स्टेशन फीडर से बंद रही आपूर्ति
Published by :Prabhat Khabar Digital Desk
Published at :06 Jul 2015 8:26 AM (IST)
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बक्सर : रविवार को स्टेशन फीडर के उपभोक्ताओं को बिजली कट की परेशानी ङोलनी पड़ी. विभाग से मिली जानकारी के मुताबिक स्टेशन फीडर के इलाके में सिवरेज का कार्य चल रहा था. इसलिए सुबह से ही बिजली कट कर दी गयी थी. वहीं, स्टेशन फीडर के उपभोक्ताओं का कहना है कि गरमी का मौसम शुरू […]
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बक्सर : रविवार को स्टेशन फीडर के उपभोक्ताओं को बिजली कट की परेशानी ङोलनी पड़ी. विभाग से मिली जानकारी के मुताबिक स्टेशन फीडर के इलाके में सिवरेज का कार्य चल रहा था. इसलिए सुबह से ही बिजली कट कर दी गयी थी. वहीं, स्टेशन फीडर के उपभोक्ताओं का कहना है कि गरमी का मौसम शुरू होते ही बिजली की स्थिति खराब हो गयी है. रात को भी बिजली गुल रहती है, जिससे ऊमस भरी गरमी में रात भर लोगों को रतजगा करना पड़ता है.
मार्च महीने में मेंटेनेंस के नाम पर लगातार काटी गयी थी बिजली : गरमी के मौसम में बिना बाधित विद्युत आपूर्ति को लेकर विद्युत विभाग बड़े-बड़े दावे कर रहा था. यहां तक की 10 मार्च 2015 से 20 मार्च तक पूरे जिले के विभिन्न इलाकों में मेंटेनेंस के नाम पर 263 घंटे विद्युत आपूर्ति बाधित रखी गयी थी, जिसमें करोड़ों रुपये की बिजली की बचत हुई थी.
बावजूद इसके इन दिनों किसी-न-किसी कारण से शहर की बिजली गुल रह रही है. वहीं, रविवार को स्टेशन फीडर की बिजली आपूर्ति ठप रहने के कारण लोगों को घंटों परेशान रहना पड़ा. विगत दिनों विभाग ने 16 घंटे तक विद्युत बाधित रखा था, जिससे लोगों में विभाग के प्रति खासा नाराजगी देखने को मिल रही है. लोगों का कहना है कि गरमी के मौसम के पूर्व विभाग ने जब मेंटनेंस के नाम पर बिजली काटा था, तो अब क्यों बार-बार हमलोगों को परेशानी हो रही है. हालांकि, टाउन फीडर की बिजली आपूर्ति पहले से ठीक हुई है.
व्यवसाय पर पड़ रहा बुरा असर
बिजली कट रहने से व्यवसायियों में खासा नाराजगी है. व्यवसायी कहते हैं कारोबार पर इसका बुरा असर पड़ रहा है. व्यावसायिक राजेश शर्मा जो पेशे से वेल्डिंग का काम करते हैं वे बताते हैं कि बिजली गुल रहने के कारण व्यवसाय पर असर पड़ता है. वे बताते हैं कि 24 जून को 19 घंटे के बिजली कट के कारण उन्हें हजारों रुपये का आर्थिक नुकसान सहना पड़ा. पूरे दिन जेनेरेटर के माध्यम से जरूरी कार्य को निबटारा करना पड़ा.
मरीजों की हालत हो जाती है खराब
ऊमस भरी गरमी में घंटों विद्युत गुल रहने के कारण सबसे ज्यादा मरीजों की हालत खराब रहती है. पीपरपांती रोड निवासी जयनेंद्र कुमार ने बताया कि उनकी मां की तबीयत खराब रहती है. जब घंटों बिजली गुल रहती है, तो उनकी तबीयत और खराब हो जाती है.
क्या कहते हैं एसडीओ
एसडीओ अभिषेक कुमार ने बताया कि आंधी-तूफान में तार, खंभा क्षतिग्रस्त होने की स्थिति में ही बिजली गुल रह रही है. विभिन्न इलाकों में सिवरेज या अन्य कार्य के कारण शट डाउन लिया जाता है.
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