हाल सदर अस्पताल के एफआरयू कार्यालय का

Published by : Prabhat Khabar Digital Desk Updated At : 01 Jun 2018 4:48 AM

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मोतिहारी : दस बजे लेट नहीं 12 बजे भेंट नहीं वाली कहावत सदर अस्पताल के एफआरयू कार्यालय की है. सैकड़ों लोग भुगतान के लिए आते हैं और एफआरयू कार्यालय का घंटों चक्कर लगाने के बाद थक हार कर वापस चले जाते हैं. गुरुवार को कुछ ऐसा ही नजारा देखने को मिला. 10.30 बजे यह कार्यालय […]

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मोतिहारी : दस बजे लेट नहीं 12 बजे भेंट नहीं वाली कहावत सदर अस्पताल के एफआरयू कार्यालय की है. सैकड़ों लोग भुगतान के लिए आते हैं और एफआरयू कार्यालय का घंटों चक्कर लगाने के बाद थक हार कर वापस चले जाते हैं. गुरुवार को कुछ ऐसा ही नजारा देखने को मिला. 10.30 बजे यह कार्यालय बंद मिला. दर्जनों लोग अस्पताल कैंपस में भुगतान के लिए भटक रहे थे. अस्पताल के कई कर्मचारियों से पूछ रहे थे कि जननी बाल सुरक्षा का भुगतान कहां होगा.

परिवार नियोजन का भुगतान कहां होगा. काफी मशक्कत के बाद महिला गोद में बच्चे को ले एफआरयू कार्यालय पहुंचती है तो कार्यालय बंद देख मायूस हो जाती है. घंटो बैठ कार्यालय खुलने का इंतजार करती है. कार्यालय खुलता है तो बाबुओं द्वारा उसके भुगतान में अडंगा डाल देते है. यह कागजात नहीं है. वह कागजात नहीं हे. पासबुल अपडेट नहीं है. इस तरह उन्हें परेशान किया जाता है.
छह माह पूर्व से बकाया है भुगतान
एफआरयू में पिछले आठ माह से जननी बाल सुरक्षा योजना एवं परिवार कल्याण योजना के तहत सैकड़ों लोगों का भुगतान बकाया है. इसके लिए लाभुक रोज कार्यालय का चक्कर लगाते है लेकिन भुगतान नहीं हो पाता है.
क्या है एफआरयू : एफआरयू कार्यालय में जननी बाल सुरक्षा योजना, परिवार नियोजन, प्रसव के लिए आयी महिलाओं के दवा खरीदरी, कॉटेक्ट पर बहाल चिकित्सक एवं कर्मियों के भुगतान की जिम्मेवारी है.
क्या है नियम : जननी बाल सुरक्षा योजना एवं परिवार नियोजन करानेवाले महिला एवं पुरूष लाभुकों को अस्पताल से डिस्चार्ज होने के 24 घंटे पूर्व भुगतान कर देने का नियम है लेकिन यहां पेंच फंसा कर लटका दिया जाता है.
कहतीं हैं पीड़िता : सूरज देवी खैराघाट बंजरिया का कहना है कि 23 नवंबर 2017 को बच्चा इश्यू हुआ. मेरा पंजीयन संख्या 60617 सी 70215 है. भुगतान के लिए दौड़ रही हूं. कभी कहा जाता है यह कागजात नहीं है. कभी पासबुक लेकर आने की बात कहीं जाती है. आठ माह से एफआरयू का चक्कर लगा रही हूं. अभी तक भुगतान नहीं हो सका है.
ज्योति देवी ने अपना बंध्याकरण 16 अप्रैल 2016 को कराया, जिनका पंजीयन संख्या 606188बी18108 है. पैसा के लिए लगातार दौड़ रही हूं. लेकिन भुगतान नहीं हो सका है.
नसीमा खातून जयसिंहपुर तुरकौलिया जिनका पंजीयन संख्या 20477/10650 है. ये 26 नवंबर 2016 से ही भुगतान के लिए दौड़ रही है. अभी तक भुगतान नहीं हो पाया है.
कहतीं हैं आशा
एक दर्जन आशा कार्यकर्ताओं ने नाम न छापने के शर्त पर बताया कि एक भुगतान के लिए एफआरयू 100 रुपया लेता है. उसके बाद ही भुगतान किया जाता है, जो 100 रुपया नहीं देता उसका भुगतान नहीं किया जाता है.
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भुगतान के लिए पैसे की कमी नहीं है. रिश्वत मांगने की शिकायत पर इन दोनों कर्मचारी से स्पष्टीकरण भी मांगा गया है. यदि इस तरह की और शिकायतें आती है तो कार्रवाई होगी.
डाॅ प्रशांत कुमार, सिविल सर्जन, मोतिहारी
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