कृष्णाब्रह्म्र. प्रखंड क्षेत्र के कृष्णाब्रह्म में इन दिनों जाम की समस्या गंभीर रूप ले चुकी है. आये दिन लगने वाले घंटों लंबे जाम से स्थानीय लोगों के साथ साथ राहगीरों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है. ग्रामीण सड़कों पर दिन के उजाले में ही भारी और ओवरलोड वाहनों की आवाजाही ने आम जनजीवन को पूरी तरह अस्त-व्यस्त कर दिया है. स्थानीय लोगों का कहना है कि कृष्णाब्रह्म की सड़कें ग्रामीण आवागमन के लिए बनी हैं, लेकिन इन पर लगातार बड़े मालवाहक ट्रक और भारी वाहन गुजर रहे है. सिंगल लेन सड़क होने के बावजूद दोनों ओर से भारी वाहनों की आवाजाही के कारण थोड़ी सी चूक होते ही लंबा जाम लग जाता है. कई बार स्थिति इतनी गंभीर हो जाती है कि आधे से एक किलोमीटर तक वाहनों की कतार लग जाती है और घंटों तक यातायात पूरी तरह ठप रहता है. कृष्णाब्रह्म बाजार क्षेत्र में हालात और भी चिंताजनक है. सड़क के दोनों ओर सब्जी, अनाज और रोजमर्रा की जरूरतों की दुकानें लगी हुई हैं। वहीं भारी वाहनों की लंबी कतारें खड़ी हो जाती हैं, जिससे पैदल चलने वालों के लिए भी रास्ता नहीं बचता महिलाएं, बुजुर्ग और राहगीर जान जोखिम में डालकर सड़क पार करने को मजबूर है. कई बार ट्रक और छोटे वाहनों के बीच फंसकर लोग बाल-बाल बचते है. ग्रामीणों का आरोप है कि भारी वाहनों की आवाजाही पर कोई समय सीमा तय नहीं की गयी है. नियमों के अनुसार बड़े और ओवरलोड वाहनों को दिन के समय बाजार और संकरी सड़कों से गुजरने की अनुमति नहीं होनी चाहिए, लेकिन यहां नियमों की खुलेआम अनदेखी की जा रही है. दिनभर ट्रकों का आना जाना लगा रहता है, जिससे न सिर्फ जाम की समस्या बढ़ रही है बल्कि सड़कें भी बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो चुकी है. क्षमता से अधिक वजन लदे वाहनों के कारण सड़क कई जगहों पर टूट चुकी है. जगह जगह गड्ढे बन गए हैं, जिससे दोपहिया और छोटे वाहनों के चालकों को काफी परेशानी हो रही है. कोहरे के समय इन गड्ढों का अंदाजा लगाना मुश्किल हो जाता है, जिससे दुर्घटना की आशंका बनी रहती है. जाम का सबसे बड़ा खामियाजा बीमार लोगों और आम नागरिकों को भुगतना पड़ रहा है. कई बार एम्बुलेंस जाम में फंस जाती है, जिससे मरीजों को समय पर इलाज नहीं मिल पाता. इसके अलावा नौकरीपेशा लोग, किसान और छोटे व्यापारी भी घंटों जाम में फंसे रहते हैं, जिससे उनका समय और मेहनत दोनों बर्बाद हो रहे है. व्यापारियों का कहना है कि जाम की वजह से बाजार में ग्राहकों की आवाजाही प्रभावित हो रही है. भारी वाहन अक्सर दुकानों के सामने खड़े हो जाते हैं, जिससे दुकानों तक पहुंचना मुश्किल हो जाता है. इससे कारोबार पर सीधा असर पड़ रहा है और छोटे दुकानदारों की आमदनी घट रही है. ग्रामीणों का यह भी कहना है कि सड़क की जब तक सड़क की क्षमता नहीं बढ़ाई जाती, तब तक इस मार्ग से भारी वाहनों का परिचालन जनहित के खिलाफ है. यदि समय रहते प्रशासन ने ठोस कदम नहीं उठाए, तो भविष्य में कोई बड़ा हादसा भी हो सकता है. कृष्णाब्रह्म में भारी वाहनों की अनियंत्रित आवाजाही ने आम जनता की मुश्किलें बढ़ा दी हैं. जाम अब केवल असुविधा नहीं, बल्कि सुरक्षा और जीवन से जुड़ा गंभीर मुद्दा बन चुका है.
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