ओपीडी सेवा ठप, वापस लौटे मरीज
Updated at : 03 Jan 2018 2:00 AM (IST)
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विरोध . नये कानून के खिलाफ 12 घंटे की सांकेतिक हड़ताल पर रहे डॉक्टर चिकित्सा सेवा प्रभावित मोतिहारी : सरकार द्वारा आयुर्वेदिक व यूनानी चिकित्सा पद्धति के चिकित्सकों के समर्थन में लाये गये बिल के खिलाफ इंडियन मेडिकल एसोसिएशन ने देशव्यापी हड़ताल कर दिया है. मंगलवार को एसोसिएशन से जुड़े एमबीबीएस चिकित्सकों ने सांकेतिक हड़ताल […]
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विरोध . नये कानून के खिलाफ 12 घंटे की सांकेतिक हड़ताल पर रहे डॉक्टर
चिकित्सा सेवा प्रभावित
मोतिहारी : सरकार द्वारा आयुर्वेदिक व यूनानी चिकित्सा पद्धति के चिकित्सकों के समर्थन में लाये गये बिल के खिलाफ इंडियन मेडिकल एसोसिएशन ने देशव्यापी हड़ताल कर दिया है. मंगलवार को एसोसिएशन से जुड़े एमबीबीएस चिकित्सकों ने सांकेतिक हड़ताल कर सरकार के खिलाफ रोष प्रकट किया. आंदोलनकारी चिकित्सकों का कहना है कि यह हड़ताल संघ के आह्वान पर सुबह छह बजे से शाम छह बजे तक रखा गया था. संघ के अध्यक्ष डॉ नीरज सिन्हा, पूर्व सचिव डॉ टीपी सिंह ने बताया कि मेडिकल काउंसिल ऑफ इंडिया को भंग कर सरकार द्वारा नया कानून बनाये जाने के खिलाफ यह सांकेतिक हड़ताल थी.
हड़तालियों ने नये कानून को त्रुटिपूर्ण बताते हुए कहा कि इससे भ्रष्टाचार को बढ़ावा मिलेगा. होम्योपैथिक व आयुर्वेदिक चिकित्सा भी अंग्रेजी दवा लिख सकेंगे. इन सभी मुद्दे को लेकर हड़ताल की गयी थी. हड़ताल के दौरान आपातकालीन सेवा को छोड़कर सभी सेवाएं ठप रहीं. मरीजों को बैरंग घर लौटना पड़ा. सदर अस्पताल व निजी क्लिनिकों में इसका असर देखने को मिला. वहीं ओपीडी सेवा भी प्रभावित रही.
नीमा ने नये कानून का किया स्वागत
: सरकार की ओर से आयुर्वेदिक व यूनानी चिकित्सा पद्धति के चिकित्सकों के पक्ष लाये गये नये बिल का नेशनल इंटीग्रेटेड मेडिकल एसोसिएशन(नीमा) ने स्वागत किया है. एसोसिएशन के सचिव डॉ मनीष कुमार ने बताया कि इंडियन मेडिकल एसोसिएशन(आइएमए) इस बिल के खिलाफ है. एसोसिएशन से जुड़े चिकित्सकों ने राष्ट्रव्यापी अभियान के तहत हड़ताल पर चले गये हैं. इस स्थिति में आयुर्वेदिक व यूनानी पद्धति के चिकित्सक हर स्थिति से निबटने को तैयार हैं.
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