डुमरांव में खेग्रामस और भाकपा माले का 24 घंटे का सामूहिक अनशन शुरू: 'गरीबों को बासगीत पर्चा, जमीन, रोजगार और स्वास्थ्य की गारंटी दे सरकार'

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सामूहिक अनशन में शामिल खेग्रामस एवं भाकपा माले के कार्यकर्ता | Prabhat Khabar Network

डुमरांव में अखिल भारतीय खेत एवं ग्रामीण मजदूर सभा (खेग्रामस) और भाकपा माले (CPI-ML) ने 24 घंटे का सामूहिक अनशन सत्याग्रह शुरू किया है. आंदोलनकारियों की मुख्य मांग है कि गरीबों और महादलितों को बासगीत पर्चा, पांच-पांच डिसमिल जमीन, पक्का आवास, रोजगार और स्वास्थ्य की गारंटी दी जाए.

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Buxar News: बक्सर जिले के डुमरांव प्रखंड-सह-अंचल कार्यालय परिसर में स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या पर अखिल भारतीय खेत एवं ग्रामीण मजदूर सभा (खेग्रामस) के राज्यव्यापी आह्वान पर गुरुवार को 24 घंटे का सामूहिक अनशन सत्याग्रह आंदोलन शुरू किया गया. आंदोलन का नेतृत्व भाकपा माले (CPI-ML) के जिला सचिव नवीन कुमार, प्रखंड सचिव धर्मेंद्र सिंह, ललन राम, कन्हैया पासवान और अलख नारायण चौधरी ने संयुक्त रूप से किया. इस सत्याग्रह में डुमरांव क्षेत्र के बड़ी संख्या में महादलित, गरीब, भूमिहीन मजदूर, महिलाएं, छात्र और युवा शामिल हुए.

जो जहां बसे हैं, उन्हें मिले 5-5 डिसमिल बासगीत पर्चा

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए भाकपा माले जिला सचिव नवीन कुमार ने कहा कि देश की आजादी के दशकों बाद भी बड़ी संख्या में गरीब व महादलित परिवार जिस जमीन पर पुश्तों से बसे हैं, उन्हें अब तक बासगीत पर्चा नहीं मिल पाया है.

उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा, "गरीबों के आशियाने पर बुलडोजर चलाने की प्रशासनिक कार्रवाई को किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा. बिहार सरकार सभी गरीब भूमिहीन परिवारों को रहने के लिए कम से कम पांच-पांच डिसमिल जमीन, पक्का आवास, रोजगार, शिक्षा, स्वास्थ्य और राशन की शत-प्रतिशत गारंटी दे."

इसके साथ ही बलहा और तेतरी गांव में वर्षों से बसे मुसहर समुदाय तथा अन्य महादलित परिवारों को पीपीएच एक्ट 1947 (PPH Act 1947) के तहत जमीन का मालिकाना पर्चा देने की मांग प्रमुखता से उठाई गई.

पर्चाधारियों को जमीन पर दखल व मनरेगा मजदूरी की मांग

माले नेता ने आरोप लगाया कि बलहा गांव में बेदखल जोत जमीन के पर्चाधारियों के पक्ष में अदालती आदेश होने के बावजूद अंचल प्रशासन उन्हें जमीन पर कब्जा (दखल-दहानी) दिलाने में टालमटोल कर रहा है.

आंदोलनकारियों ने मनरेगा के तहत साल में 200 दिन काम और उचित दैनिक मजदूरी देने, प्रवासी मजदूरों के लिए सुरक्षा कानून बनाने, राशन कार्ड से वंचित गरीबों के नाम जोड़ने, माइक्रोफाइनेंस कंपनियों व बैंकों के जाल में फंसी गरीब महिलाओं का कर्ज पूरी तरह माफ करने और बकाया बिजली बिल माफ करने जैसी मांगें प्रशासन के समक्ष रखीं.

सामूहिक अनशन में शामिल खेग्रामस एवं भाकपा माले के कार्यकर्ता | Prabhat Khabar Network
सामूहिक अनशन में शामिल खेग्रामस एवं भाकपा माले के कार्यकर्ता | Prabhat Khabar Network

अनशन पर बैठे प्रमुख प्रतिनिधि

24 घंटे के इस सामूहिक अनशन सत्याग्रह पर ललन राम, कन्हैया पासवान, सर्वेश कुमार पांडेय, धनई राम, चंद्रेश सिंह, शिवजी राजभर और शंकर राय बैठे. वहीं धरना स्थल पर भगवान दास, जाबिर कुरैशी, ऊषा देवी, राजा अंसारी, राधेश्याम शर्मा समेत सैकड़ों की संख्या में ग्रामीण व कार्यकर्ता उपस्थित रहे.

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सुजीत कुमार ओझा

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By सुजीत कुमार ओझा

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