पटना में BPSC कार्यालय के बाहर अभ्यर्थियों ने किया प्रदर्शन, जानें क्या है प्रमुख मांगे

बीपीएससी (BPSC) में परसेंटाइल सिस्टम (67th BPSC PT Exam) के खिलाफ आज छात्रों ने बीपीएससी कार्यालय (BPSC Office) के बाहर जमकर प्रदर्शन किया. छात्रों कि मांग है कि परीक्षा एक दिन में ही होनी चाहिए. बीच में परीक्षा के नियम नहीं बदलने चाहिए.
पटना: बीपीएससी परीक्षा के पैटर्न में हुए बदलाव के विरोध में सैकड़ों अभ्यर्थियों ने शुक्रवार को बीपीएससी गेट पर हंगामा और जमकर नारेबाजी की. प्रदर्शन कर रहे अभ्यर्थियों ने बताया कि खेल के बीच में नियम नहीं बदलेगा. प्रर्दशन कर रहे छात्रों ने कहा बीपीएससी 67वीं के लिए जब नोटिफिकेशन निकला था. उस समय परीक्षा का जो पैटर्न था, उसी पैटर्न पर फिर से परीक्षा ली जानी चाहिए. परीक्षा एक दिन में ही होनी चाहिए.
दरअसल, पेपर लीक होने की वजह से रद्द हुई 67th BPSC PT Exam की नई तिथि की घोषणा बीते दिनों आयोग ने की थी. 67वीं पीटी परीक्षा अब 20 और 22 सितंबर को होगी. इस बार परीक्षा में परसेंटाइल सिस्टम लागू किया गया है, लेकिन इस सिस्टम लागू किए जाने से अभ्यर्थियों में रोष है. इसी वजह से शुक्रवार को पटना BPSC ऑफिस के बाहर अभ्यर्थियोंने हंगामा और जोरदार प्रदर्शन किया.
प्रर्दशनकारी छात्रों का कहना था कि पीटी परीक्षा पूर्व की तरह एक ही दिन में और एक ही पाली में हो. इसके अलावे परसेंटाइल लागू नहीं होनी चाहिए. इस मामले को लेकर छात्र नेता दिलीप कुमार ने कहा कि परसेंटाइल सिस्टम (percentile system In BPSC) घातक है. इस नियम के लागू होने के बाद से अभ्यर्थियों के वास्तविक अंकों का मूल्यांकन नहीं होगा. बल्कि आभासी अंक पर मूल्यांकन होगा. इसके अलावे दो दिन परीक्षा होने से दोनों के प्रश्न पत्र का स्तर अलग-अलग होगा.
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पीटी परीक्षा पूर्व की तरह एक दिन में हो
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एक ही पाली में परीक्षा आयोजित हो
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परसेंटाइल सिस्टम में धांधली होने की आशंका जताई
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20 और 22 सितंबर को होगी परीक्षा
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पेपर लीक होने की वजह से रद्द हुई थी परीक्षा
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परसेंटाइल सिस्टम में धांधली होने की आशंका
छात्र नेता दिलीप कुमार ने कहा कि बीते 8 मई को जब पीटी परीक्षा आयोजित की गई थी, तो उसी समय उन्होंने ही क्वेश्चन पेपर लीक का मामला सबसे पहले उजागर किया था. जिसके बाद परीक्षा रद्द हुई थी. उन्होंने कहा कि पेपर लीक मामले में अब तक दर्जनों गिरफ्तारी हो चुकी है और बीपीएससी के अध्यक्ष का इस दिशा में कई कदम सराहनीय भी रहा है. लेकिन परीक्षा में परसेंटाइल सिस्टम का वह विरोध करते हैं. छात्र नेता ने आगे कहा कि चानक से नियम बदल नही सकते. कोई भी नया नियम लागू करने से पहले उसे राज्य कैबिनेट से पारित कराना होता है. इसके अलावे परीक्षा की तिथि भी यूपीएससी मुख्य परीक्षा के आसपास रखी गई है. इस वजह से अभ्यर्थियों को काफी परेशानी होगी.
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