पावापुरी मेडिकल कॉलेज में पथराव, दो घायल

Published by : Prabhat Khabar News Desk Updated At : 03 Jun 2024 9:33 PM

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पावापुरी मेडिकल कॉलेज में तीसरे दिन डॉक्टरों की पिटाई के विरोध में इमरजेंसी और ओपीडी सेवाएं बंद रहीं . इन सेवाओं के बंद रहने से परेशान ग्रामीणों ने मेडिकल कॉलेज सह अस्पताल परिसर में पथराव किया और मुख्य गेट का ताला तोड़कर जबरन परिसर में प्रवेश कर गये.

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गिरियक. पावापुरी मेडिकल कॉलेज में तीसरे दिन डॉक्टरों की पिटाई के विरोध में इमरजेंसी और ओपीडी सेवाएं बंद रहीं . इन सेवाओं के बंद रहने से परेशान ग्रामीणों ने मेडिकल कॉलेज सह अस्पताल परिसर में पथराव किया और मुख्य गेट का ताला तोड़कर जबरन परिसर में प्रवेश कर गये. लगातार पिछले तीन दिनों से इलाज न होने के कारण परिजनों और स्थानीय ग्रामीणों में काफी आक्रोश देखा जा रहा है. वहीं डॉक्टरों की मांग है कि पिटाई करने वाले आरोपियों को पुलिस जल्द से जल्द गिरफ्तार करे, इसी मांग को लेकर वे सेवाएं बंद कर रखी हैं. पथराव में मेडिकल कॉलेज के दो कर्मचारी घायल हो गए. पथराव और हंगामे की सूचना मिलने पर पावापुरी थाना पुलिस मौके पर पहुंची और मुख्य द्वार पर इलाज के इंतजार में खड़े मरीजों को डंडों से भगा दिया. स्थिति तब और भी बिगड़ गई जब भर्ती मरीजों के परिजनों को उनसे मिलने नहीं दिया गया और छोटे गेट पर भी ताला लगा दिया गया. इसके कारण खाना लाने और अपने मरीजों को देखने आए परिजनों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा. कुछ परिजन गेट फांदकर अंदर जाने की कोशिश करते देखे गए. अंत में मरीजों के परिजनों की भीड़ ने ताला तोड़कर जबरन कॉलेज परिसर में प्रवेश कर गये और अपने मरीजों का हाल जाना. इस घटना के बारे में राजगीर डीएसपी प्रदीप कुमार ने बताया कि कुछ मरीजों के परिजनों ने पावापुरी अस्पताल के गेट पर भीड़ लगाई थी, और अंदर मेडिकल कॉलेज के छात्र शांतिपूर्ण तरीके से हड़ताल पर थे. इसी क्रम में भीड़ बढ़ गई और दोनों पक्षों में कहासुनी हुई. इसी बीच दोनों पक्षों से पथराव हुआ, जिसकी जांच की जा रही है. सीसीटीवी फुटेज भी खंगाले जा रहे हैं. इसमें से कुछ लोगों को चिन्हित किया गया है और उनके खिलाफ छापेमारी चल रही है. उन्होंने बताया कि मेडिकल छात्रों की तरफ से तीन लोग घायल हैं और मरीजों के परिजनों की तरफ से 5-6 लोग घायल हैं. पूरा मामला एक मृतक के डेथ सर्टिफिकेट को बनाने को लेकर शुरू हुआ था. इसी को लेकर परिजनों और मेडिकल छात्रों के बीच हाथापाई और झगड़ा हुआ था. इसको लेकर मेडिकल कॉलेज प्रशासन ने थाने में आवेदन दिया था. तीन लोगों के खिलाफ नामजद एफआईआर दर्ज की गई है। इसके अलावा 40 से 50 अज्ञात लोगों के खिलाफ भी मामला दर्ज किया गया है. हड़ताल समाप्त करने के लिए छात्रों से बातचीत चल रही है. जल्द से जल्द हड़ताल खत्म करवाई जाएगी. अभी मौके पर शांतिपूर्ण माहौल है और सुरक्षा बल तैनात किए गए हैं. अभी तक किसी की गिरफ्तारी नहीं हुई है, छापेमारी जारी है. इलाज को आते हर दिन चार से पांच हजार रोगी विम्स पावापुरी में इलाज के लिए हर दिन आते हैं नालंदा समेत आसपास के कई जिलों से करीब चार से पांच हजार रोगी इलाज कराने के लिए. लेकिन शनिवार से डॉक्टरों की हड़ताल से इलाज में परेशानी हो रही है. ओपीडी से लेकर इमरजेंसी तक सेवाएं बंद हैं. लिहाजा रोगी बिना इलाज कराये ही वापस लौटने को विवश हो रहे हैं. अस्पताल अधीक्षक व प्राचार्य सेवा चालू करने की दिशा में हड़ताल डॉक्टरों से बात करने में लगे हैं. अस्पताल प्रबंधन का प्रयास है कि जल्द से जल्द सेवा मरीजों को प्रदान करने का कार्य शुरू हो सके.

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