Buxar News: रावण के जन्म लेते ही कांप उठा भूमंडल
Published by : RAVIRANJAN KUMAR SINGH Updated At : 22 Sep 2025 9:21 PM
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रामलीला समिति के तत्वावधान में 11 दिवसीय विजयादशमी महोत्सव के क्रम में चौसा बाजार रामलीला मंच पर आयोजित रामलीला के तीसरे दिन रावण-जन्म प्रसंग का सफल मंचन किया गया
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चौसा
. रामलीला समिति के तत्वावधान में 11 दिवसीय विजयादशमी महोत्सव के क्रम में चौसा बाजार रामलीला मंच पर आयोजित रामलीला के तीसरे दिन रावण-जन्म प्रसंग का सफल मंचन किया गया. स्थानीय युवा कलाकारों के द्वारा मंचन किया जा रहे उक्त प्रसंग में दिखलाया गया कि रावण के जन्म होते ही पृथ्वी पर किस प्रकार उथल-पुथल मच जाता है. और भूमंडल पर सारे कार्य प्राकृति के उलट होने लगते है.समुद्र व आकाश में उथल मच जाता है. कमेटी के अध्यक्ष रबिश जायसवाल के नेतृत्व में चौसा बाजार में 101वें साल चल रही रामलीला के दौरान कई प्रारंभिक लीलाओं के पश्चात दशानन रावण का जन्म हुआ. जन्म के पश्चात रावण ने ब्रह्मा से वर मांगा कि उसकी मृत्यु कभी किसी तरह से न हो और वो अजर अमर हो जाए. जिसके बाद ब्रह्मा द्वारा उसे अमरत्व का वर न मिलता देख रावण ने कहा कि उसकी मृत्यु वानर व मनुष्य को छोड़कर बाकी किसी के द्वारा न हो. रावण को ये गुमान था कि उसके जैसे शक्तिशाली को एक मनुष्य या वानर कैसे मार सकता है. जिसके बाद ब्रह्मा ने उसे ये वर दे दिया. इसके बाद ही रावण ने देवताओं पर अत्याचार शुरू कर दिया. राक्षसों के अत्याचार से पुरा भूमंडल कांप गया. जिसके बाद भगवान राम के जन्म की भविष्यवाणी होती है.डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है
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