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BPSC परीक्षा रद्द करने की मांग पर डटे अभ्यर्थी, 'अफवाह' और 'जायज' के बीच फंसा छात्रों का भविष्य

Updated at : 26 Dec 2024 3:50 PM (IST)
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अपनी मांग को लेकर धरना प्रदर्शन करते छात्र

अपनी मांग को लेकर धरना प्रदर्शन करते छात्र

BPSC बिहार लोक सेवा आयोग की 70वीं संयुक्त परीक्षा में गड़बड़ी की आशंका अब आयोग के लिए सिरदर्द बनता जा रहा है. अभ्यर्थियों का डिमांड है कि अगर परीक्षा में किसी भी तरह की धांधली हुई है तो पूरी परीक्षा को रद्द करके फिर से परीक्षा आयोजित किया जाए. जिससे सभी को बराबरी का मौका मिल सके.

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BPSC: बिहार लोक सेवा आयोग (बीपीएससी) की 70वीं संयुक्त प्रारंभिक परीक्षा रद्द कराने की मांग को लेकर गुरुवार को भी अभ्यर्थियों का धरना जारी है. बीपीएससी प्रश्न पत्र लीक को ‘अफवाह’ तो धरने पर बैठे छात्र अपनी मांगों को ‘जायज’ बता रहे हैं. अभ्यर्थियों के विरोध प्रदर्शन को प्रदेश के नेताओं का लगातार समर्थन भी मिल रहा है. विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव, पूर्णिया से निर्दलीय सांसद राजेश रंजन उर्फ पप्पू यादव और जन सुराज पार्टी छात्रों की मांगों को जायज ठहराते हुए उनके समर्थन में हैं. 

नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव

BJP ने  में गुंडागर्दी की सीमा पार कर दी: तेजस्वी

इस बीच, बुधवार को बीपीएससी कार्यालय घेराव करने पहुंचे छात्रों पर हुए पुलिस के लाठी चार्ज को लेकर भी सियासत शुरू हो गयी है. नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने तो यहां तक कहा कि मानसिक रूप से बीमार लोग प्रदेश चला रहे है. तेजस्वी ने एक्स अकाउंट पर लिखा, “मानसिक रूप से बीमार लोग प्रदेश चला रहे है उन्हें खोज-खबर ही नहीं बिहार में क्या हो रहा है? भाजपा ने प्रदेश में गुंडागर्दी की सीमा पार कर दी है. चंद माह पूर्व तक एनडीए के नेता नीतीश कुमार को किसी गंभीर बीमारी से पीड़ित बता उन्हें मानसिक रूप से अस्वस्थ बताते नहीं थकते थे. अब वही भाजपा, लोजपा, हम के नेता बीपीएससी परीक्षार्थियों को पुलिस से पिटवा इस गुंडागर्दी को उचित ठहरा रहे है. सरकार को छात्रों के लोकतांत्रिक विरोध से नफरत है. समस्त स्वार्थी एनडीए नेताओं का यही हाल है.”

पटना सचिवालय-एक की अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी अनु कुमारी

लाठीचार्ज के मुद्दे पर पटना पुलिस ने दी सफाई 

दूसरी तरफ, पटना सचिवालय-एक की अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी अनु कुमारी ने कहा, “गर्दनीबाग धरनास्थल पर कुछ लोगों द्वारा बीपीएससी की 13 दिसंबर को हुई परीक्षा को रद्द करने की मांग को लेकर धरना-प्रदर्शन किया जा रहा है. 25 दिसंबर को निर्धारित धरना स्थल गर्दनीबाग से दूर नेहरू पथ पर बीपीएससी कार्यालय के निकट प्रतिबंधित क्षेत्र में प्रवेश कर प्रदर्शन किया जा रहा था. वापस धरना स्थल पर जाने का बार-बार अनुरोध करने पर भी वह नहीं माने और कुछ लोग वहीं धरने पर बैठ गये, जिन्हें हल्का बल प्रयोग कर वहां से हटाया गया है.” उन्होंने कहा कि प्रतिबंधित क्षेत्र में प्रवेश कर विधि-व्यवस्था की समस्या उत्पन्न करने, अफवाह फैलाने और लोगों को उकसाने वालों के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज की गई है. 

BPSC 
Bpsc 

रद्द नहीं होगी परीक्षा: BPSC 

इन सब के बीच आयोग ने स्पष्ट कर दिया है कि 13 दिसंबर को आयोजित की गई परीक्षा को रद्द करने का कोई सवाल ही नहीं है.  केवल बापू परीक्षा केंद्र में दोबारा परीक्षा देने वाले अभ्यर्थी ही प्रारंभिक परीक्षा की तैयारी करें जो 4 जनवरी को आयोजित होनी है. आयोग की तरफ से 70वीं पीटी परीक्षा के अभ्यर्थियों से अप्रैल 2025 में संभावित परीक्षा की तैयारी करने का अनुरोध किया है. चुनावी वर्ष के स्वागत से पहले विपक्ष इस मुद्दे को हवा देने में जुटा है. सत्ता पक्ष के नेता भी इस आंदोलन के पीछे यही कारण बता रहे हैं.

इसे भी पढे़ं: बीपीएससी परीक्षा को लेकर क्यों मचा है बवाल? नॉर्मलाइजेशन से लेकर लाठीचार्ज तक जानें हर सवाल का जवाब

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Prashant Tiwari

लेखक के बारे में

By Prashant Tiwari

प्रशांत तिवारी डिजिटल माध्यम में पिछले 3 सालों से पत्रकारिता में एक्टिव हैं. करियर की शुरुआत पंजाब केसरी से करके राजस्थान पत्रिका होते हुए फिलहाल प्रभात खबर डिजिटल के बिहार टीम तक पहुंचे हैं, देश और राज्य की राजनीति में गहरी दिलचस्पी रखते हैं. साथ ही अभी पत्रकारिता की बारीकियों को सीखने में जुटे हुए हैं.

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