बक्सर: बाबा ब्रह्मेश्वर नाथ मंदिर में ट्रस्ट गठन के 4 साल बाद भी व्यवस्थाएं बेपटरी, सूचना पट्ट न होने से श्रद्धालुओं से मनमाना शुल्क वसूलने का आरोप
बाबा ब्रह्मेश्वर नाथ मंदिर | Prabhat Khabar Network
डुमरांव के बाबा ब्रह्मेश्वर नाथ मंदिर में ट्रस्ट गठन के चार साल बाद भी पारदर्शिता का अभाव है. श्रद्धालुओं से मनमाने शुल्क वसूली और दुर्व्यवहार की खबरें सामने आई हैं.
Buxar News: बिहार के प्रसिद्ध एवं ऐतिहासिक सिद्धपीठ बाबा ब्रह्मेश्वर नाथ मंदिर (ब्रह्मपुर) में धार्मिक न्यास बोर्ड (ट्रस्ट) के गठन के चार वर्ष बीत जाने के बावजूद धरातल पर श्रद्धालुओं की सुविधाओं और व्यवस्थाओं में कोई सुधार नहीं दिख रहा है. मंदिर संचालन में पारदर्शिता का घोर अभाव है. स्थिति यह है कि पिछले चार सालों में परिसर के भीतर किसी भी प्रकार के पूजा-पाठ, रुद्राभिषेक या अन्य धार्मिक अनुष्ठानों के लिए निर्धारित शुल्कों का एक भी सूचना पट्ट (Information Board) नहीं लगाया गया है.
जिले के ही अन्य प्रमुख धार्मिक स्थलों, जैसे रामेश्वरनाथ मंदिर में सभी नियमों और शुल्कों की जानकारी स्पष्ट रूप से बोर्ड पर प्रदर्शित की जाती है. इसके विपरीत, ब्रह्मेश्वर नाथ मंदिर में कोई आधिकारिक रेट चार्ट न होने से विशेष मौकों जैसे सोमवारी और महाशिवरात्रि पर निजी लाभ के लिए श्रद्धालुओं से मनमाना शुल्क वसूलने का आरोप लग रहा है.
बैरिकेडिंग से लेकर गर्भगृह तक अलग-अलग रेट, विरोध पर दुर्व्यवहार
पारदर्शिता न होने का सीधा खामियाजा दूर-दराज से आने वाले शिव भक्तों को भुगतना पड़ रहा है. बैरिकेडिंग के बाहर से दर्शन करने और गर्भगृह के भीतर प्रवेश कर रुद्राभिषेक करने के लिए मनमाने रेट तय कर दिए गए हैं. जब कोई श्रद्धालु इसका विरोध करता है, तो उसके साथ अभद्र व्यवहार किया जाता है. विवाद से बचने के लिए श्रद्धालु लाचार होकर मनमाना शुल्क देने को मजबूर हैं.
स्थानीय बुद्धिजीवियों और श्रद्धालुओं का कहना है कि 4 साल बाद भी ट्रस्ट को पारदर्शी तरीके से न चला पाना जिला प्रशासन और संबंधित विभाग की बड़ी विफलता है.

एसडीओ राजीव कुमार बोले: व्यवस्था दुरुस्त करने का प्रयास जारी
मामले के संबंध में डुमरांव के अनुमंडल पदाधिकारी (SDO) राजीव कुमार ने बताया कि मंदिर की व्यवस्था को पटरी पर लाने और सभी समस्याओं के समाधान के लिए प्रशासनिक स्तर पर लगातार प्रयास किए जा रहे हैं. उन्होंने कहा कि मंडा समाज व स्थानीय हितधारकों की नाराजगी दूर करने और मंदिर संचालन को पारदर्शी बनाने के लिए वार्ता जारी है. जल्द ही व्यवस्था में सुधार देखने को मिलेगा.
प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी
Prabhat Khabar App :
देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए










