ब्रह्मपुर. बक्सर जिले में जारी भीषण शीतलहर और गिरते पारे के बीच प्रशासन के दावों की जमीनी हकीकत सपही बाजार में देखने को मिली. जहां एक तरफ सरकार कड़ाके की ठंड में गरीबों और असहायों के लिए अलाव की व्यवस्था करने का दावा कर रही है, वहीं ब्रह्मपुर अंचल की लापरवाही ने लोगों को ठंड में ठिठुरने पर मजबूर कर दिया है. मामला सोमवार का है, जब सपही बाजार के समीप बड़ी संख्या में लोग एक अंतिम संस्कार में शामिल होने पहुंचे थे. शवदाह की प्रक्रिया पूरी करने के बाद जब लोग वापस लौटे, तो वे ठंड से कांप रहे थे. कनकनी और बर्फीली हवाओं के बीच लोगों को उम्मीद थी कि सपही बाजार के मुख्य चौक पर प्रशासन द्वारा अलाव जलाया गया होगा, लेकिन वहां की स्थिति देखकर लोग दंग रह गए. पूरे बाजार क्षेत्र में कहीं भी अलाव की व्यवस्था नहीं थी.
भगवान भरोसे है आम जनता : घटनास्थल पर मौजूद कांट गांव के हरेंद्र महतो, आत्मा सिंह व फादर ने अपना दर्द बयां करते हुए कहा कि अंतिम संस्कार के बाद शरीर गीला और ठंडा था. कड़ाके की धूप भी नहीं थी. हमें लगा था कि बाजार में अलाव मिलेगा जिससे थोड़ी राहत मिलेगी, लेकिन प्रशासन ने हमें भगवान भरोसे छोड़ दिया है.
नियमों की अनदेखी और उठते सवाल : नियमों के अनुसार, शीतलहर के दौरान अंचल कार्यालय का यह कर्तव्य है कि वह भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों, सार्वजनिक स्थलों और श्मशान घाटों के पास अलाव की समुचित व्यवस्था करे. सपही बाजार में अलाव की अनुपस्थिति सीधे तौर पर स्थानीय अधिकारियों की लापरवाही को दर्शाती है.
प्रशासन से त्वरित कार्रवाई की मांग : स्थानीय निवासियों ने जिला प्रशासन और बक्सर जिलाधिकारी से मांग की है कि इस घोर लापरवाही के लिए जिम्मेदार अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई की जाए. साथ ही, मांग की गई है कि बिना किसी देरी के सपही बाजार सहित अंचल के सभी प्रमुख सार्वजनिक स्थलों पर अलाव जलवाना सुनिश्चित किया जाए ताकि किसी अनहोनी को टाला जा सके.डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

