कांट पंचायत में लगी अगलगी से गेहूं की फसल जलकर हुआ राख

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कांट पंचायत में लगी अगलगी से गेहूं की फसल जलकर हुआ राख

स्थानीय थाना क्षेत्र के ग्राम पंचायत कांट के मधुकरा मौजा में मंगलवार की दोपहर में गेहूं की फसल जलकर राख हो गयी.

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ब्रह्मपुर. स्थानीय थाना क्षेत्र के ग्राम पंचायत कांट के मधुकरा मौजा में मंगलवार की दोपहर में गेहूं की फसल जलकर राख हो गयी. आग लगने का कारण पता नहीं चल पाया. दोपहर को गांव के सिवान से धुआं उठता दिखा. ग्रामीण हाथ में लाठी डंडा और पेड़ों की डाली लेकर दौड़ पड़े. ग्रामीणों की कड़ी मशक्कत के बाद भी आग पर काबू नहीं पाया जा सका. तब तक खेतों में खड़ी तैयार गेहूं की फसल व सैकड़ों बोझे जलकर राख हो गये. वहीं भूसा बनाने के लिए खेतों में छोड़ा गया. करीब दो सौ एकड़ का डंठल भी जल गया. इस मौके पर धर्मेंद्र यादव ने बताया कि ज्यादातर किसानों द्वारा फसल को काट कर डंठल को भूसा के लिए छोड़ा गया जो जलकर राख हो गया. इसके अलावा राजाराम महतो का एक बीघा खेत में खड़ी गेहूं की फसल आग की भेंट चढ़ गयी. वहीं श्री गणेश यादव डेढ़ बीघा, शंभूनाथ यादव एक बीघा, राम ईश्वर यादव डेढ़ बीघा,जीतल यादव दो बीघा इन सभी किसानों द्वारा गेहूं की फसल को खेत से काट कर दवनी के लिए बोझा तैयार रखें थे. जो करीब सभी किसानों के मिलाकर 400 जल कर राख हो गयी है. पानी के लिए गुहार लगाते रहे किसान : आग की लपटों से किसानों का अरमान धाराशायी होते ही किसानों का गुस्सा जेके सीमेंट कंपनी पर फूट पड़ा. पीड़ित महिला किसानों ने कंपनी के विरोध में जमकर भड़ास निकाली. किसानों का आरोप था कि बड़ी ही उम्मीद के साथ पानी की मांग की थी. पानी न मिलने से उनके सारे सपने आग की लपटों में स्वाहा हो गये. दरअसल जेके सीमेंट की एक इकाई की यूनिट फैक्ट्री का निर्माण कांट गांव के मौजा में ही कर रही है. फैक्ट्री में जाने के लिए सड़क का भी निमार्ण हो रहा है. सड़क पर धूल व अन्य कामों के लिए पानी का सप्लाइ टैंकर से होता है. इसी आशा में किसानों द्वारा कंपनी के गेट पर जाकर टैंकर से पानी देने की गुहार लगायी. जिससे उनकी फसल बच सकें. पीड़ित किसानों ने कहा कि बार बार टैंकर से पानी देने का गुहार लगाते रहे. लेकिन पास में ही लगी आग को बुझाने ने के लिए पानी नहीं दिया गया. अगर कंपनी द्वारा पानी दे दिया जाता तो कुछ हद तक गेहूं की फसल को बचाया जा सकता था. जबकि कंपनी द्वारा शुरू से ही अश्वासन दिया जा रहा है कि गांव वालों के विकास के लिए हर संभव कोशिश करेगी. गांव वालों का आरोप है कि जब जल रही फसल को बचाने के लिए पानी नहीं दिया गया तो भला कंपनी से क्या आशा की जा सकती है. किसानों की आवाज दबाने के लिए बुलायी पुलिस : आग बुझाने के लिए किसान गुहार लगाते रहे, लेकिन गुहार सुनने के बजाय कंपनी द्वारा पुलिस को बुला लिया गया. सतेंद्र यादव ने कंपनी पर आरोप लगाते हुए कहा कि कंपनी के इस हरकत से साफ जाहिर हो रहा है कि इनकी मंशा गांव वालों के पति ठीक नहीं है. क्या कहते हैं अधिकारी जब किसान पानी के लिए पहुंचे थे. उस समय लंच का समय था व टैंकर के ड्राइवर खाना खाने के लिए चले गये थे. जब तक ड्राइवर पहुंचे, तब तक बहुत देर हो चुकी थी. पिंटू मिश्रा, बिहार स्टेट हेड, जेके सीमेंट

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