नालंदा की सोनल ने आठ लाख रूपये में किया डील

शेखपुरा. दारोगा भर्ती परीक्षा में फर्जी परीक्षार्थी के साथ पकड़ाये मास्टरमाइंड नालंदा की सोनल आठ लाख रूपये में इस खेल को अंजाम तक पहुंचाने का सौदा किया था.
स्कॉलर जुटाने का है मास्टर माईंड.
शेखपुरा. दारोगा भर्ती परीक्षा में फर्जी परीक्षार्थी के साथ पकड़ाये मास्टरमाइंड नालंदा की सोनल आठ लाख रूपये में इस खेल को अंजाम तक पहुंचाने का सौदा किया था. इस बड़ी रकम में ढाई लाख रुपए एडवांस सोनल के पिता को मिल भी गया था. परीक्षा में बैठने के लिए स्कॉलर कुंदन को फिलहाल 50 हजार रूपये का भुगतान किए गए थे. जबकि परीक्षा के बाद 50 हजार रूपये और देना था. बुधवार को शेखपुरा पुलिस को मिली बड़ी कामयाबी के बाद देर रात तक अनुसंधान और साक्ष्य जुटाने से लेकर प्राथमिक की दर्ज करने का मामला चलता रहा. इन तमाम प्रक्रिया अपनाने के बाद इस खेल में शामिल तीन आरोपियों को जेल भेज दिया गया. हालांकि, फर्जी परीक्षार्थी और मास्टरमाइंड सोनम को अपने भाड़े के गाड़ी पर लेकर आने वाले वाहन मालिक और वाहन को छोड़ दिया गया. ज्ञात हो की शेखपुरा शहर के डीएम मॉडल उच्च विद्यालय परीक्षा केंद्र से नालंदा जिले के नूरसराय थाना अंतर्गत बेलसर गांव निवासी उमेश चौधरी के पुत्र कुंदन कुमार को फर्जी परीक्षार्थी के रूप में गिरफ्तार किया था. इस मामले में मास्टरमाइंड बिहारशरीफ के खंदक पर निवासी किशोरी पासवान की पुत्री सोनल कुमारी एवं नालंदा जिले के बिहारशरीफ थाना अंतर्गत सैदी गांव निवासी प्रकाश पासवान के पुत्र राजीव कुमार को गिरफ्तार किया था. इन तमाम आरोपियों के यहां से चार मोबाइल एवं फोटो एडिट किया हुआ है. दरोगा भर्ती परीक्षा का एडमिट कार्ड एवं फोटो एडिट किया हुआ आधार कार्ड भी बरामद किया था. इन तमाम कार्रवाई के बाद आरोपियों को जेल भेज दिया गया है.
गिरफ्तार राजीव से जुड़ा है किंगपिन का तार
पुलिस सूत्रों की माने तो इस खेल का पहला किरदार सैदी गांव का राजीव है. राजीव का ही कोई रिश्तेदार दरोगा भर्ती परीक्षा में सेटर का काम करता है. राजीव के संपर्क में गिरफ्तार मास्टरमाइंड सोनल थी. सोनल ने ही नालंदा के नूरसराय थाना अंतर्गत पपरनौसा गांव निवासी संजय पासवान के पुत्र शोभी कुमार से 8 लाख रूपये में दरोगा की लिखित परीक्षा पास करने का सौदा किया था. बड़ी बात यह है कि इस खेल को अंजाम तक पहुंचाने के लिए बिहारशरीफ की सोनल ने स्कॉलर के रूप में फर्जी परीक्षार्थी का किरदार निभाने के लिए कुंदन से सौदा किया. सोनल के मोबाइल और बैंक खाते से खुलेगा राजगिरफ्तार सोनल दो एंड्राइड मोबाइल इस्तेमाल करती थी. पुलिस ने सोनल के दोनों ही मोबाइल को जप्त कर अनुसंधान शुरू कर दिया है. पुलिस सूत्रों के मुताबिक सोनल के व्हाट्सएप पर मैट्रिक और इंटरमीडिएट परीक्षा के लिए भी बड़ी संख्या में एडमिट कार्ड होने की जानकारी मिली है. ऐसी स्थिति में पुलिस को यह भी अंदेशा है कि परीक्षाओं में फर्जीवाड़ा के लिए यह आरोपी पेशेवर तो नहीं है. ऐसी स्थिति में सोनल के मोबाइल के साथ-साथ उससे जुड़े बैंक खाता की जांच भी की जा रही है. इस पूरे मामले में बैंक खाते के जरिए लेनदेन से कई राज खुलने के आसार भी दिख रहा है. बुधवार को शेखपुरा पुलिस की सजगता ने जिस प्रकार दरोगा भर्ती परीक्षा में फर्जीवाड़ा का उजागर किया है. इससे कई मामलों के उद्वेदन के आसार बढ़ने लगे हैं.
शिक्षक भर्ती में 2023 में जहानाबाद जेल जा चुका है कुंदन
दरोगा भर्ती परीक्षा के दौरान फर्जी परीक्षार्थी के रूप में गिरफ्तार कुंदन पेशेवर सॉल्वर है. पुलिस सूत्रों के मुताबिक 2023 में शिक्षक बहाली के दौरान भी वह जहानाबाद में फर्जी परीक्षार्थी की भूमिका में गिरफ्तार कर जेल भेजा गया था. हालांकि, इस पूरे मामले में मास्टरमाइंड की भूमिका निभा रही सोनल सॉल्वर गैंग का हिस्सा एक साल पहले ही बनी थी. हालांकि मामले में गिरफ्तार सभी आरोपियों के आपराधिक इतिहास को भी खंगाला जा रहा है. इसके साथ ही पुलिस पकड़ से दूर आरोपियों के लिए भी पुलिस चक्रव्यूह तैयार करने में जुटी है.
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