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Buxar News: हिंदी हमारी संस्कृति, परंपरा और राष्ट्रीय एकता की सशक्त कड़ी है : अरुण कुमार सिंह

Updated at : 14 Sep 2025 9:28 PM (IST)
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Buxar News: हिंदी हमारी संस्कृति, परंपरा और राष्ट्रीय एकता की सशक्त कड़ी है : अरुण कुमार सिंह

अपर समाहर्ता अरुण कुमार सिंह के द्वारा जिलेवासियों एवं सभाकक्ष में उपस्थित सभी गणमान्य व्यक्तियों को हार्दिक शुभकामनाएं देते हुए कहा कि हिंदी हमारी संस्कृति, परंपरा और राष्ट्रीय एकता की सशक्त कड़ी है

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बक्सर. अपर समाहर्ता अरुण कुमार सिंह के द्वारा जिलेवासियों एवं सभाकक्ष में उपस्थित सभी गणमान्य व्यक्तियों को हार्दिक शुभकामनाएं देते हुए कहा कि हिंदी हमारी संस्कृति, परंपरा और राष्ट्रीय एकता की सशक्त कड़ी है. यह केवल भाषा नहीं, बल्कि हमारे विचारों, भावनाओं और पहचान की अभिव्यक्ति है. बिहार में राजभाषा के रूप में हिंदी हमारे सरकारी कामकाज की आधारभूत भाषा है. इसलिए आवश्यक है कि हम सभी अपने दैनिक कार्यों और प्रशासनिक दायित्वों में गर्वपूर्वक हिंदी का प्रयोग करें. हम यह संकल्प लें कि हम हिंदी को सम्मान दें, इसे आत्मविश्वास के साथ अपनाएं और नई पीढ़ी तक इसकी शक्ति पहुंचाएं. यही हिंदी दिवस मनाने की सार्थकता है. 14 सितम्बर, 1949 को भारत की संविधान सभा ने हिन्दी भाषा को संघ की राजभाषा के रूप में अंगीकृत किया था. इसलिए प्रत्येक वर्ष हम 14 सितम्बर को हिन्दी दिवस के रूप में मनाते हैं. हिन्दी भाषा हमारी राष्ट्रीय अस्मिता की पहचान तथा जनमानस की अभिव्यक्ति का एक सशक्त माध्यम है. हमारे विशाल और बहुभाषी राष्ट्र के नागरिकों एवं राज्यवासियों को एक मंच पर लाने में संपर्क भाषा के रूप में हिन्दी-भाषा का अत्यन्त महत्वपूर्ण योगदान रहा है. बिहार हिन्दी भाषी राज्य है और यहां 1950 से ही राजभाषा अधिनियम लागू है. राजभाषा के रूप में हिन्दी सरकारी कामकाज की भाषा है. हिंदी को अपनाना किसी भाषा का विरोध नहीं बल्कि अपनी जड़ों से जुड़े रहने का संकल्प है. साहित्य और भाषा समाज को दिशा देने का कार्य करते हैं. यदि हिंदी को हम शिक्षा, प्रशासन और तकनीकी क्षेत्रों में बढ़ावा दें, तो यह भाषा न केवल भारत में बल्कि वैश्विक मंच पर भी अपनी सशक्त पहचान बना सकती है. कार्यक्रम का संचालन सामान्य शाखा प्रभारी वरीय उप समाहर्ता बक्सर आदित्य कुमार के द्वारा किया गया. जिला पंचायती राज पदाधिकारी विद्यानाथ पासवान ने धन्यवाद ज्ञापन किया. सेवानिवृत शिक्षक धुन लाल प्रेमातुर, डॉ शशांक शेखर, वर्षा पांडे, विजय शंकर मिश्रा,विमल शिक्षक,अनुराग मिश्रा, शर्मा परवीन, शुभ नारायण पाठक, निधि कुमारी,डॉ श्री निवास चतुर्वेदी ,डॉ रासबिहारी शर्मा,सावित्री सिंह, अनीता सिंह, डॉ विमलेश कुमार सिंह, धनंजय कुमार, हेमंत चौबे शामिल रहे.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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RAVIRANJAN KUMAR SINGH

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