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बिंद में प्रसव के दौरान जच्चा व बच्चा की हुई मौत, संचालक फरार

20 Jan, 2026 10:44 pm
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बिंद में प्रसव के दौरान जच्चा व बच्चा की हुई मौत, संचालक फरार

बिंद प्रखंड के निजी अस्पताल में प्रसव के दौरान जच्चा-बच्चा की मौत हो गयी.

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बिंद. बिंद प्रखंड के निजी अस्पताल में प्रसव के दौरान जच्चा-बच्चा की मौत हो गयी. मृतक खानपुर गांव निवासी सचिन कुमार कि 19 वर्षीय पत्नी सोनम कुमारी है. घटना के बाद परिजनों ने क्लीनिक के बाहर जमकर हंगामा किया है. बताया जाता है कि सोमवार को महिला के परिजन प्रसव के लिए प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र बिंद में भर्ती कराया. प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र से आशा ने महिला को बिना रेफर किये बहला फुसलाकर निजी क्लीनिक ले जाकर भर्ती करा दिया. जहां निजी अस्पताल में महिला को प्रसव में दिक्कत बताकर आपरेशन कर दिया. आपरेशन के बाद महिला व नवजात शिशु दोनों की मौत हो गयी. जच्चा-बच्चा कि मौत के बाद अस्पताल संचालक क्लिनिक छोड़कर फरार हो गया. मृतका के चाचा ने पांच लोगों पर प्राथमिकी दर्ज करायी है़ आशा बहला फुसलाकर निजी क्लिनिक में कराया भर्ती : परिजन छोटे पासवान, महेंद्र पासवान, अंजली देवी, निर्मला देवी ने बताया कि करीब एक साल पूर्व सोनम की शादी सचिन से हुई थी. प्रसव पीड़ा होने के बाद सोमवार की शाम मृतक को प्रसव के लिए पीएचसी में भर्ती कराया गया. जहां डॉक्टर के द्वारा इलाज शुरू कर दिया गया. तभी एक आशा ने निजी क्लीनिक में प्रसव कराने की सलाह दी. परिवार के लोग उसके झांसे में आ गये. प्रसूता को ऊषा नर्सिंग होम में ले जाकर भर्ती कर दिया गया. जहां मौजूद डॉक्टर ने ऑपरेशन कर बच्चा निकालने की बात कही. इसके बाद परिवार के लोगो ने ऑपरेशन करवाने से मना कर दिया. प्रसूता को दूसरी क्लिनिक ले जाने की बात करने लगे. नर्सिंग होम के कर्मियों ने जच्चा व बच्चा को कोई परेशानी नहीं होने का भरोसा दिलाकर आपरेशन कर दिया। जहां जच्चा व बच्चा दोनों की मौत हो गयी.

मौत के बाद चार घंटे एंबुलेंस में रखकर घुमाते रहा शव : परिजन ने कहा कि जच्चा व बच्चा की मौत के बाद एम्बुलेंस से दोनों को पटना रेफर करने की बात कही. एंबुलेंस में जच्चा-बच्चा कि शव को रखकर करीब चार घंटे तक इधर-उधर घुमाते रहे. इस बीच एक एंबुलेंस को पेट्रोल पंप पर से बदलकर दूसरे एंबुलेंस में दोनों को रखकर फिर से वापस लेकर क्लिनिक समीप गये. निजी अस्पताल के संचालक ऑपरेशन के बदले परिजन से 25 हजार रुपये की मांग किया था. प्रसूता व नवजात शिशु की मौत के बाद कर्मी व डॉक्टर मौके से फरार हो गये.

बिना रजिस्ट्रेशन निजी अस्पताल का हो रहा है संचालन : बिंद में आधा दर्जन से अधिक निजी अस्पताल बिना निबंधन के संचालन किया जा रहा है. प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के ठीक बगल में ऊषा नर्सिंग होम संचालित हो रही है. क्लीनिक के बाहर लगे बोर्ड में नर्सिंग होम के रजिस्ट्रेशन का नंबर भी नहीं लिखा हुआ है. अस्पताल में लगे बैनर में डॉक्टर उदय कुमार, डॉक्टर प्रह्लाद कुमार, डॉक्टर एमएस प्रवाज व डॉक्टर बबिता कुमारी का नाम लिखा हुआ है.

क्या कहते हैं अधिकारी

अवैध रूप से संचालित सभी निजी अस्पतालों की गहन जांच कर बंद कराया जायेगा. आशा को चिह्नित कर कार्रवाई की जायेगी. घटना की जांच की जा रही है. अस्पताल के सभी कर्मी फरार हो गये हैं. शव को पोस्टमार्टम के लिए बिहारशरीफ भेजा गया है.

चंदन कुमार सिंह, थानाध्यक्ष

बिंद में झोला छाप डॉक्टर ने अबतक चार लोगों की ली जान : बिंद में झोलाछाप डाक्टरों ने दो साल के अंदर अब तक चार लोगों को मौत की नींद सुला दिया. पहली घटना कथराही गांव के निजी अस्पताल में घटी. जहां जख्म का इलाज करवाने गये कथराही गांव निवासी रामवली यादव के 40 बर्षीय पुत्र संजीत यादव की मौत हो गयी. दूसरी घटना लोदीपुर के निजी अस्पताल में घटी. जहां प्रसव के लिए गयी गोविंदपुर गांव निवासी पवन कुमार की पत्नी सुसीला देवी कि मौत हो गयी. तीसरी घटना ताजनीपुर नीजि अस्पताल में घटी. जहां पैर में दर्द का इलाज कराने गयी मुन्ना राम की छह वर्षीय पुत्री पीहू कुमारी कि मौत हो गयी. चौथी घटना बिंद के निजी अस्पताल में घटी. जहां प्रसव के दौरान जच्चा-बच्चा दोनों की मौत हो गयी.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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AMLESH PRASAD

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By AMLESH PRASAD

AMLESH PRASAD is a contributor at Prabhat Khabar.

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