फाइल- 3- जलवायु अनुकूल खेती करेंगे किसान, कृषि कार्यशाला में वैज्ञानिक तरीके से खेती करने की दी गयी जानकारी

जलवायु अनुकूल खेती करेंगे किसान
24 जून- फोटो-3- किसानों को जानकारी देते बीडीओ राजपुर. प्रखंड के इ-किसान भवन परिसर में खरीफ महोत्सव सह कृषक प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया. जिसका उद्घाटन बीडीओ सिद्धार्थ कुमार, प्रखंड कृषि पदाधिकारी सुधीर कुमार मांझी, प्रखंड उद्यान पदाधिकारी मुन्ना कुमार सिंह,मुखिया अनिल सिंह ने संयुक्त रूप से दीप जलाकर किया.बीडीओ सिद्धार्थ कुमार ने कहा कि किसान के सामने कई बड़ी चुनौतियां हैं. बाढ़ सुखाड़ की मार झेल रहे किसानों के प्रति सरकार काफी सजग हो गई है. कृषि क्षेत्र में बढ़ावा के लिए पंचायत एवं प्रखंड स्तर पर कर्मियों की बहाली कर समस्याओं का निदान किया जा रहा है.आज बदलते समय के साथ किसानों को आधुनिक खेती करने की जरूरत है. कृषि कर्मियों को सुझाव दिया कि किसानों की समस्याओं का निराकरण शत प्रतिशत होना चाहिए. खेती के साथ बागवानी पर भी ध्यान देने की जरूरत है.कृषि पदाधिकारी सुधीर मांझी ने बताया कि बदलते मौसम के साथ किसानों को अब जलवायु अनुकूल खेती करने की जरूरत है. जलवायु में हो रहे परिवर्तन से खेती पर इसका बुरा प्रभाव पड़ रहा है. जिसको लेकर कृषि विभाग के तरफ से कई प्रकार के प्रजाति के धान के बीज उपलब्ध कराए गए हैं. किसान भौगोलिक परिस्थिति के अनुसार धान की रोपनी करेंगे. अधिक पानी वाले जगह पर नाटी मंसूरी एवं कम पानी वाले जगहों पर कतरनी एवं अन्य प्रजाति के धान की खेती करेंगे. लंबी अवधि वाले पौधे के लिए धान का बिचड़ा 10 जून तक एवं कम अवधि वाले के लिए आगामी 25 जुलाई तक किसान अपने खेतों में बिचड़ा डालेंगे. खरपतवार के लिए जैविक विधि का उपयोग करें. प्रखंड उद्यान पदाधिकारी मुन्ना कुमार सिंह ने उद्यान से संबंधित जानकारी देते हुए कहा कि किसान आम, पपीता एवं केला के लिए हॉर्टिकल्चर के वेबसाइट पर आवेदन कर सकते हैं. पहली बार नारियल पौधा भी किसानों को मिलेगा वहीं. शुष्क बागवानी मिशन योजना के तहत खेत की मेड़ पर आंवला, नींबू ,अमरुद एवं एप्पल बेर किसान लगा सकते हैं. किसानों को आर्थिक प्रबल देने के लिए इस बार खरीफ मौसम में भी प्याज की खेती करने के लिए सरकार ने योजना बनायी है. जिसके लिए एक हेक्टेयर पर 60000 रुपये अनुदान किसान को दिया जायेगा. यह अनुदान की राशि उनके खाते में भेजी जाएगी. इसके अलावा मधुमक्खी पालन के क्षेत्र में भी आगे बढ़ सकते हैं. वहीं मशरूम पर चर्चा करते हुए कहा कि प्रशिक्षण प्राप्त किसानों को मशरूम किट दिया जायेगा. झोपड़ी मशरूम उत्पादन योजना के तहत लगभग 1 लाख 89000 की लागत से बनने वाले इस झोपड़ी के लिए 50 प्रतिशत अनुदान दिया जायेगा. अगर कोई किसान बड़ा व्यवसाय करना चाहता है तो मटन मशरूम के लिए आवेदन कर सकते हैं. जिसके लिए बैंक से लोन प्राप्त होगा. प्याज भंडारण के लिए छह लाख की लागत से बांस की चाली युक्त गोदाम का निर्माण होगा. जिसमें चार लाख तीस हजार रुपए सरकार के तरफ से अनुदान मिलेगा. प्रधानमंत्री सिंचाई योजना के बारे में जानकारी देते हुए बताया कि मिनी स्प्रिंकलर एवं ड्रिप सिंचाई अपने खेतों में लगा सकते हैं. जिससे फसलों की पैदावार अच्छी होगी. इस योजना के लिए फिलहाल किसान अगर अपने खेत में यह यंत्र लगते हैं तो उन्हें बोरिंग करने पर 40000 रुपये अनुदान दिया जायेगा. कृषि समन्वयक संजय कुमार सिंह ने कृषि संबंधित सभी योजनाओं पर प्रकाश डालकर किसानों को लाभ लेने के लिए अपील किया. इस मौके पर आत्मा के उप परियोजना निदेशक बेबी कुमारी, प्रगतिशील किसान मदन उपाध्याय, वंश नारायण राम के अलावा अन्य लोग मौजूद रहे. कार्यक्रम का संचालन एटीएम योगेश कुमार मिश्र ने की. प्रशिक्षण में सभी कृषि समन्वयक एवं कृषि सलाहकार मौजूद रहे.
डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है
प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी
लेखक के बारे में
By Prabhat Khabar News Desk
यह प्रभात खबर का न्यूज डेस्क है। इसमें बिहार-झारखंड-ओडिशा-दिल्ली समेत प्रभात खबर के विशाल ग्राउंड नेटवर्क के रिपोर्ट्स के जरिए भेजी खबरों का प्रकाशन होता है।
Prabhat Khabar App :
देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए




