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एएनएम स्कूल के जर्जर भवन में रहने को मजबूर हैं 189 छात्राएं

Updated at : 31 Jul 2025 9:36 PM (IST)
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एएनएम स्कूल के जर्जर भवन में रहने को मजबूर हैं 189 छात्राएं

मॉडल अस्पताल से संचालित एएनएम (ऑक्जिलियरी नर्स मिडवाइफरी) स्कूल की छात्राओं की दुर्दशा एक बार फिर सामने आई है.

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बिहारशरीफ. मॉडल अस्पताल से संचालित एएनएम (ऑक्जिलियरी नर्स मिडवाइफरी) स्कूल की छात्राओं की दुर्दशा एक बार फिर सामने आई है. सोशल मीडिया पर वायरल हुए एक वीडियो में स्कूल छात्रावास की खस्ताहाल हालत स्पष्ट दिखाई दे रही है, जिससे स्वास्थ्य और सुरक्षा से जुड़ी गंभीर चिंताएं उठ खड़ी हुई हैं. फोटो में देखा जा सकता है कि छात्रावास की छत से लगातार पानी टपक रहा है, और बिस्तरों पर बाल्टियों में वह पानी इकट्ठा किया जा रहा है. छत से प्लास्टर गिरने जैसी घटनाएं भी सामने आ चुकी हैं, जो छात्राओं के लिए जानलेवा साबित हो सकती थीं. सौभाग्यवश घटना के समय कोई छात्रा बिस्तर पर मौजूद नहीं थी. छात्राएं बोलने से डरती हैं, प्रबंधन से नहीं मिलती राहत छात्राओं के अनुसार वे लंबे समय से इन समस्याओं का सामना कर रही हैं, लेकिन प्रबंधन के डर से खुलकर कुछ कहने से कतराती हैं. इससे पहले भी इस हॉस्टल में विषैले सांप देखे जाने की घटनाएं हो चुकी हैं, खासकर भवन के पश्चिमी हिस्से में फैली गंदगी और झाड़ियों के कारण. एएनएम स्कूल की प्राचार्या अलका रानी ने हालात की गंभीरता को स्वीकारते हुए बताया कि भवन जर्जर हो चुका है और इसकी जानकारी सिविल सर्जन नालंदा को दी गई है. उन्होंने कहा कि छात्राओं को सदर अस्पताल के पुराने भवन के लेबर वार्ड में स्थानांतरित करने की योजना है, लेकिन वहां सुरक्षा और बाथरूम जैसी बुनियादी सुविधाओं की कमी के कारण फिलहाल यह संभव नहीं हो पा रहा है. इस समय एएनएम स्कूल में दो बैच में कुल 189 छात्राएं अध्ययनरत हैं. भवन के जिन हिस्सों में खतरा अधिक है, वहां से छात्राओं को अस्थायी रूप से अन्य कमरों में शिफ्ट कर दिया गया है. पूरी इमारत को गिराने की जिम्मेदारी बिहार मेडिकल इंफ्रास्ट्रक्चर इम्प्लीमेंटेशन कॉरपोरेशन लिमिटेड को सौंपी गई है. नई इमारत के निर्माण का प्रस्ताव भी भेजा गया है, लेकिन अभी तक अप्रूवल नहीं मिला है. यह सवाल उठता है कि जब वर्षों से इस स्कूल में ऐसी समस्याएं बनी हुई हैं, तो स्थायी समाधान में इतनी देरी क्यों? और क्या छात्राओं की जान को इस तरह जोखिम में डालना स्वीकार्य है.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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SANTOSH KUMAR SINGH

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By SANTOSH KUMAR SINGH

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