दानापुर रेल मंडल में सबसे गंदा बक्सर स्टेशन

Updated at : 21 May 2017 3:50 AM (IST)
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दानापुर रेल मंडल में सबसे गंदा बक्सर स्टेशन

पिछले वर्ष 154 पर थी रैंकिंग, इस वर्ष पहुंचा 301 पर रैंकिंग में पिछड़ा, तो शुरू हुई प्लानिंग बक्सर : बक्सर रेलवे स्टेशन की सफाई व्यवस्था बदतर है. यह हम नहीं कह रहे हैं, बल्कि रेलवे द्वारा कराये गये सर्वेक्षण के आधार पर रैंकिंग मिला है, जिस रैंकिंग में बक्सर काफी पीछे है. पिछले वर्ष […]

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पिछले वर्ष 154 पर थी रैंकिंग, इस वर्ष पहुंचा 301 पर

रैंकिंग में पिछड़ा, तो शुरू हुई प्लानिंग
बक्सर : बक्सर रेलवे स्टेशन की सफाई व्यवस्था बदतर है. यह हम नहीं कह रहे हैं, बल्कि रेलवे द्वारा कराये गये सर्वेक्षण के आधार पर रैंकिंग मिला है, जिस रैंकिंग में बक्सर काफी पीछे है. पिछले वर्ष की तुलना में स्टेशन की गंदगी और बढ़ी है. पिछले वर्ष सफाई के मामले में 154 वां रैंकिंग मिली थी. वहीं, बढ़ कर 301 पर पहुंच गया है. दानापुर डिवीजन में आरा से भी गंदा बक्सर का स्टेशन है. रैंकिंग में पिछड़ने के बाद बक्सर स्टेशन को साफ-सुथरा बनाने को लेकर प्लानिंग बनायी गयी है.
दानापुर डिवीजन में पहले स्थान पर पटना व दूसरे पायदान पर आरा रेलवे स्टेशन पहुंच गया है. दानापुर डिविजन के सबसे निचले स्थान पर बक्सर है. रेलवे बोर्ड द्वारा देश के ‘गेड वन’ व ग्रेड ‘ए’ स्टेशनों का सर्वे कराया गया. इसमें बक्सर की रैकिंग में भारी गिरावट आयी है. पिछले साल बक्सर 154 नंबर पर था, लेकिन इस साल बक्सर की 301 वें स्थान पर पहुंच गया. बक्सर रेलवे स्टेशन की सफाई व्यवस्था मेडिकल विभाग के हवाले रहने के बाद भी अबतक का सबसे खराब रैंकिंग मिली है.
इस आधार पर हुई रैकिंग : पिछले दिनों रेलवे बोर्ड की टीम बक्सर रेलवे स्टेशन पर पहुंची हुई थी. इसके बाद स्टेशन के विभिन्न पहलुओं पर जांच करने के बाद इसकी रैकिंग की गयी. यात्रियों से पूछताछ की गयी. जांच के बाद बक्सर स्टेशन की सफाई व्यवस्था को बदहाल पाया गया, जिसके बाद इसकी रैंकिंग की गयी है. निरीक्षण के दौरान टीम ने कई प्रकार की कमियां भी पायी थी.
साफ-सफाई को लेकर बनायी गयी प्लानिंग
सर्वे रिपोर्ट में बक्सर स्टेशन की भद पिटी है. इसके बाद दानापुर रेल मंडल स्टेशन की वर्तमान सुविधाओं को अपग्रेड करने में जुट गया है. सफाई करनेवाले कर्मियों को सख्त चेतावनी दी गयी है कि साफ-सफाई में किसी प्रकार की कोताही बरदाश्त नहीं की जायेगी. धार्मिक नगरी और यूपी से सटा होने के कारण यहां से लगभग प्रतिदिन 20 हजार यात्री यात्रा करते हैं. उस हिसाब से संसाधनों की यहां पर कमी है. स्टेशन प्रबंधक एमके पांडेय ने बताया कि अधिकारियों के साथ बैठक कर स्थिति को सुधारने की कवायद जल्द ही शुरू की जायेगी.
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