महिला वुशू खिलाड़ी से छेड़खानी के आरोपित की संदिग्ध स्थिति में मौत

By Prabhat Khabar Digital Desk
Updated Date
  • अपराधी को पकड़ने गयी थी पुलिस, डरकर भागा अंकित, छत से गिर हुई मौत
  • आधी रात सदर अस्पताल में पोस्टमार्टम कराकर शव परिजनों को सौंपा
बक्सर : राष्ट्रीय स्तर की महिला वुशू खिलाड़ी से छेड़खानी के आरोपित युवक की संदेहास्पद स्थिति में मौत हो गयी. घटना बुधवार की रात नौ बजे शहर के मित्रलोक कॉलोनी की है. मृतक नावानगर थाना क्षेत्र के रहने वाले किस्मत सिंह का पुत्र अंकित यादव बताया जाता है. हालांकि पुलिस का कहना है कि आरोपित युवक अंकित यादव की मौत छत से गिरकर हुई है.
सदर एसडीपीओ सतीश कुमार ने बताया कि मुफस्सिल थाने की पुलिस अपराधी विक्की मिश्रा को पकड़ने के लिए मित्र लोक कॉलोनी गयी. पुलिस को देखते ही अंकित यादव भागने लगा और दूसरे के घर में जा घुसा. इसी बीच घर की महिला को रात में खटखटाहट की आवाज सुनायी दी. आवाज सुनकर महिला चिल्लाने लगी. महिला की आवाज सुनकर आसपास के लोग जग गये.
लोगों को जगते देख वह भागने लगा. इसी क्रम में युवक की छत से गिरकर मौत हो गयी है. वहीं मौजूद पुलिस के जवानों ने उसे इलाज के लिए सदर अस्पताल लाया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया. पुलिस जब उसके तलाशी ली तो उसके पास से मोबाइल बरामद हुआ. इसके बाद पुलिस ने इसकी सूचना उसके परिजनों को दी.
वहीं पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए सदर अस्पताल भेज दिया, जहां रात में ही पुलिस युवक का पोस्टमार्टम कराया और शव परिजनों को सौंप दिया. वहीं स्थानीय लोगों की मानें तो जिस घर से अंकित यादव की मौत हुई है. वहां छत पर चढ़ने के लिए कोई रास्ता नहीं है, तब कैसे वह छत से गिर गया. लोगों की मानें तो उसकी हत्या की गयी है और पुलिस पूरे मामले को दबाने की फिराक में है.
वहीं परिजनों का कहना है कि बगल के एक शादी समारोह में अंकित यादव साथ गया था. मगर हमलोग खाना खाकर चले आये, मगर वह वही रह गया. इसी बीच रात में पुलिस का फोन आया, जिसमें कहा गया है कि आपका पुत्र जख्मी हो गया है, जिसे सदर अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उसकी मौत हो गयी.
परिजन भी गिरने से हुई मौत की बात कह रहे हैं. मगर आसपास के लोगों का कहना है कि माजरा कुछ और है. पुलिस के दबाव में परिजन बोलने से कतरा रहे हैं. वही पुलिस पूरे मामले को दबाने की फिराक में है. पुलिस हत्या के मामला दर्ज नहीं कर यूइडी केस दर्ज कर रही है.
आखिर रात में ही क्यों पुलिस ने करा दिया अंकित का पोस्टमार्टम
बक्सर : अंकित की मौत के बाद पुलिस पूरे मामले को लेकर सख्त नजर आयी. जहां पुलिस ने अंकित का रात करीब एक बजे पोस्टमार्टम करा दिया. लेकिन सवाल यह है कि आखिर पुलिस को रात में ही क्यों पोस्टमार्टम करानी पड़ी और शव परिजनों को सौंप दिया. साथ ही परिजनों को जल्द दाह संस्कार करने के लिए कहा गया.
अंकित का मामला कोई बड़ा नहीं था और न ही उसके मौत से शहर का माहौल बिगड़ने वाला था. फिर आखिर पुलिस की ऐसी कौन सी मजबूरी थी कि शव को रात में ही पोस्टमार्टम कराकर आनन-फानन में दाह संस्कार करवा दिया. यह एक यक्ष प्रश्न बनकर रह गया है.
मित्रलोक कॉलोनी के लोग भी पुलिसिया कार्रवाई को शक के नजर से देख रहे हैं. स्थानीय लोगों के मन में सवाल उठ रहे हैं कि पुलिस को रात में ऐसा कदम क्यों उठाना पड़ा. पुलिस के इस हरकत से सभी लोग शक कर रहे हैं. लोगों का कहना है कि आज तक किसी भी बड़ी घटना होने के बाद पुलिस ने रात में पोस्टमार्टम नहीं कराया.
लेकिन अंकित के मामले में पुलिस ने रात में ही पोस्टमार्टम करा दिया. यानि पुलिस इस मामले में कुछ छिपा रही है. लोगों की मानें तो कहीं पुलिस ने ही तो अंकित की हत्या नहीं कर दी है और उसके परिजनों को डरा धमकाकर छत से गिरने वाली बात कह रही है.
एसपी उपेंद्रनाथ वर्मा ने बताया कि रात नहीं होने के चलते युवक का पोस्टमार्टम कराकर उसके परिजनों को शव सौंप दिया गया ताकि वह समय पर दाह संस्कार कर सके. मित्रलोक कॉलोनी में छत से गिरकर अंकित की हुई मौत के बाद पूरे शहर में चर्चाओं का बाजार गरम है. लोग मौत को शक के दायरे में देख रहे हैं.
खिलाड़ी के बयान पर अंकित यादव के खिलाफ महिला थाने में मामला दर्ज कराया गया
वहीं अंकित पर एक राष्ट्रीय खिलाड़ी से छेड़खानी और गोलीबारी का मामला बुधवार को महिला थाना में दर्ज कराया गया था. पुलिस अभी पूरे मामले की जांच कर रही थी कि तब तक रात में उसकी मौत की सूचना मिल गयी. बताया जाता है कि सोमवार को अंकित यादव ने एक राष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ी से छेड़खानी का प्रयास किया था.
जब उसके भाई ने इसका विरोध किया तो अंकित यादव ने उसके भाई के साथ पहले मारपीट की. इसके बाद अंकित यादव ने उसके भाई पर गोली चलाने का प्रयास किया लेकिन आसपास के लोगों ने किसी तरह से मामले को शांत करा दिया था. वहीं खिलाड़ी के बयान पर अंकित यादव के खिलाफ महिला थाना में मामला दर्ज कराया गया. अभी पुलिस मामले की जांच ही कर रही थी कि रात में उसकी मौत हो गयी.
उसकी मौत लोगों में एक पहेली बनी हुई है कि आखिरकार पुलिस को रात में ही क्यों पोस्टमार्टम करना पड़ा. शहर में यह भी चर्चा है कि कहीं खिलाड़ी के परिजनों ने अंकित की हत्या तो नहीं करा दी. हालांकि स्थानीय लोग दबी जुबान से पुलिस पर हत्या का आरोप लगा रहे हैं.
पेन पिस्टल के मामले में भी जेल जा चुका है अंकित
अंकित यादव अपराध की दुनिया में कदम रख चुका था. वह शहर के चीनी मिल इलाके में रहकर उसकी दोस्ती अपराधियों के साथ हो गयी और वह अपराध जगत में कदम रख दिया था. इसके बाद वह लूट समेत कई मामलों को अंजाम भी दिया.
यही कारण है कि पूर्व में औद्योगिक थाना की पुलिस ने लूट के मामले में अंकित यादव और उसके साथियों को पेन पिस्टल के साथ गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था. सदर एसडीपीओ सतीश कुमार ने बताया कि एक पेन पिस्टल के मामले में वह जेल जा चुका है. उसके खिलाफ महिला थाना में छेड़खानी का मामला भी दर्ज किया गया था.
मां-बाप का इकलौता बेटा था अंकित
अंकित अपने मां-बाप का इकलौता पुत्र था. उसकी मौत के बाद पूरा परिवार सदमे में है. परिजनों को यह नहीं पता था कि आज अंकित का अंतिम दिन है. गांव के लोगों ने बताया कि किस्मत सिंह के दो पुत्री एक पुत्र था.
जिसमें अंकित इकलौता पुत्र था. अंकित की दो बहनें हैं. अंकित दसवीं की पढ़ाई करने के लिए बक्सर में रहता था. उसकी बड़ी बहन एग्रीक्लचर की पढ़ाई करती है. जबकि अंकित की एक छोटी बहन भी है. वह भी पढाई करती है. घर के इकलौता चिराग बुझ जाने से परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल था.
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