आंगनबाड़ी सेविकाओं को मिलेगी प्रोत्साहन राशि
Updated at : 13 Sep 2019 3:15 AM (IST)
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बक्सर : पोषण संबंधित कार्यक्रमों को क्षेत्रीय स्तर पर कार्यान्वनित करने में आंगनबाड़ी कार्यकताओं की विशेष भूमिका होती है. उनके इस योगदान को सरकार प्राथमिकता दे रही है. इसके लिए आंगनबाड़ी सेविका एवं सहायिका को इंसेंटिव प्रदान करने का प्रावधान किया गया है. इसी के तहत बक्सर जिला के आंगनबाड़ी केंद्रों को आइसीडीएस-केस(कॉमन एप्लीकेशन सिस्टम) […]
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बक्सर : पोषण संबंधित कार्यक्रमों को क्षेत्रीय स्तर पर कार्यान्वनित करने में आंगनबाड़ी कार्यकताओं की विशेष भूमिका होती है. उनके इस योगदान को सरकार प्राथमिकता दे रही है. इसके लिए आंगनबाड़ी सेविका एवं सहायिका को इंसेंटिव प्रदान करने का प्रावधान किया गया है. इसी के तहत बक्सर जिला के आंगनबाड़ी केंद्रों को आइसीडीएस-केस(कॉमन एप्लीकेशन सिस्टम) से जोड़ा गया है. फिलहाल बेहतर काम करने वाली जिला के आंगनबाड़ी सेविका एवं सहायिका को इंसेंटिव दी जा रही है.
तय मानक हासिल करने पर मिलेगा इंसेंटिव: बक्सर जिला में आइसीडीएस-केस से जुड़े आंगनबाड़ी सेविका एवं सहायिका को इंसेंटिव प्रदान करने की पहल की गयी है. इंसेंटिव प्रदान करने के लिए कुछ मानक तैयार किये गये हैं.
आंगनबाड़ी सेविका को प्रतिमाह 500 रुपए प्रतिमाह सी देने का प्रावधान किया गया है. इसके लिए सेविका को अपने पोषक क्षेत्र के कुल बच्चों में 60 प्रतिशत बच्चों का वजन एवं कार्य योजना के मुताबिक 60 प्रतिशत घरों का दौरा करना अनिवार्य है. साथ ही आंगनबाड़ी सहायिका को प्रतिमाह 21 दिन आंगनबाड़ी केंद्र खोलने पर 250 रुपये इंसेंटिव के तौर पर देने का प्रावधान किया गया है.
इन जिलों में इंसेंटिव की हुई है शुरुआत
राज्य के कुल 18 जिलों में 13 आकांक्षी जिलों को भी शामिल किया गया है. इनमें कटिहार, बेगुसराय, शेखपुरा, अररिया, खगड़िया, पूर्णिया, औरंगाबाद, गया, जमुई, मुजफ्फरपुर, बांका एवं नवादा शामिल है. इन जिलों में दूसरे चरण में आइसीडीएस-केस(कॉमन एप्पलीकेशन सिस्टम) की शुरुआत हुई है.
साथ ही आंगनबाड़ी सेविका एवं सहायिका के लिए इंसेंटिव का भी प्रावधान किया गया है. जबकि अन्य 5 जिलों में प्रथम चरण में ही आइसीडीएस-केस(कॉमन एप्पलीकेशन सिस्टम) की शुरुआत की गयी एवं साथ ही इंसेंटिव का भी प्रावधान किया गया. जिसमें सीतामढ़ी, समस्तीपुर, जहानाबाद, लखीसराय, भागलपुर एवं बक्सर जिलों को शामिल किया गया था.
लगभग 50 प्रतिशत सेविका ही उठा रहीं हैं लाभ
मन्त्रेश्वर झा तकनीकी सलाहकार पोषण अभियान ने बताया आंगनबाड़ी सेविका एवं सहायिका को प्रोत्साहित करने के लिए इंसेंटिव की शुरुआत की गयी है. फिलहाल राज्य के 13 आकांक्षी जिलों सहित कुल 18 जिलों में यह सुविधा प्रदान करायी जा रही है, जहां आइसीडीएस-केस(कॉमन एप्पलीकेशन सिस्टम) की शुरुआत हो चुकी है, जिसमें बक्सर भी शामिल है.
प्राप्त आंकड़ों के अनुसार प्रतिमाह लगभग 50 प्रतिशत सेविका ही इंसेंटिव प्राप्त करने में सक्षम हो पा रही हैं. यह सरकार की अच्छी पहल है. इसलिए सभी आंगनबाड़ी सेविका एवं सहायिका को तय मानक पूरा कर इंसेंटिव प्राप्त करने का प्रयास करना चाहिए.
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