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Buxar News: नये घाट की सीढ़ियां हवा में लटकी

Updated at : 30 Mar 2025 9:45 PM (IST)
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Buxar News: नये घाट की सीढ़ियां हवा में लटकी

करोड़ों रुपये से रामरेखाघाट पर पुराना घाट से ताड़का नाला की तरफ बना नया घाट के साथ ही पुराना घाट भी खतरनाक बन चुका है.

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बक्सर. करोड़ों रुपये से रामरेखाघाट पर पुराना घाट से ताड़का नाला की तरफ बना नया घाट के साथ ही पुराना घाट भी खतरनाक बन चुका है. जहां स्नान करने को लेकर श्रद्धालुओं को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है. एक तरफ निर्मित घाट से पानी का स्तर काफी नीचे हो गया है. वहीं घाट के नीचे भरा गया बेस पूरी तरह से गंगा जल के बहाव के कारण खाली हो गया है. भरे गये बेस को गंगा की धारा से कटाव का बचाव नहीं किया गया है. वहीं घाट के नीचे भरा गया बेस पूरी तरह से गंगा जल के बहाव के कारण खाली हो गया है. भरे गये बेस को गंगा की धारा से कटाव का बचाव नहीं किया गया है. बिना कार्य योजना के बनाये जाने के कारण फिलहाल काफी खतरनाक बन गया है. जिसके कारण पूरा घाट हवा में लटक रहा है. जिसके कारण भीड़ भाड़ की स्थिति में घाटों को टूटने की संभावना बन गयी है. जो कभी भी हादसे का गवाह बन सकता है. हवा में झूल रहा है घाट : रामरेखाघाट स्थित पुराना घाट से ताड़का नाला की तरफ बना नया घाट हवा में लटक रहा है. वहीं पुराना घाट धंस गया है. इसके साथ ही घाट पर काफी काई जमा हो गया है. जिससे घाट पर फिसलन कायम है. सीढीयां टूट गयी है. घाट नमामी गंगे की योजना के तहत बना हुआ है. जो निर्माण में अनियमितता के कारण आज घाट हवा में झूल रहा है. जिससे कभी भी बडी दुर्घटना हो सकती है. वहीं घाट किसी बड़ी दुर्घटना का गवाह भी हो सकता है. आगामी 3 अप्रैल को चैती छठ के अवसर पर काफी संख्या में दूर दराज से श्रद्धालु छठ को पूरा करने के लिए पहुंचेंगे. वहीं घाट किसी बड़ी दुर्घटना का गवाह भी हो सकता है. आगामी 3 अप्रैल को चैती छठ के अवसर पर काफी संख्या में दूर दराज से श्रद्धालु छठ को पूरा करने के लिए पहुंचेंगे.ऐसे में उमड़ने वाली भीड़ के साथ किसी भी प्रकार की अनहाेनी से इंकार नहीं किया जा सकता है. पानी घटने के बाद घाट की सीढ़ी से गंगा में पहुंचना हो गया है मुश्किल चैती छठ को लेकर न केवल जिले से बल्कि अन्य जिलों एवं अन्य प्रदेशों से भी रामरेखाघाट पर छठ पूजा को लेकर श्रद्धालु काफी संख्या में पहुंचते है. काफी संख्या में श्रद्धालुओं के घाट पर पहुंचने पर उनके भार से घाट को खतरा उत्पन्न हो सकता है. सीढीयों के टूटने से कभी भी हादसा हो सकता है. जिससे भी चोटिल होने की संभावना बनी हुई है. घाट से नीचे चला गया है जलस्तर रामरेखाघाट पर बनी सीढ़ीयों को गंगा के जल स्तर को कोई ध्यान में नहीं रखा गया है. जिसके कारण जलस्तर कम होने सीढीयां काफी खड़ी हो गई है. जहां से गंगा में स्नान करने के लिए उतरना बहुत ही कठिन कार्य हो गया है. सबसे नीचले सीढी से गंगा का जल स्तर काफी आगे चला गया है. जिसके कारण एक साथ सबसे नीचली सीढ़ी से तीन फीट से ज्यादा खाई कायम हो गई है. जहां स्नान करने में श्रद्धालुओं को परेशानी का सामना करना पड़ेगा,

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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RAVIRANJAN KUMAR SINGH

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RAVIRANJAN KUMAR SINGH is a contributor at Prabhat Khabar.

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