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फाइल- 15- पानी के अभाव में खेतों में पड़ी दरार धान की खेती हो रहा प्रभावित बोरिंग चलने से 30 फुट नीचे हुआ भूमिगत जलस्तर

Updated at : 26 Jul 2024 5:56 PM (IST)
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फाइल- 15- पानी के अभाव में खेतों में पड़ी दरार धान की खेती हो रहा प्रभावित बोरिंग चलने से 30 फुट नीचे हुआ भूमिगत जलस्तर

पानी के अभाव में खेतों में पड़ी दरार

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26 जुलाई- फोटो- 12- धान रोपनी के बाद खेत में पड़ी दरार राजपुर. प्रखंड क्षेत्र के सभी गांव में इन दिनों लगातार भूमिगत जलस्तर नीचे हो रहा है. पिछले एक महीने के बाद 30 फुट नीचे भूमिगत जलस्तर चला गया है. 20 फुट नीचे चेंबर में चलने वाला बोरिंग एवं पहले लेयर पर चलने वाला समरसेबल भी अब पूरी तरह से बंद हो गया है. ऐसा पहली बार हुआ है जब समरसेबल भी पानी देना बंद कर दिया है. पानी की विकराल समस्या से लोगों में काफी चिंता का विषय बन गया है.कुछ किसान किसी तरह धान रोपनी कर रहे है.रोपनी होने के बाद पानी की समस्या लगातार बनी हुई है.बढ़ते तापमान से खेतों में दरारे पड़ने लगी है.धान को बचाना भी मुश्किल हो सकता है. पिछले दिनों मानसून की सक्रियता से हुई झमाझम बारिश से किसानों ने खेती का काम शुरू किया था.किसानों को उम्मीद थी कि नहर में पानी आ जाएगा जो अब तक नहीं आया है.सावन महीने में बारिश की रस फुहार के बजाय इन दिनों तापमान में हुई वृद्धि से पानी तेजी के साथ खेत से सूख रहा है.धान का कटोरा कहा जाने वाला क्षेत्र पिछले कई वर्षों से प्राकृतिक प्रकोप का मार झेल रहा है. खरीफ फसल में सिंचाई की समस्या एवं रबी फसल में मौसम की मार झेलने से किसानों को काफी नुकसान उठाना पड़ रहा है.इस बार भी किसानों को डर सताने लगा है की फसल की पैदावार कम हो सकता है. धान के पौधों में पर्याप्त मात्रा में पानी नहीं होने से फसलों पर इसका प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है.पश्चिमी क्षेत्र के नागपुर, रामपुर, निकृष, कजरिया, गैधरा, मंगराव, संगराव, खीरी, श्रीकांतपुर, बारुपुर, उत्तमपुर के अलावा अन्य गांव में धान के पौधों की सिंचाई के लिए लगातार डीजल पंप सेट एवं इलेक्ट्रिक मोटर के सहारे सिंचाई की जा रही है. लगातार भूमिगत जल का दोहन होने से इस बार भूमिगत जलस्तर भी नीचे रह गया है. पिछले वर्ष वर्षा होने से भूमि का पूर्णतः रिचार्ज हो गया था. इस बार अभी तक रिचार्ज नहीं होने से किसानों को अगली फसल के लिए चिंता सताने लगी है. क्षेत्र के किसान दयानंद सिंह ,खीरी के किसान रमेश ठाकुर,उमेश सिंह ,बारुपुर के किसान हीरालाल राजभर ,संगराव के किसान रिंकू सिंह, विनय पांडेय, मंगराव के किसान जीबोधन राय, बिमल राय ने बताया कि पानी का खिंचाव अधिक होने से भूमि का रिचार्ज बहुत कम हुआ है. अभी धान को पूरी तरह से तैयार होने में लगभग 90 दिन का समय है. नहर में भी पर्याप्त मात्रा में पानी नहीं है.खेतों तक पानी की पहुंच नहीं होने से लगातार भूमि का दोहन हो रहा है. किसानों की समस्या को लेकर जल संसाधन मंत्री से मिले पूर्व मंत्री संतोष निराला इस बार नहर में पर्याप्त पानी नहीं होने से क्षेत्र में किसानों से मिलने आये पूर्व राज्य परिवहन मंत्री संतोष कुमार निराला से किसानों ने अपनी पीड़ा सुनाते हुए कहा कि इस बार पानी नहीं आने से खेती पूरी तरह से प्रभावित है. किसानों की गंभीर समस्या को देख मंत्री ने जल संसाधन मंत्री से मुलाकात कर नहर में पर्याप्त पानी उपलब्ध कराने की गुहार लगायी है. हालांकि पहाड़ों पर कम वर्षा होने से सोन नदी में भी पर्याप्त पानी नहीं होने से पानी की कमी हो गई है. ऐसे में जल संसाधन मंत्री ने भरोसा दिलाया है कि किसानों की समस्या पर ध्यान दिया जाएगा.

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