आखिर 11 दिनों बाद मौत से हार गयी दहेज पीड़िता

Published at :08 Nov 2016 5:39 AM (IST)
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आखिर 11 दिनों बाद मौत से हार गयी दहेज पीड़िता

ससुरालवालों ने जमीन के लिए रीना के शरीर पर केरोसिन डाल जला दिया था बक्सर : सदर अस्पताल में पिछले 11 दिनों से मौत से लड़ रही रीना ने आखिरकार दम तोड़ ही दिया. रविवार को वह अंतिम सांस ली. दरअसल रीना को 28 अक्तूबर को जली हुई स्थिति में सदर अस्पताल लाया गया था. […]

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ससुरालवालों ने जमीन के लिए रीना के शरीर पर केरोसिन डाल जला दिया था
बक्सर : सदर अस्पताल में पिछले 11 दिनों से मौत से लड़ रही रीना ने आखिरकार दम तोड़ ही दिया. रविवार को वह अंतिम सांस ली. दरअसल रीना को 28 अक्तूबर को जली हुई स्थिति में सदर अस्पताल लाया गया था. रीना ने आरोप लगाते हुए कहा था कि उसके ससुरालवालों ने दहेज के लिए उस पर केरोसिन डाल कर आग लगा दी गयी थी. तब से रीना सदर अस्पताल में मौत से लड़ाई लड़ रही थी. इसी बीच दो नवंबर को रीना ने मृत बच्चे को जन्म दिया.
इस मामले में रीना के पिता वीरेंद्र प्रसाद ने पति समेत पांच लोगों के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज करायी है. प्राथमिक दर्ज होने के बाद ससुरालवाले फरार हैं. बताते दें कि 28 अक्तूबर को डुमरांव के गोशाला रोड की रहनेवाली रीना को उसके पति उमेश कुमार सिंह ने दहेज में जमीन नहीं मिलने पर जलाकर मारने की कोशिश की गयी थी.
जब वह नहीं मरी, तो उसके ससुरालवालों ने रीना को सदर अस्पताल में भरती कराया था. मामला जब पुलिस के पास पहुंचा, तो ससुरालवालों ने रीना पर दबाव डालते हुए अपने पक्ष में प्राथमिकी दर्ज करा ली थी. प्राथमिकी दर्ज होने के दूसरे दिन ससुरालवाले रीना को बुरी हालत में छोड़ कर फरार हो गये. जब मामला तूल पकड़ने लगा, तो पुलिस ने रीना का फिर बयान लिया, तो पता चला कि ससुरालवालों ने दहेज के लिए रीना की हत्या की कोशिश की. रीना ने पुलिस को बताया कि वह पांच माह की गर्भवती है. उसके ससुरालवाले जमीन के लिए उसकी हत्या करने की कोशिश किये हैं.
रीना को बचाने में जुटे थे व्यवसायी व दुकानदार : जब रीना के ससुरारवालों ने उसे सदर अस्पताल में मरने के लिए छोड़ दिया था, तक स्थानीय व्यवसायी और दुकानदारों ने उसके इलाज का खर्च उठाया था.
किसी ने उसके दवा का खर्च उठाया, तो किसी ने उसके मरहम-पट्टी का. सब लोग रीना को बचाने के लिए प्रयासरत थे. वहीं, रीना ने भी जीने की आस नहीं छोड़ी थी, लेकिन उपचार के दौरान अल्ट्रा साउंड कराया गया. रिपोर्ट आने के बाद उसे पता चला कि बच्चा गर्भ में ही मर गया है. उसके बाद डॉक्टरों ने आॅपरेशन कर मृत बच्चे को गर्भ से बाहर निकाला. इस घटना के बाद वह अंदर से काफी दुखित हुई और उसकी जीने की चाहत खत्म हो गयी और वह रविवार को इस कलंकित दुनिया को छोड़ कर चली गयी.
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