डुमरांव. बिहार सरकार कृषि विभाग द्वारा किसानों का डाटा डिजिटल प्लेटफाॅर्म पर लाने के उद्देश्य से नेशनल इ गवर्नेंस प्लान के तहत कृषोन्नति योजना अंतर्गत एग्रीस्टेक परियोजना के माध्यम से फार्मर रजिस्ट्री का कार्य इस समय प्रखंड के सभी पंचायतों में चल रहा है. इसकी जानकारी देते हुए सहायक तकनीकी प्रबंधक विवेकानंद उपाध्याय नें बताया कि कृषि विभाग द्वारा किसानों का डाटा डिजिटल प्लेटफार्म पर लाने के उद्देश्य से नेशनल ई गवर्नेंस प्लान के तहत कृषोन्नति योजना अंतर्गत एग्रीस्टेक परियोजना के माध्यम से फार्मर रजिस्ट्री का कार्य पंचायतों में चल रहा है. उन्होंने बताया कि डुमरांव प्रखंड के विभिन्न पंचायतों में आज से 9 जनवरी तक इसके लिए कैंप लगाया जा रहा है, आगे इसको लेकर उन्होंने विस्तृत जानकारी देते हुए बताया कि जिन किसानों को प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना अंतर्गत सम्मान राशि मिल रही है. उनके लिए यह आवश्यक है कि वह किसान अपना फार्मर रजिस्ट्री अवश्य करा लें. यह कार्य दो चरणों में हो रहा है. प्रथम चरण में सभी संबंधित किसान अपना आधार कार्ड एवं मोबाइल के साथ अपने पंचायत के लिए प्रतिनियुक्ति प्रखंड तकनीकी प्रबंधक, सहायक तकनीकी प्रबंधक, कृषि समन्वयक अथवा किसान सलाहकार से संपर्क करते हुए निःशुल्क अपना ई केवाईसी करवा लें.
राजस्व कर्मचारी से करें संपर्क : किसान का इ-केवाइसी सफलता पूर्वक हो जाने के बाद दूसरे चरण में किसान अपने स्वयं की जमाबंदी रशीद के साथ अपने पंचायत के राजस्व कर्मचारी से संपर्क करते हुए अपने फार्मर रजिस्ट्री की प्रक्रिया पूर्ण कर सकते हैं. इसको लेकर पंचायतों के विभिन्न स्थानों पर किसानों की सुविधा के लिए कैंप लगाकर फार्मर आइडी का कार्य किया जा रहा है.
घर बैठे कृषि विभाग जानकारी ले सकते हैं किसान : किसानों को अपने एंड्राइड मोबाइल से प्ले स्टोर में जाकर बिहार कृषि एप डाऊनलोड करने की भी सलाह दी जा रही है, जिससे किसान घर बैठे कृषि विभाग की विभिन्न योजनाओं के साथ-साथ बिहार कृषि रेडियो के माध्यम से समसामायिक खेती किसानी की जानकारी भी प्राप्त कर सकते हैं एवं किसी भी योजना में इसी एप के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन भी कर सकते हैं. विशेष जानकारी के लिए किसान अपने प्रखंड के प्रखंड कृषि पदाधिकारी, प्रखंड तकनीकी प्रबंधक, सहायक तकनीकी प्रबंधक, कृषि समन्वयक, किसान सलाहकार से भी संपर्क कर सकते हैं.
फार्मर आइडी कार्य के लिए इन पंचायतों में लगेगा कैंप8 जनवरी दिन गुरुवार को अरियांव, भोजपुर जदीद, कोरानसराय, अटांव, लाखनडिहरा, कसियां, छतनवार, मुगांव.
9. जनवरी दिन शुक्रवार को अरियांव, भोजपुर जदीद, लाखनडिहरा, कोरानसराय, नुआंव, कसियां, छतनवार, मुगांव.
फार्मर आइडी से किसानों को क्या है लाभफार्मर आइडी किसानों का अपना डिजिटल पहचान है. फार्मर आईडी एक ऐसा दस्तावेज है जिसमें किसान के खेत की पूरी जानकारी होगी, कहां-कहां जमीन है, कौन-कौन सी फसल लगी है, मिट्टी की सेहत कैसी है, परिवार में कौन-कौन सदस्य हैं, अब मुआवजे के लिए न तो दफ्तरों के चक्कर लगाने की जरूरत है, न बैंक लोन के लिए भारी भरकम कागजात जुटाने की जरुरत है. बस किसान फार्मर आईडी दिखाएं और हर सरकारी योजना का लाभ पाएं.
विवेकानंद उपाध्याय, सहायक तकनीकी प्रबंधक, प्रखंड कृषि कार्यालय , प्रखंड (डुमरांव)
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