गोइठा की आग में पका प्रेम का प्रसाद
Published by :Prabhat Khabar Digital Desk
Published at :24 Nov 2016 4:10 AM (IST)
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उत्साह. चरित्रवन में लिट्टी-चोखा खाने के साथ ही संपन्न हुई पंचकोसी परिक्रमा किला मैदान में लिट्टी बनाते श्रद्धालु़ बक्सर : बुधवार की सुबह बक्सर शहर की सड़कें पंचकोसी परिक्रमा श्रद्धालुओं की भीड़ से पट गयीं थीं. हर कदम जल्दीबाजी में चरित्रवन की ओर बढ़ रहा था. वहीं, रेलवे स्टेशन से लेकर चरित्रवन की ओर जोनवाली […]
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उत्साह. चरित्रवन में लिट्टी-चोखा खाने के साथ ही संपन्न हुई पंचकोसी परिक्रमा
किला मैदान में लिट्टी बनाते श्रद्धालु़
बक्सर : बुधवार की सुबह बक्सर शहर की सड़कें पंचकोसी परिक्रमा श्रद्धालुओं की भीड़ से पट गयीं थीं. हर कदम जल्दीबाजी में चरित्रवन की ओर बढ़ रहा था. वहीं, रेलवे स्टेशन से लेकर चरित्रवन की ओर जोनवाली सड़क के साथ-साथ शहर में प्रवेश करनेवाले हर रास्ते पर सिर्फ गोइठा, सत्तू, आटा, बैगन-मूली आदि की दुकानें ही सजीं थीं. लगभग दिन के दस बजे के आसपास आकाश में धुआं ही धुआं दिखने लगा. दूर से ऐसा प्रतित हो रहा था कि जैसे पूरे नगर में आग लगी हो़ यह वास्तविक नजारा था पंचकोसी परिक्रमा के पांचवें व अंतिम दिन का. लोगों में खुशी का माहौल कायम था़ सबकी आंखों से आंसू बह रहे थे,
लेकिन ये आंसू न दर्द के थे नहीं गम के. आंसू थे गोइठा के धुआं के. वहीं, एक छोटी जगह मिलते ही श्रद्धालु अपना वहीं आसन जमा लिए. लिट्टी-चोखा प्रसाद बनाने के लिए चरित्रवन के श्मशान घाट से लगायत किला मैदान तक हर जगह पाकशाला ही बन गया था़ एक श्रद्धालु लिट्टी का प्रसाद बनाकर खाली करते ही की दूसरे श्रद्धालु लिट्टी बनाने के लिए उसे भर देते थे़ सड़क हो या खाली जगह सभी जगह लिट्टी पकाई जा रही थी़ यह कार्यक्रम देर रात दस बजे तक चलता रहा़
पंचकोसी परिक्रमा पहुंचा पांचवें व अंतिम पड़ाव : अहले सुबह पंचकोसी परिक्रमा बड़का नुआंव से निकल चरित्रवन स्थित पांचवें पड़ाव चरित्रवन स्थित विश्वामित्र के आश्रम पहुंचा, जहां अपराह्न में विराट संत सभा का आयोजन श्रीनिवास मंदिर में किया गया़ समिति के अध्यक्ष व बसांव मठाधीश्वर अच्यूत प्रपन्नाचार्य जी महाराज, लक्ष्मी नारायण मंदिर के महंत राजगोपालाचार्य जी महाराज, श्रीनिवास मंदिर के दामोदराचार्य के अलावे कुलशेखर जी, भोला बाबा, नारायण उपाध्याय, छविनाथ त्रिपाठी, कृष्णानंद शास्त्री, पौराणिक जी महाराज, राजाराम शरण जी महाराज समेत अन्य मौजूद थे़ संत सभा में जीवन की अच्छाई, परिक्रमा का महत्व, परमात्मा के स्वरूप की सारगर्भित चर्चा की गयी़
बसांव मठ स्थित विश्राम कुंड पर संत किये विश्राम, विदाई आज
पंचकोसी परिक्रमा में शामिल ढाई हजार साधु-संत एवं महात्माओं की विदाई आज गुरुवार को की जायेगी़ मान्यता के अनुसार त्रेता युग में विश्वामित्र के संग पंचकोसी यात्रा पूर्ण कर श्रीराम, लक्ष्मण बसॉव मठ स्थित विश्राम कुंड पर ही रात्रि विश्राम किये थे. दूसरे दिन महात्मागण सहित उनकी विदाई का कार्य होगा़ परिक्रमा समिति के सचिव डॉ रामनाथ ओझा ने बताया कि विदाई बसांव मठाधीश्वर द्वारा की जायेगी़ सभी साधु-संतों को वस्त्र आदि देकर बसांव मठाधीश्वर अच्यूत प्रपन्नाचार्य जी महाराज द्वारा विदाई दी जायेगी.
जिला पार्षद ने किया लिट्टी-चोखा का आयोजन : चौगाईं से जिला पार्षद अरविंद प्रताप शाही उर्फ बंटी शाही द्वारा जिला पर्षद कार्यालय परिसर में लिट्टी-चोखा का आयोजन किया गया था, जिसमें समाजसेवी, साहित्यकार, बुद्धिजीवी एवं प्रशासनिक अधिकारी शरीक हुए़ लिट्टी-चोखा के आयोजन से पूर्व कविताओं का दौर चला, जिसमें साहित्यकारों ने उपस्थित लोगों को कविताएं सुना कर खूब वाहवाही लूटी व मनोरंजन किया़
नाथ बाबा के पास लिट्टी सेंकती महिलाएं.
खाली जगह की तलाश में इधर-उधर घुम रहे थे श्रद्धालु
श्रद्धालु हाथ में खाना बनाने का सामान लिए धुआं धुसरित वातावरण में खाली जगह की तलाश में जुटे हुए थे़ जहां वे लिट्टी-चोखा तैयार कर इस पुरानी परंपरा व संस्कृति के साक्षी बन सकें व भगवान राम की कृपा पा सकें. भीड़ के आगे चरित्रवन का दायरा कम हो गया था़ इस प्राचीन परंपरा व संस्कृति के मनाने के लिए लाखों की संख्या में पहुंचे श्रद्धालु एक छोटी जगह के लिए भटकते नजर आये़
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