डुमरांव. अनुमंडल क्षेत्र के कृष्णाब्रह्म थाना परिसर में पुलिस अधीक्षक (एसपी) शुभम आर्य द्वारा आयोजित जनता दरबार के दौरान पुलिस की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े हुए. जनता दरबार में दर्जनों फरियादी अपनी समस्याएं लेकर पहुंचे, जिनमें कई मामले अत्यंत संवेदनशील और गंभीर प्रकृति के पाये गये. सबसे अहम मामला कठार गांव की पीड़िता महिला फाल्गुनी देवी का रहा, जिसने थाने की लापरवाही को उजागर कर करते हुए थाने की पोल खोल कर रख दी. मारपीट की घटना, लेकिन एफआइआर नहीं : फाल्गुनी देवी ने जनता दरबार में एसपी को बताया कि बीते पांच जनवरी को जमीनी विवाद को लेकर उनके पट्टीदारों ने उनके साथ तथा उनकी बेटी सरिता कुमारी के साथ बहुत ही बेरहमी से मारपीट की. घटना के बाद वे न्याय की आस में लगातार कृष्णाब्रह्म थाना का चक्कर काटती रहीं, लेकिन पुलिस ने अब तक करवाई तो दूर प्राथमिकी भी दर्ज नहीं की. पीड़िता ने आरोप लगाया कि पुलिस ने न तो समय पर कार्रवाई की और न ही उनकी बात को गंभीरता से लिया, जिसके कारण आज तक पीड़िता भटक रही है. हालांकि पीड़िता की इस बात को सुनते ही एसपी भड़क गए और थानाध्यक्ष को कड़ी फटकार लगाते हुए चेतावनी दी. तीन दिन बाद पहुंची पुलिस, एसपी हुए नाराज : जनता दरबार के दौरान जब एसपी को यह जानकारी दी गई कि मारपीट की घटना 5 जनवरी को हुई थी, जबकि पुलिस आठ जनवरी को पीड़िता के घर पहुंची, तो वे बुरी तरह भड़क गये. एसपी शुभम आर्य ने मौके पर मौजूद थाना कर्मियों को कड़ी फटकार लगाते हुए कहा, कि “5 तारीख को घटना हुई तो 8 को क्यों पहुंचे? उस दिन क्या सो रहे थे? थाने का मजाक बना दिए हो?” उन्होंने तत्काल प्राथमिकी दर्ज करने का निर्देश देते हुए स्पष्ट चेतावनी दी कि इस प्रकार की लापरवाही किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं की जायेगी. पोखरे पर अतिक्रमण का मुद्दा उठा : जनता दरबार में ढकाईच पंचायत के बीडीसी सदस्य पंकज दुबे ने चौकियां गांव स्थित सार्वजनिक पोखरे पर हो रहे अतिक्रमण का मामला उठाया. उन्होंने बताया कि पोखरे की भूमि पर दबंगों द्वारा अवैध कब्जा किया जा रहा है, जिससे ग्रामीणों को जल-संकट सहित अन्य परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है. एसपी ने इस मामले में संबंधित अंचल व थाना को संयुक्त रूप से जांच कर शीघ्र ही कार्रवाई का निर्देश दिया. जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र में हो रही देरी : नुआंव पंचायत के मुखिया प्रतिनिधि विनय कुमार ने आरोप लगाया कि जन्म एवं मृत्यु प्रमाण पत्र से संबंधित आवेदनों में चौकीदार द्वारा अनावश्यक टालमटोल की जाती है. उन्होंने कहा कि हस्ताक्षर के नाम पर आम लोगों को बार-बार दौड़ाया जाता है, जिससे जनता को भारी परेशानी झेलनी पड़ती है. एसपी ने इस शिकायत को गंभीरता से लेते हुए संबंधित अधिकारियों को व्यवस्था दुरुस्त करने के निर्देश दिये. अन्य मामलों पर भी हुई सुनवाई : जनता दरबार में कृष्णाब्रह्म चौक पर सीसीटीवी कैमरा लगाने की मांग भी उठायी गयी. इसके अलावा हाल ही में हुए नारायणजी हत्याकांड का अब तक खुलासा न होने को लेकर भी परिजनों ने नाराजगी जतायी. वहीं शीशम के पेड़ काटने को लेकर देव महतो और उनके पाटीदारों के बीच चल रहे विवाद की भी शिकायत सामने आयी. जांच कर निष्पक्ष कार्रवाई का भरोसा दिया गया. जनता दरबार के समापन पर एसपी शुभम आर्य ने सभी मामलों में त्वरित, निष्पक्ष और संवेदनशील जांच का आश्वासन दिया. उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि पीड़ितों की अनदेखी किसी भी स्तर पर स्वीकार्य नहीं है और पुलिस की जवाबदेही तय की जायेगी. लापरवाह कर्मियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी, ताकि आम जनता का पुलिस पर विश्वास बना रहे.
डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

