मोतिहारी : मुजफ्फरपुर से दिल्ली जा रही बस में आग लगने की घटना बड़ी है. लेकिन उपरवाले की मर्जी से कोई नुकसान नही हुआ. दिल्ली व अन्य स्थानों के लिए संचालित बसों के अलावा स्थानीय स्तर पर संचालित बसों में मानक का अनुपालन हो रहा है कि नहीं इसको ले बस मालिकों के साथ शीघ्र बैठक बुलायी जायेगी.
डीएम रमण कुमार ने बताया कि वाहनों के परिचालन में मानक का हर हाल में अनुपालन होगा. यात्री बस हो या स्कूली बस सबों को नियम का पालन करना होगा. उन्होंने आह्वान किया कि आम आदमी भी बस के छत पर बैठने से परहेज करें. अन्यथा किसी दुर्घटना में छत पर सवारी करनेवालों को विशेष खतरा रहता है. यात्री वाहनों के परमिट व वाहन के सीट क्षमता की भी जांच की जायेगी ताकि भविष्य में किसी घटना की पुनर्रावृति न हो. इसके समाधान के लिए बस मालिकों की बैठक में भी निर्णय लिये जायेंगे. जांच के लिए टीम का गठन कर अवैध परमिट पर अगर बसें संचालित है तो जांच कर पकड़े जाने पर कार्रवाई की जायेगी.
यहां बता दें कि छतौनी बस स्टैंड व एनएच किनारे से करीब 150 छोटी-बड़ी बसों का परिचालन पटना, दिल्ली, सिलीगुड़ी, रांची, गोरखपुर, बनारस, सीतामढ़ी, मुजफ्फपुर, घोड़ासहन, बेतिया, रक्सौल आदि स्थानों के लिए होता है. लंबी दूरी के बसों का टिकट काउंटर एनएच किनारे ही झोपड़ीनुमा घर में होता है. इधर मोटर ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन के जिलाध्यक्ष शोभा सिंह ने कहा है कि सरकारी नियमों का पालन होगा. बैठक में संघ के पदाधिकारी व बस मालिक भी भाग लेंगे. घटना दुखद है. उन्होंने कहा कि एक परमिट पर दिल्ली के लिए संचालित कई बसों के जांच के लिए हमने पूर्व में भी मांग उठायी थी, जो पूरा नहीं हो सका.
घटना की जांच के लिए डीटीओ के नेतृत्व में टीम गठित : एनएच 28 बेलवा माधो के पास दिल्ली के लिए संचालित बस में आग लगने की घटना की विस्तृत जांच की जायेगी. तकनिकी विशेषज्ञों की टीम अपनी जांच कर रही है. इसके अलावे डीटीओ अरविंद कुमार अग्रवाल के नेतृत्व में एक टीम का गठन किया गया है. डीएम रमण कुमार ने बताया कि डीटीओ की टीम घटना के कारणों के साथ वाहन से जुड़े अन्य पहलुओं की जांच करेंगी.
