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नहीं रहे डुमरांव महाराज चंद्र विजय सिंह, दिल्ली में ली अंतिम सांस

Updated at : 27 Sep 2025 10:32 PM (IST)
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नहीं रहे डुमरांव महाराज चंद्र विजय सिंह, दिल्ली में ली अंतिम सांस

डुमरांव शनिवार को डुमरांव राज परिवार के महाराजा चंद्र विजय सिंह के निधन की खबर मिलते ही जिले के आसपास सहित अन्य क्षेत्रों में शोक की लहर दौड़ गयी.

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बक्सर. डुमरांव शनिवार को डुमरांव राज परिवार के महाराजा चंद्र विजय सिंह के निधन की खबर मिलते ही जिले के आसपास सहित अन्य क्षेत्रों में शोक की लहर दौड़ गयी. उनके निधन की खबर सुनते ही लोगों को काफी गहरा झटका लगा, जिनका कुछ दिनों से दिल्ली के अपोलो अस्पताल में उनका इलाज चल रहा था, उनके बेटा कुमार शिवांग विजय सिंह ने बताया कि पिता जी कुछ दिनों से बीमार थे, उन्हें वेंटिलेटर पर रखा गया था. उन्होंने बताया कि उन्हें पहले डेंगू हुआ, फिर उसके बाद इंफेक्शन से परेशानी बढ़ी, जिसको लेकर उनका इलाज लगातार दिल्ली में चल रहा था. उनका शव डुमरांव लाया जा रहा है. जिनका अंतिम संस्कार बक्सर में किया जायेगा. महाराजा चंद्र विजय सिंह का जन्म 15 जून 1947 को हुआ था. वे 78 वर्ष के थे, जिन्होंने अपनी शिक्षा देहरादून से पूरी की थी. महाराज चंद्र विजय सिंह 1995 में बक्सर भाजपा जिला उपाध्यक्ष भी रहे. वे भारतीय रेड सोसाइटी के आजीवन पैटर्न मेंबर भी थे, जो लायंस क्लब में प्रेसिडेंट भी थे, महाराजा चंद्र विजय सिंह अखिल भारतीय क्षत्रिय महासभा के संरक्षक भी रहे. स्व चंद्र विजय सिंह अपने पीछे पत्नी कनिका सिंह, बेटा कुमार शिवांग विजय सिंह, समृद्ध विजय सिंह सहित भरा परिवार को छोड़ गये हैं. उनके निधन से डुमरांव राज परिवार सहित डुमरांव नगर व शाहाबाद के क्षेत्रों में शोक की लहर है, जानकारी के अनुसार उनका पार्थिव शरीर आज सुबह भोजपुर कोठी डुमरांव पहुंचेगा. निधन की खबर मिलते ही शोक संवेदना प्रकट करने का लगा तांता बक्सर के प्रसिद्ध चिकित्सक डॉ आशुतोष कुमार सिंह ने कहा कि महाराजा बहादुर डुमरांव महाराज कमल सिंह जी (पूर्व सांसद) के ज्येष्ठ पुत्र एवं वर्तमान महाराज डुमरांव, महाराज चंद्र विजय सिंह के निधन की खबर मिलते ही मन दुखी हो गया. वे अपने सरल स्वभाव, सौम्य व्यक्तित्व और समाज सेवा के प्रति समर्पण के लिए पूरे शाहाबाद क्षेत्र में आदरणीय माने जाते थे. उनके निधन से न केवल डुमरांव राजघराने को अपूरणीय क्षति हुई है. वहीं डुमरांव राजपरिवार के महाराज चंद्रविजय सिंह के आकस्मिक निधन पर महर्षि विश्वामित्र महाविद्यालय, बक्सर के प्रधानाचार्य प्रो कृष्णा कान्त सिंह सहित महाविद्यालय परिवार ने गहरी शोक संवेदना व्यक्त की है. महाविद्यालय के प्राचार्य, प्राध्यापक, शिक्षकेत्तर कर्मचारी एवं छात्र-छात्राओं ने कहा कि महाराज चंद्रविजय सिंह का निधन समाज एवं क्षेत्र के लिए अपूरणीय क्षति है. महाविद्यालय के प्रधानाचार्य प्रो कृष्णा कान्त सिंह ने कहा कि महाराज चंद्रविजय सिंह सदैव शिक्षा, संस्कृति एवं लोककल्याणकारी कार्यों में रुचि रखते थे. शोक संवेदना प्रकट करने वाले में डॉ महेंद्र प्रताप सिंह, डॉ योगर्षि राजपूत, डॉ सुजित कुमार यादव, डॉ अवनीश कुमार पाण्डेय, डॉ राकेश तिवारी, डॉ विरेन्द्र कुमार, डॉ नवीन शंकर पाठक, डॉ प्रिय रंजन, डॉ रासबिहारी शर्मा, डॉ स्वेत प्रकाश, डाॅ विभा श्रीवास्तव, डॉ अर्चना मिश्रा, डॉ जय प्रकाश मिश्रा, डाॅ अशोक कुमार यादव, डॉ अर्चना पांडेय, डॉ सीमा कुमारी, डॉ विकास राना, डॉ दीपक कुमार शर्मा, डॉ अमन कुमार सिंह, डॉ शैकत देवनाथ, डॉ अरविंद कुमार सिंह, चिन्मय प्रकाश झा, शैलेंद्र कुमार पाठक, शिवम भारद्वाज, राजीव रंजन, अमित कुमार मिश्रा, टुनटुन मिश्रा, सुनिल कुमार, अनिल कुमार, नौशाद आलम, संतोष कुमार, सुमित कुमार पाठक सहित अन्य थे. वहीं जन सुरज पार्टी के शाहाबाद प्रभारी तथागत हर्षवर्धन ने बताया कि डुमरांव महाराज चंद्र विजय सिंह के निधन का दुखद समाचार मिला. ईश्वर उनकी आत्मा को शांति दें. उनके द्वारा किया गया कार्य सदैव स्मरणीय रहेगा. शोक संवेदना व्यक्त करने वालों में शाहाबाद के युवा प्रभारी बजरंगी मिश्रा, मणि शंकर पांडे, श्रीमन राय, आनंद मिश्रा शामिल रहे.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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AMLESH PRASAD

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By AMLESH PRASAD

AMLESH PRASAD is a contributor at Prabhat Khabar.

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