IPL 2026: डगआउट में फोन चलाना पड़ा भारी, राजस्थान रॉयल्स के मैनेजर को BCCI का नोटिस

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मैच के दौरान डगआउट में फोन चलाते हुए रोमी भिंडर, Pic- Social Media/X

IPL 2026: आईपीएल 2026 में राजस्थान और बेंगलुरु के मैच के दौरान डगआउट में मोबाइल फोन चलाने पर टीम मैनेजर रोमी भिंडर को BCCI ने नोटिस भेजा है. बोर्ड की एंटी-करप्शन यूनिट ने 48 घंटे में जवाब मांगा है. हालांकि गंभीर बीमारी को फोन पास रखने की वजह बताया जा रहा है.

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आईपीएल 2026 (IPL 2026) में राजस्थान रॉयल्स (RR) और रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (RCB) के बीच गुवाहाटी में खेले गए मैच में एक विवाद हो गया है. राजस्थान रॉयल्स के टीम मैनेजर रोमी भिंडर को डगआउट में मोबाइल फोन चलाते हुए देखा गया. इसके बाद भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) की एंटी-करप्शन एंड सिक्योरिटी यूनिट (ACSU) ने सख्त कदम उठाया है. बोर्ड ने सोमवार 13 अप्रैल को रोमी भिंडर को कारण बताओ नोटिस भेजा है. उन्हें 48 घंटे के अंदर यह बताना होगा कि उन्होंने नियमों का उल्लंघन क्यों किया.

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मैच के दौरान क्या हुआ था? 

गुवाहाटी में 10 अप्रैल को राजस्थान और बेंगलुरु के बीच मुकाबला चल रहा था. इस मैच में राजस्थान की बल्लेबाजी के समय टीम मैनेजर रोमी भिंडर डगआउट के किनारे एक फ्रिज के पास बैठकर अपना फोन चला रहे थे. उनके ठीक बगल में टीम के युवा प्लेयर वैभव सूर्यवंशी भी बैठे थे. वह भी भिंडर के साथ मोबाइल स्क्रीन देख रहे थे. मैच खत्म होने के कुछ ही देर बाद यह वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया. वीडियो सामने आने के बाद बीसीसीआई सचिव देवजित सैकिया ने इस पूरी घटना पर तुरंत और उचित कार्रवाई करने की बात कही थी.

BCCI के नियम क्या कहते हैं? 

क्रिकेट में प्लेयर्स और मैच अधिकारियों के एरिया (PMOA) को लेकर काफी सख्त नियम बनाए गए हैं. इन नियमों के अनुसार, मैच के दौरान सिर्फ टीम मैनेजर और सिक्योरिटी मैनेजर को ही अपना मोबाइल फोन पास रखने की छूट होती है. लेकिन यह छूट सिर्फ ड्रेसिंग रूम के अंदर तक ही सीमित रहती है. डगआउट या मैदान के आसपास मोबाइल फोन या लैपटॉप का इस्तेमाल पूरी तरह से मना है. अगर कोई डिवाइस का इस्तेमाल करता है तो उसे केवल क्रिकेट ऑपरेशंस के लिए होना चाहिए. डगआउट में फोन चलाना बीसीसीआई के एंटी-करप्शन कोड का सीधा उल्लंघन माना जाता है.

PMOA के बारे में जानने के लिए यहां पढ़ें

48 घंटे में देना है अपना जवाब

वायरल वीडियो और नियमों के उल्लंघन का संज्ञान लेते हुए ACSU ने रोमी भिंडर को कारण बताओ नोटिस थमा दिया है. क्रिकबज की रिपोर्ट के अनुसार, भिंडर से 48 घंटे के अंदर स्पष्टीकरण और सफाई मांगी गई है. वीडियो में यह साफ नजर आ रहा है कि वह फोन पर किसी से बात नहीं कर रहे थे, बल्कि केवल स्क्रीन स्क्रॉल कर रहे थे. फिर भी नियम का पालन ना करने के कारण उन्हें यह साबित करना होगा कि वह फोन का इस्तेमाल किस कारण से कर रहे थे और इसके पीछे क्या वजह थी.

मेडिकल इमरजेंसी बताई जा रही है वजह

इस पूरे मामले में एक मेडिकल पहलू भी सामने आया है. इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक, रोमी भिंडर की तबीयत पिछले कुछ समय से काफी खराब है. उनके लंग्स काम नहीं कर रहे थे, जिसके कारण उन्हें नागपुर के एक अस्पताल में लगभग एक महीने तक वेंटिलेटर पर रखा गया था. इस गंभीर बीमारी के कारण उनका वजन दस किलो से ज्यादा कम हो गया है और उन्हें अस्थमा की शिकायत भी है. डॉक्टरों ने उन्हें ज्यादा चलने या सीढिया चढ़ने से पूरी तरह मना किया है. शारीरिक कमजोरी के कारण वह ड्रेसिंग रूम तक बार-बार नहीं जा सकते थे.

अब मामले में आगे क्या होगा?

भिंडर के करीबियों का कहना है कि उन्होंने जानबूझकर किसी नियम का उल्लंघन नहीं किया है. उन्होंने आईपीएल का यह सीजन शुरू होने से पहले ही अपनी इस गंभीर बीमारी और मेडिकल स्थिति की पूरी जानकारी बीसीसीआई को दे दी थी. किसी भी मेडिकल इमरजेंसी के डर से ही फोन उनके पास मौजूद था. कोविड-19 महामारी के बाद बोर्ड ने टीम स्टाफ को जरूरी सूचनाओं के लिए सीमित रूप से फोन उपयोग की अनुमति दी थी. अब यह देखना बहुत अहम होगा कि रोमी भिंडर अपनी सफाई में एसीएसयू अधिकारियों को क्या जवाब देते हैं और बोर्ड इस पर आगे क्या फैसला लेता है.

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