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बिहार के मशहूर डॉक्टर दंपती की सड़क दुर्घटना में मौत

Updated at : 31 Jan 2026 10:54 PM (IST)
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बिहार के मशहूर डॉक्टर दंपती की सड़क दुर्घटना में मौत

नगर परिषद बरबीघा क्षेत्र गंगटी गांव निवासी तथा बिहार के मशहूर चिकित्सक 50 वर्षीय डॉ जितेंद्र प्रसाद की सड़क दुर्घटना में दर्दनाक मौत हो गयी.

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बरबीघा. नगर परिषद बरबीघा क्षेत्र गंगटी गांव निवासी तथा बिहार के मशहूर चिकित्सक 50 वर्षीय डॉ जितेंद्र प्रसाद की सड़क दुर्घटना में दर्दनाक मौत हो गयी. इस घटना में उनके साथ कार पर सवार उनकी 45 वर्षीय पत्नी गुड़िया कुमारी भी अकाल मौत की गाल में समा गयी. वे पिछले 10 वर्षों से अररिया सदर अस्पताल में डॉक्टर के पद पर तैनात थे. इससे पहले वह पीएमसीएच पटना सहित कई जिलों के अस्पतालों में अपनी सेवा दे चुके थे. 15 दिन पहले ही उन्हें सिजेरियन सेक्शन में बेहतरीन कार्य करने के लिए राज्य स्वास्थ्य समिति द्वारा सम्मानित किया गया था. वे अपने पीछे दो होनहार बेटों को छोड़ गये. जानकारी के मुताबिक एक बेटा लखनऊ में जबकि दूसरा बेटा कंबोडिया में एमबीबीएस की पढ़ाई कर रहा है. घटना के संबंध में बताया गया कि शनिवार को डॉक्टर साहब अपनी हाउसवाइफ पत्नी के साथ अपनी निजी कार पर सवार होकर अररिया से पटना जा रहे थे. इसी दौरान सुबह चार बजे के आसपास मुजफ्फरपुर हाजीपुर एनएच 22 पर सराय थाना क्षेत्र के टोल प्लाजा के पास सड़क किनारे खड़ी एक कंटेनर में उनके कार के ड्राइवर ने अनियंत्रित होकर पीछे से जोरदार टक्कर मार दिया. घटना का कारण घना कोहरा बताया जा रहा है. टक्कर इतना भीषण था की गाड़ी के परखच्चे उड़ गए. घटना के बाद मौके पर पहुंची पुलिस ने कार के अंदर फंसे डॉक्टर दंपति को बाहर निकाल कर हाजीपुर सदर अस्पताल पहुंचाया. लेकिन, अस्पताल पहुंचने पर चिकित्सकों ने डाक्टर दंपति को मृत घोषित कर दिया. वही गंभीर हालत में कार के ड्राइवर को हाजीपुर सदर अस्पताल में इलाज चल रहा है. इस बीच एक चौंकाने वाली घटना भी सामने आयी. दरअसल कार में डॉक्टर साहब का कुत्ता भी था जो इस घटना में बिल्कुल सुरक्षित बच गया. गांव में पसरा मातमी सन्नाटा : पोस्टमार्टम होने के बाद डॉक्टर जितेंद्र प्रसाद और उनकी पत्नी का शव शनिवार की देर संध्या उनके पैतृक गांव गंगटी पहुंचा. दोनों का शव पहुंचते ही पूरा गांव गमगीन हो उठा. उनकी एक झलक पाने के लिए पूरा गांव उमड़ पड़ा. डॉ जितेंद्र चार भाइयों में तीसरे नंबर पर थे.वे हमेशा गांव वालों का इलाज करवाने में भी मदद किया करते थे. परिजनों ने बताया कि उनका एक बेटा लखनऊ से गांव पहुंच चुका है. कंबोडिया से दूसरे बेटे के गांव पहुंचने के बाद रविवार को दाह संस्कार किया जायेगा.

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AMLESH PRASAD

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By AMLESH PRASAD

AMLESH PRASAD is a contributor at Prabhat Khabar.

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