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स्मार्ट मीटर उपभोक्ताओं के बीच ज्यादा पारदर्शी : डीएम

Updated at : 05 Oct 2024 8:58 PM (IST)
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स्मार्ट मीटर उपभोक्ताओं के बीच ज्यादा पारदर्शी : डीएम

विधुत स्मार्ट मीटर उपभोक्ताओं के बीच ज्यादा पारदर्शी है. हम प्रतिदिन कितने यूनिट बिजली खपत कर रहे हैं. इसका खुद आकलन किया जा सकता है.

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शेखपुरा. विधुत स्मार्ट मीटर उपभोक्ताओं के बीच ज्यादा पारदर्शी है. हम प्रतिदिन कितने यूनिट बिजली खपत कर रहे हैं. इसका खुद आकलन किया जा सकता है. स्मार्ट मीटर मोबाइल की तरह ही प्रीपेड रिचार्ज कराकर इसका उपयोग किया जा सकता है. इससे गलत बिजली बिल की परेशानी से भी निजात मिलेगी. यह बातें डीएम आरिफ अहसन ने समाहरणालय सभागार में आयोजित प्रेस कांफ्रेंस में पत्रकारों को संबोधित करते हुए कही. इस मौके पर विधुत विभाग के कार्यपालक अभियंता राकेश कुमार भी मौजूद थे. इस मौके पर डीएम ने कहा कि स्मार्ट मीटर को लेकर कई प्रकार की भ्रांतियां और गलतफहमियां है. इसको लेकर विरोध प्रदर्शन भी किया गया है. सरकार लगातार विभिन्न माध्यमों से इस संबंध में लोगों को जागरूक करने में जुटी हैं. डीएम ने कहा कि यह कहा जा रहा है कि यह डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी के फायदे के लिये स्मार्ट मीटर लगाए जा रहे हैं. जबकि,यह मोबाइल की तरह प्रीपेड रिचार्ज किया जा रहा है. इसमें उपभोक्ताओं को तीन प्रतिशत तक की छूट दी जा रही है. जबकि,पुराने मीटर में छूट नहीं था. पुराने मीटर के कनेक्शन लगाने में एक्स्ट्रा चार्ज लिया जा रहा था. जबकि, नए स्मार्ट मीटर लगाने में कोई चार्ज नहीं लिया जा रहा है. इसी तरह से पुराने मीटर से स्मार्ट मीटर के तेज चलने की अफवाह है. लेकिन ऐसा कुछ भी नहीं है. इसको लेकर लोगों को जागरूक करने के उदेश्य से ग्रामीण क्षेत्रों में सबसे पहले सार्वजनिक स्थलों ,जन प्रतिनिधियों ,मुखिया के घर के आगे स्मार्ट मीटर लगाकर उसे लोगों को प्रदर्शित किया जायेगा. जहां लोग खुद यह देख सकते हैं कि पुराने और नए मीटर के रीडिंग में क्या अंतर आ रहा है. नया पुराने वाले से तेज चलता है. जिससे यह भ्रांति दूर हो जायगी. ग्रामीण क्षेत्र के उपभोक्ता जिन्हें रिचार्ज करने में परेशानी होगी उन्हें कॉमन स्विस सेंटर से रिचार्ज की सुविधा मिलेगी. अब रिचार्ज खत्म होने पर भी दिन के 10 से 01 बजे के बीच कटेगी बिजली डीएम ने कहा अत्यधिक बिजली उपयोग करने वाले उपभोक्ता इसमें कम से कम दो हजार रुपए का बैलेंस रखते हैं तो उन्हें इस पर बैंक की तरह ब्याज भी मिलेगा.इससे उपभोक्ताओं को फायदा होगा. वहीं, रिचार्ज की राशि ख़त्म होने पर अब बिजली की सप्लाई रात में बंद नहीं होगी. बल्कि, अब दिन के 10 बजे से 1 बजे के बीच भी रिचार्ज खत्म होने पर बिजली सप्लाई बंद होगी. वहीं, रविवार और त्यौहार के दिनों में राशि खत्म होने के बाद भी बिजली सप्लाई जारी रहेगी. उन्होंने कहा कि अगर आप को काम कर रहे हैं और बिजली रिचार्ज खत्म होने के साथ बंद हो गयी. तो आप निर्बाध बिजली पाने के लिये मीटर में एक ब्लैक कलर का बटन है उसे दबाकर रिस्टार्ट करंगे और बिजली की सप्लाई चालू हो जायेगी. यह राशि बाद में रिचार्ज कराने पर कटेगी. 15 नवंबर तक सभी कार्यालयों में लगेगा स्मार्ट मीटर डीएम ने कहा कि हर बिजली के कनेक्शन का एक लोड होता है.लोड क्रॉस लिमिट पार करने पर रिचार्ज खत्म हो जाता है. अगर उपभोक्ता निर्धारित लोड से ज्यादा बिजली खपत करने हैं तो उन्हें छह महीने तक लोड बढ़ाने का मौका मिलता है. रिचार्ज करने के बाबजूद बिजली भाल नहीं होने की स्थिति में ब्लैक बटन को 20 सेकेण्ड दबाने पर बिजली सप्लाई चालु हो जायगी. वहीं, सभी सरकारी कार्यालयों में प्रखंड अंचल सहित सभी संस्थानों में 15 नवंबर तक हर हाल में प्रीपेड स्मार्ट मीटर लगाना अनिवार्य है . घाटकुसुम्भा प्रखंड में 62 प्रतिशत घरों में लगा स्मार्ट मीटर जिले में कुल 78 हजार 256 विधुत उपभोक्ता हैं. जिनमें 35 हजार 118 उपभोक्ताओं के घरों में विधुत मीटर लगाया जा चूका हैं. यानि 43 प्रतिशत उपभोक्ताओं के यहां स्मार्ट मीटर लगाए जा चुके हैं. शेखपुरा जिले में सबसे ज्यादा विधुत स्मार्ट मीटर लगाने के मामले में घाटकुसुम्भा प्रखंड अव्वल है.इस संबंध में विधुत विभाग के कार्यपालक अभियंता राकेश कुमार ने बताया कि घाटकुसुम्भ प्रखंड में 62 प्रतिशत उपभोक्ताओं के यहां स्मार्ट मीटर लगाया जा चूका है. जबकि, इसके बाद बरबीघा में 59 प्रतिशत ,चेवाड़ा में 57 प्रतिशत, शेखपूरा ग्रामीण क्षेत्र में 28 प्रतिशत और शेखपुरा शहरी क्षेत्र में 35 प्रतिशत उपभोक्ता के यहां स्मार्ट मीटर लगाया जा चूका है. बिजली पर सरकार दे रही सब्सिडी डीएम ने कहा कि बिजली उपभोक्ताओं को सरकार सब्सिडी पर कम दर में बिजली मुहैया करा रही है. उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों का दर 7.42 रुपया प्रति यूनिट की दर निर्धरित है, इसपर 4.47 सब्सिडी दी जा रही है. जबकि,उपभोक्ताओं को 2.45 रुपया प्रति यूनिट की दर से बिजली मुहैया करायी जा रही है. इसी तरह से ग्रामीण क्षेत्रों में व्यवसायिक उपभोक्ताओं के लिये 7.79 प्रति यूनिट की दर निर्धारित है.इस पर 4.44 रुपया सब्सिडी दी जा रही है,उपभोक्ताओं को 3.35 रुपया प्रति यूनिट दी जा रही है. इसी प्रकार से किसानों को खेती के लिये 6.74 रुपया प्रति यूनिट में 6.19 रुपया सब्सिडी दी जा रही है और किसानों को 55 पैसे प्रति यूनिट बिजली दी जा रही है. इसी तरह से शहरी उपभोक्ताओं को भी सब्सिडी पर बिजली मुहैया कराई जा रही है.

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