक्सली जमानत पर छूटे हैं. इनमें चार नक्सलियों का लोकेशन फिलहाल नेपाल में मिल रहा है.
सुरक्षा अधिकारियों को विश्वास है कि नेपाली माओवादियों के साथ मिलकर रेलवे को दहलाने की साजिश रची गयी थी. इसके लिए आइइडी नेपाल से लाया गया था
, क्योंकि इस तरह की आइइडी का प्रयोग अबतक सिर्फ नेपाल में ही हुआ है. एक दशक पहले नेपाल में आंदोलन के दौरान माओवादियों ने इसी तरह का कुकर बम कई जगहों पर विस्फोट किया था. एएसपी अभियान राजीव कुमार ने बताया कि घटना में नेपाल कनेक्शन के साथ काफी कुछ साफ हो चुका है. उन्होंने बताया नक्सलियों ने दहशत फैला कर लेवी वसूलने व संगठन की मजबूत स्थिति से शासन व प्रशासन को अवगत कराने के लिए विध्वंसक कार्रवाई की योजना बनायी थी. यह संयोग है कि उनकी नापाक साजिश नाकाम हो गयी.
उन्होंने कहा कि टावर डंप कराने के साथ एक दर्जन से अधिक संदिग्ध मोबाइल नंबरों को चिह्नित किया गया है, जो उस वक्त घटनास्थल के आसपास के मोबाइल टावर से कनेक्ट थे. उन मोबाइल नंबरों से कहां क्या बात हुई, इसकी जांच की जा रही है. एक सप्ताह के अंदर घटना में शामिल सभी चेहरों को बेनकाब कर लिया जायेगा.
जांच में हुआ खुलासा
रेलवे को दहलाने के लिए नेपाल से लाया गया था कुकर बम
जिले के चार हार्डकोर नक्सलियों का नेपाल में मिला लोकेशन
नेपाली माओवादियों से मिल रची गयी थी घटना की साजिश
पुलिस का दावा, घटना में शामिल नक्सली एक सप्ताह में होंगे बेनकाब
कुकर बम बनाने में एक्सपर्ट हैं नेपाली
नेपाली माओवादी कुकर बम बनाने में एक्सपर्ट बताये जाते हैं. नेपाल में माओवादियों ने आंदोलन के दौरान कई जगहों पर कुकर बम विस्फोट किया था. सिमरॉन गढ़ अस्पताल को इसी से उड़ाया गया था. कठैया, परवानीपुर, नीरगढ व वीरगंज सहित अन्य जगहों पर कुकर बम विस्फोट हुआ था.
पहली बार कुकर बम का इस्तेमाल
नक्सली संगठन सिर्फ केन बम का इस्तेमाल करते आये हैं. पूर्वी चंपारण हो या बिहार का अन्य नक्सल प्रभावित जिला, किसी भी नक्सली घटना में कुकर बम का इस्तेमाल अबतक नहीं हुआ था. इसके कारण प्रथमदृष्टया लगा था कि घटना के पीछे राष्ट्र विरोधी ताकतों का हाथ है, लेकिन जांच के बाद सारी बातें स्पष्ट हो गयीं.
विज्ञापन
Prabhat Khabar Digital Desk

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar Digital Desk

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन